भारत का सभी राष्ट्रीय प्रतीक तथा उन्हें कब और क्यों अपनाया गया- जाने:-भारत एक प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और गहरे ऐतिहासिक मूल्यों वाला देश है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने अपनी पहचान, संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाने के लिए कुछ राष्ट्रीय प्रतीक (National Symbols of India) अपनाए।
ये प्रतीक केवल चिन्ह नहीं हैं, बल्कि भारत की आत्मा, परंपरा, संस्कृति और एकता को दर्शाते हैं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे—
- भारत के सभी राष्ट्रीय प्रतीक कौन-कौन से हैं
- उन्हें कब अपनाया गया
- उन्हें क्यों चुना गया
- उनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
राष्ट्रीय प्रतीक क्या होते हैं?
राष्ट्रीय प्रतीक वे चिन्ह होते हैं जो किसी देश की पहचान, मूल्य, संस्कृति और संप्रभुता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत में राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग—
- सरकारी दस्तावेज़ों
- अंतरराष्ट्रीय मंचों
- शैक्षणिक पुस्तकों
- राष्ट्रीय आयोजनों
- में किया जाता है।
🇮🇳 भारत के प्रमुख राष्ट्रीय प्रतीक (पूरी सूची)
1. राष्ट्रीय ध्वज – तिरंगा 🇮🇳
कब अपनाया गया:– 22 जुलाई 1947
क्यों अपनाया गया?
राष्ट्रीय ध्वज भारत की स्वतंत्रता, बलिदान और एकता का प्रतीक है।
तिरंगे के रंगों का अर्थ:-
- केसरिया (ऊपर):– साहस, त्याग और बलिदान
- सफेद (बीच):– शांति और सत्य
- हरा (नीचे):– विकास, उन्नति और समृद्धि
अशोक चक्र:-
- नीले रंग का 24 तीलियों वाला चक्र
- धर्म, कानून और निरंतर प्रगति का प्रतीक
2. राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न (राजचिह्न) – अशोक स्तंभ
कब अपनाया गया:– 26 जनवरी 1950
क्यों अपनाया गया?
यह मौर्य सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से लिया गया है।
विशेषताएं:-
- चार सिंह (चारों दिशाओं की ओर देखते हुए)
- नीचे लिखा है: “सत्यमेव जयते”
अर्थ:-
- शक्ति, साहस और आत्मविश्वास
- सत्य की सदैव विजय
3. राष्ट्रीय आदर्श वाक्य – सत्यमेव जयते
कब अपनाया गया:– 26 जनवरी 1950
अर्थ:-
सत्य की ही हमेशा जीत होती है
यह मंत्र मुण्डक उपनिषद से लिया गया है।
4. राष्ट्रीय गान – जन गण मन
कब अपनाया गया:– 24 जनवरी 1950
रचयिता:-
रवीन्द्रनाथ टैगोर
क्यों अपनाया गया?
यह गीत भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में बांधता है।
5. राष्ट्रीय गीत – वंदे मातरम्
कब अपनाया गया:– 24 जनवरी 1950
रचयिता:-
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
महत्व:-
- स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत
- मातृभूमि के प्रति प्रेम का प्रतीक
6. राष्ट्रीय पशु – बाघ
कब अपनाया गया:– 1973
क्यों चुना गया?
- शक्ति, साहस और शान का प्रतीक
- भारत में बड़ी संख्या में पाया जाता है
7. राष्ट्रीय पक्षी – मोर 🦚
कब अपनाया गया:– 1963
महत्व:-
- सौंदर्य और गरिमा का प्रतीक
- भारतीय संस्कृति और लोककथाओं से जुड़ा
8. राष्ट्रीय फूल – कमल
कब अपनाया गया:– 1950 के दशक में
क्यों चुना गया?
- कीचड़ में खिलकर भी पवित्र रहता है
- आशा, शुद्धता और सकारात्मकता का प्रतीक
9. राष्ट्रीय वृक्ष – बरगद
महत्व:-
- दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक
- भारतीय गांवों और संस्कृति से गहरा संबंध
10. राष्ट्रीय फल – आम
क्यों चुना गया?
- फलों का राजा
- भारत में सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला फल
11. राष्ट्रीय नदी – गंगा
महत्व:-
- आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
- करोड़ों लोगों की जीवनरेखा
12. राष्ट्रीय जलीय जीव – गंगा डॉल्फिन
कब अपनाया गया:– 2009
कारण:-
- विलुप्त होने की कगार पर
- जैव विविधता का संरक्षण
13. राष्ट्रीय खेल – हॉकी
महत्व:-
- भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियां
- ओलंपिक में गौरवशाली प्रदर्शन
14. राष्ट्रीय कैलेंडर – शक संवत
कब अपनाया गया:– 1957
उपयोग:-
- सरकारी कार्यों में
- भारतीय परंपरा का प्रतिनिधित्व
15. राष्ट्रीय मुद्रा प्रतीक – ₹
कब अपनाया गया:– 2010
महत्व:-
- आर्थिक पहचान
- भारतीय संप्रभुता का प्रतीक
🇮🇳 राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व
- देश की पहचान
- नागरिकों में गर्व की भावना
- नई पीढ़ी को सांस्कृतिक शिक्षा
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की अलग पहचान
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक केवल चिन्ह नहीं हैं, बल्कि वे हमारे इतिहास, संस्कृति, संघर्ष और आत्मसम्मान की कहानी कहते हैं।
हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह—
- इन प्रतीकों का सम्मान करे
- उनके महत्व को समझे
- अगली पीढ़ी को इनके बारे में बताए
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