भारत का सभी राष्ट्रीय प्रतीक तथा उन्हें कब और क्यों अपनाया गया- जाने

By: arcarrierpoint

On: Wednesday, January 28, 2026 9:19 AM

भारत का सभी राष्ट्रीय प्रतीक तथा उन्हें कब और क्यों अपनाया गया- जाने
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भारत का सभी राष्ट्रीय प्रतीक तथा उन्हें कब और क्यों अपनाया गया- जाने:-भारत एक प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और गहरे ऐतिहासिक मूल्यों वाला देश है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने अपनी पहचान, संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाने के लिए कुछ राष्ट्रीय प्रतीक (National Symbols of India) अपनाए।
ये प्रतीक केवल चिन्ह नहीं हैं, बल्कि भारत की आत्मा, परंपरा, संस्कृति और एकता को दर्शाते हैं।

  • भारत के सभी राष्ट्रीय प्रतीक कौन-कौन से हैं
  • उन्हें कब अपनाया गया
  • उन्हें क्यों चुना गया
  • उनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

राष्ट्रीय प्रतीक वे चिन्ह होते हैं जो किसी देश की पहचान, मूल्य, संस्कृति और संप्रभुता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत में राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग—

  • सरकारी दस्तावेज़ों
  • अंतरराष्ट्रीय मंचों
  • शैक्षणिक पुस्तकों
  • राष्ट्रीय आयोजनों
    • में किया जाता है।

कब अपनाया गया:– 22 जुलाई 1947

राष्ट्रीय ध्वज भारत की स्वतंत्रता, बलिदान और एकता का प्रतीक है।

  • केसरिया (ऊपर):– साहस, त्याग और बलिदान
  • सफेद (बीच):– शांति और सत्य
  • हरा (नीचे):– विकास, उन्नति और समृद्धि
  • नीले रंग का 24 तीलियों वाला चक्र
  • धर्म, कानून और निरंतर प्रगति का प्रतीक

कब अपनाया गया:– 26 जनवरी 1950

यह मौर्य सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से लिया गया है।

  • चार सिंह (चारों दिशाओं की ओर देखते हुए)
  • नीचे लिखा है: “सत्यमेव जयते”
  • शक्ति, साहस और आत्मविश्वास
  • सत्य की सदैव विजय

कब अपनाया गया:– 26 जनवरी 1950

सत्य की ही हमेशा जीत होती है

यह मंत्र मुण्डक उपनिषद से लिया गया है।

कब अपनाया गया:– 24 जनवरी 1950

रवीन्द्रनाथ टैगोर

यह गीत भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में बांधता है।

कब अपनाया गया:– 24 जनवरी 1950

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

  • स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत
  • मातृभूमि के प्रति प्रेम का प्रतीक

कब अपनाया गया:– 1973

  • शक्ति, साहस और शान का प्रतीक
  • भारत में बड़ी संख्या में पाया जाता है

कब अपनाया गया:– 1963

  • सौंदर्य और गरिमा का प्रतीक
  • भारतीय संस्कृति और लोककथाओं से जुड़ा

कब अपनाया गया:– 1950 के दशक में

  • कीचड़ में खिलकर भी पवित्र रहता है
  • आशा, शुद्धता और सकारात्मकता का प्रतीक
  • दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक
  • भारतीय गांवों और संस्कृति से गहरा संबंध
  • फलों का राजा
  • भारत में सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला फल
  • आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
  • करोड़ों लोगों की जीवनरेखा

कब अपनाया गया:– 2009

  • विलुप्त होने की कगार पर
  • जैव विविधता का संरक्षण
  • भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियां
  • ओलंपिक में गौरवशाली प्रदर्शन

कब अपनाया गया:– 1957

  • सरकारी कार्यों में
  • भारतीय परंपरा का प्रतिनिधित्व

कब अपनाया गया:– 2010

  • आर्थिक पहचान
  • भारतीय संप्रभुता का प्रतीक

🇮🇳 राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व

  • देश की पहचान
  • नागरिकों में गर्व की भावना
  • नई पीढ़ी को सांस्कृतिक शिक्षा
  • अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की अलग पहचान

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक केवल चिन्ह नहीं हैं, बल्कि वे हमारे इतिहास, संस्कृति, संघर्ष और आत्मसम्मान की कहानी कहते हैं।
हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह—

  • इन प्रतीकों का सम्मान करे
  • उनके महत्व को समझे
  • अगली पीढ़ी को इनके बारे में बताए
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