फार्मर आईडी जल्दी बनवाए | नहीं तो नहीं मिलेगा कोई भी सब्सिडी या रूपया

By: arcarrierpoint

On: Monday, January 12, 2026 8:03 PM

फार्मर आईडी जल्दी बनवाए | नहीं तो नहीं मिलेगा कोई भी सब्सिडी या रूपया
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फार्मर आईडी जल्दी बनवाए | नहीं तो नहीं मिलेगा कोई भी सब्सिडी या रूपया:-सरकार द्वारा किसानों के लिए फार्मर आईडी (Farmer Registry ID) को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य सभी किसान योजनाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले के 17 प्रखंडों में करीब 75 प्रतिशत किसान फार्मर आईडी के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं

इस लेख में आपको फार्मर आईडी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी—समस्या, कारण, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, स्टेटस चेक और समाधान।

सरकार की ओर से किसान हित में फार्मर आईडी की पहल की गई है। लेकिन अंचल कार्यालय के झोल के चलते जिले के 17 प्रखंडों के करीब 75 फीसदी किसान फार्मर आईडी बनाने के लिए दर दर भटक रहे है। अंचल कार्यालय ने इनके कागजात दुरुस्त नहीं किए है और नहीं जमाबंदी कायम की है। जब तक जमाबंदी वर्तमान किसान के नाम पर नहीं होगी उनका फार्मर आईडी बनना मुश्किल है।

व्यापक पैमाने पर 2025 के सितंबर माह में राजस्व महाअभियान चलाकर दस्तावेज, जमांबदी सहित कई प्रकार की त्रुटियों के सुधार के लिए गांव गांव शिविर का आयोजन किया गया था। लाखों रक्तों ने सुधार का आवेदन भी दिया था। लेकिन, अंचल कार्यालय की नाकामी की वजह से रैयतों के कागजात दुरुस्त नहीं किए जा सके। अब जब फार्मर आईडी बनाने का समय निर्धारित हुआ और किसान उसके लिए शिविरों में पहुंचने लगे तो उनके सामने जमाबंदी वाली समस्या जस की तस बनी दिख रही है।

आपका कागजात ही दुरूस्त नहीं है। इससे उनको निराशा तो हाथ लगती ही है साथ ही अंचल कर्मियों पर क्रोध भी आता है। यहां बता दें कि फार्मर आईडी के लिए पहले 10 जनवरी तक का समय दिया गया था। लेकिन लोगों की समस्याओं को देखते हुए अब 21 जनवरी तक बढ़ाया गया है।

ठकराहां कड़ाके की ठंढ में 3 किलोमीटर से ठकराहां पहुंचे मैनेजर यादव ने बताया कि 20 दिन पहले खाता खेसरा सुधार के लिए परिमार्जन किया था। ऑनलाइन नहीं होने से वापस होना पड़ रहा है। कुशीनगर के बभनौली से आए 60 वर्षीय फिरंगी प्रसाद ने कहा पूर्वजों के नाम पर जमाबंदी सुधार के लिए आवेदन किया हूं। ऑनलाइन नहीं होने से आना बेकार हो गया। बगहा-2: हरनाटांड़ के रमेश महतो, चन्द्रभान काजी ने बताया कि कहा जा रहा कि जमीन पूर्वजों के नाम है आईडी नहीं बनेगा।

ऑनलाइन रसीद कट रही है। ऐप पर खेसरा दूसरे का बता रहा, जिससे पंजीयन नहीं हुआ। मझौलिया : रमपुरवा महनवा के हसमत अली, बसरा के अनवर आलम, केशोवन के विनोद यादव, शंभू ठाकुर, हरि पकड़ी के बाबू लाल प्रसाद, बैठनिया के लालबाबू साह बोले जमीन पूर्वजों के नाम पर है। कर्मी पंजीयन नहीं कर रहे। चनपटिया : महना कुली के संतोष सिंह ने बताया कि परिमार्जन का आवेदन किया था, नहीं हुआ।

जिले के वरीय पदाधिकारी ने समस्याओं के समाधान बताए :-

  1. प्रश्न:- बहुत किसानों का मोबाइल व आधार एक दूसरे से लिंक नहीं है
    • उत्तर :- जिन किसानों का मोबाइल व आधार लिंक नहीं है। उनका कैंप में ही फेस डिटेक्टर से काम हो जाएगा। वैसे लिंक करवा लेने से सुविधा होगी।
  2. प्रश्न:- हर किसान की जमाबंदी नहीं है। जिनकी जमाबंदी है तो उनकी रसीद पर खाता व खेसरा नंबर अंकित नहीं है।
    • उत्तरः- जमीन से संबंधित कागजात को अध्ययन करवाना अनिवार्य है। कैंप में सीओ कार्यालय के कर्मी रहते हैं। उनके सारी जानकारी उपलब्ध कर लें। फार्मर आईडी के लिए किसानों के नाम से जमाबंदी अनिवार्य है।
  3. प्रश्नः- बकेट लिस्ट में किसानों का नाम नहीं
    • उत्तरः- वंचित किसानों की लिस्ट आने वाली है।
  4. प्रश्नः- बकेट लिस्ट में नाम रहने एवं मोबाइल व आधार लिंक रहने के बावजूद फार्मर आईडी नहीं बन रहा है।
    • उत्तरः- आधार, जमाबंदी व बकेट लिस्ट में एक नाम, खाता व खेसरा नंबर होना चाहिए।
  5. प्रश्नः- फार्मर आईडी बनाने के लिए क्या और कोई विकल्प है।
    • उत्तर:- हां। कैंप में जाना संभव नहीं है तो किसान सीएससी में जाकर या स्वयं के मोबाइल से विभाग की बेवसाइट पर जाकर स्वयं कर सकते हैं।

आवेदन सुधार के लिए रैयतों को आवश्यक कागजात प्रस्तुत करना होगा। सभी सीओ को कहा गया है कि जरूरी कागजातों को लेने के बाद यथा शीघ्र कार्रवाई करें। आईडी कार्ड बनाने में दिक्कत नहीं हो इसके लिए शिविर में राजस्व कर्मचारी को रखा गया है व उसका निष्पादन कराया गया है। राजीव रंजन सिन्हा, एडीएम, पश्चिम चंपारण।

फार्मरआईडी किसानों की एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जिसके जरिए सरकार किसान से जुड़ी सभी योजनाओं को सीधे लाभार्थी से जोड़ती है।

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan)
  • फसल बीमा योजना
  • खाद-बीज व कृषि उपकरणों पर सब्सिडी
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
  • केंद्र व राज्य सरकार की सभी नई योजनाएं

सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि भविष्य में फार्मर आईडी के बिना किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

कई किसानों ने बताया कि उन्होंने सभी दस्तावेज जमा कर दिए, फिर भी महीनों से आवेदन Pending है।

  • आधार और जमीन रिकॉर्ड में नाम की गड़बड़ी
  • खतौनी/खसरा में गलत जानकारी
  • ऑनलाइन डेटा एंट्री में त्रुटि
  • नेटवर्क या सिस्टम फेल होना

यदि समय रहते फार्मर आईडी नहीं बनी तो किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है—

  • PM-Kisan की किस्त रुक सकती है
  • फसल बीमा का लाभ नहीं मिलेगा
  • खाद-बीज सब्सिडी बंद हो सकती है
  • भविष्य की सरकारी योजनाओं से बाहर हो सकते हैं

यानी फार्मर आईडी नहीं तो सरकारी लाभ नहीं।

  1. अपने नजदीकी अंचल कार्यालय / प्रखंड कार्यालय जाएं
  2. “फार्मर आईडी / किसान रजिस्ट्री” काउंटर पर संपर्क करें
  3. सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें
  4. कर्मचारी ऑनलाइन एंट्री करेंगे
  5. आवेदन रसीद / आवेदन संख्या प्राप्त करें
  6. सत्यापन पूरा होने पर फार्मर आईडी जारी होगी

इसमें आमतौर पर 7 से 21 दिन लग सकते हैं।

  1. राज्य के किसान रजिस्ट्री / फार्मर आईडी पोर्टल पर जाएं
  2. New Farmer Registration पर क्लिक करें
  3. मोबाइल नंबर से OTP द्वारा लॉगिन करें
  4. व्यक्तिगत व भूमि विवरण भरें
  5. आधार लिंक करें
  6. फॉर्म सबमिट कर आवेदन संख्या सुरक्षित रखें

ऑनलाइन आवेदन के बाद भी अंचल कार्यालय द्वारा सत्यापन जरूरी होता है।

  • आधार कार्ड
  • जमीन का रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी)
  • बैंक पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

ध्यान रखें:-
सभी दस्तावेजों में नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि एक जैसी होनी चाहिए।

  1. किसान रजिस्ट्री / फार्मर आईडी पोर्टल खोलें
  2. “Check Status” विकल्प चुनें
  3. आवेदन संख्या या मोबाइल नंबर डालें
  4. OTP दर्ज करें
  5. स्क्रीन पर स्टेटस देखें

यदि लंबे समय तक स्टेटस Pending रहे, तो अंचल कार्यालय से संपर्क करें।

  • गलत या अधूरी जानकारी भरना
  • आधार और जमीन रिकॉर्ड में नाम अलग होना
  • गलत मोबाइल नंबर देना
  • दस्तावेज पूरे न लगाना

इन गलतियों से बचें, तभी आवेदन जल्दी स्वीकृत होगा।

  • आवेदन की रसीद सुरक्षित रखें
  • अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत दें
  • प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें
  • जरूरत पड़े तो जिला जन-शिकायत केंद्र में आवेदन करें

फार्मर आईडी सरकार की एक अहम योजना है, लेकिन अंचल कार्यालयों की अव्यवस्था ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है
यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो लाखों किसान सरकारी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।

इसलिए सभी किसानों से अपील है कि जल्द से जल्द फार्मर आईडी के लिए आवेदन करें, दस्तावेज सही रखें और अपने आवेदन की स्थिति पर नजर बनाए रखें।

विवरणलिंक
किसान आईडी / फार्मर रजिस्ट्री आधिकारिक पोर्टलhttps://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh
Farmer Registry Loginhttps://bhfr.agristack.gov.in
आधार कार्ड आधिकारिक वेबसाइटhttps://uidai.gov.in
बिहार भूमि (जमाबंदी देखे)https://biharbhumi.bihar.gov.in
PM किसान सम्मान निधि पोर्टलhttps://pmkisan.gov.in
कृषि विभाग बिहारhttps://dbtagriculture.bihar.gov.in
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहारhttps://biharbhumi.bihar.gov.in
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