यूपीएससी टॉपर की सफलता की कहानी | मिलिए यूपीएससी टॉपर 2026 से

By: arcarrierpoint

On: Sunday, March 8, 2026 6:50 PM

मिलिए यूपीएससी टॉपर 2026 से
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यूपीएससी टॉपर की सफलता की कहानी- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया। इस साल रिजल्ट में बिहार के छात्रों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। टॉप टेन में दो तो टॉप 20 में पांच छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। यह पिछले वर्ष से बेहतर है। पिछले वर्ष सिर्फ 3 अभ्यर्थियों ने टॉप 20 में जगह बनाई थी। इस साल राज्य में टॉप 10 में दो छात्र हैं। इसमें मुजफ्फरपुर के सरैयागंज के राघव झुनझुनवाला ने चौथी रैंक हासिल कर राज्य में टॉप किया है। राघव ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। दूसरा छात्र 10 वीं रैंक प्राप्त करने वाला वैशाली का उज्ज्वल प्रियांक है।

सारण के यशस्वी राजवर्धन ने 11वीं रैंक हासिल किया है। 16वें रैंक पर औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव हैं। दृष्टिवाधित छात्र नवादा के रवि राज ने 20वां रैंक प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त पटना के इशित्व आनंद की 50वीं रैंक है। पटना से आकाश कुमार का 101 रैंक है। 301 वां स्थान आकांक्षा सिंह का है। वे रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती है। आयोग के अनुसार इस वर्ष 958 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है। इनमें 659 पुरुष और 299 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।

मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने कहा कि यह उनकी निरंतरता और परिवार के अटूट भरोसे का परिणाम है। पहले दो प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन तीसरे प्रयास में मैंने अपनी कमियों पर काम किया। इस बार प्री, मॅस और इंटरव्यू तीनों शानदार रहे, जिससे टॉप रैंक की उम्मीद थी।

वैशाली के बिदुपुर के उज्जवल प्रियांक ने कहा, “मैंने जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया था। तीसरे प्रयास में मुझे यह सफलता मिली है। मेरे पिता संजीव कुमार एक इंजीनियर और किसान हैं। दादाजी का सपना था कि मैं अधिकारी बनूं।

सारण के यशस्वी राजवर्धन ने सफलता का श्रेय अपनी मां नीलिमा सिंह को दिया है। यशस्वी ने कहा, एक कुशल गृहिणी होने के साथ मां ने हर कठिन मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन किया। मेरे पिता रजनीश सिंह खुद एक आईएएस अधिकारी हैं, उन्हें देखकर ही मैंने देश सेवा का सपना चुना था

औरंगाबाद की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने 16वां स्थान प्राप्त किया है। मोनिका औरंगाबाद के सत्येन्द्र नगर निवासी ई. बी. के. श्रीवास्तव एवं भारती श्रीवास्तव की बेटी है। मोनिका पहले आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बिहार टॉपर बनी। 2024 में यूपीएससी में पहली बार में ही 455वीं रैंक पाई थी

नवादा के दृष्टिबाधित रवि राज की कहानी सबसे अधिक प्रेरणादायक है। पांचवें प्रयास में 20वीं रैंक हासिल करने वाले रवि ने कहा, “मैं खुद देख या लिख नहीं सकता, लेकिन मन में लक्ष्य को पूरा करने की जिद थी। तीन बार विफलता मिली, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। 2024 में 182वीं रैंक पाकर में वर्तमान में नागपुर में इनकम टैक्स कमिश्नर (आईआरएस) की ट्रेनिंग ले रहा हूं। ट्रेनिंग में भी पढ़ाई जारी रखी। 69वीं बीपीएससी में भी मैंने 490वीं रैंक पाई थी। मेरी मां विभा देवी मेरी सबसे बड़ी ताकत रही हैं।

यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. डीपी अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद यूपीएससी में बिहार से बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों का चयन होने से एक चार फिर राज्य की प्रतिभा चर्चा में है। छात्रों में बढ़ता रुझान, परीक्षा प्रणाली में समय-समय पर हुए बदलाव और भाषा को लेकर दी गई सहूलियतें इसका सबसे बड़ा कारण है। बीच के वर्षों में बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों से चयन की संख्या कम हो गई थी, क्योंकि उस समय छात्रों का रुझान कुछ कम हुआ था और परीक्षा प्रणाली में बदलावों के साथ सामंजस्य बैठाने में समय लगा।

यूपीएससी टॉपर की सफलता की कहानी

2008-2014 के दौरान बदलाव किए गए। वर्ष 2010 में प्रारंभिक परीक्षा में सी-सैट जोड़ा गया। 2012 में मुख्य परीक्षा के सिलेबस में बदलाव किया गया। 2012 में यह महसूस किया गया कि कई अभ्यर्थी अंग्रेजी में सहज नहीं होते हैं। इसलिए यह व्यवस्था की गई कि अभ्यर्थी अगर मुख्य परीक्षा किसी भी भाषा में लिखें, तो भी साक्षात्कार पसंद की भाषा में दे सकते हैं। इससे हिंदी भाषी क्षेत्रों के छात्रों को सहूलियत मिली। इन सुधारों और छात्रों के बढ़ते रुझान का ही परिणाम है कि अब हिंदी भाषी क्षेत्रों, खासकर बिहार से यूपीएससी में बयन की संख्या फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।

सिविल सेवा परीक्षा 2025 में राजस्थान के रावतभाटा के रहने वाले डॉ. अनुज अग्निहोत्री टॉपर रहे हैं। अनुज अभी दिल्ली और यूटी सिविल सेवा में एसडीएम हैं। दूसरे स्थान पर तमिलनाडु की राजेश्वरी सबै एम और तीसरे स्थान पर हरियाणा के आकांश दुल रहे। जोधपुर एम्स से एमबीबीएस अनुज का वैकल्पिक विषय मेडिकल साइंस, चैत्रई के अन्ना विवि से बीई राजेश्वरी का समाजशास्त्र रहा। आकांश दिल्ली विवि से बीकॉम हैं और कॉमर्स अकाउंटेंसी वैकल्पिक विषय था।

अनुज के पिता केवी अग्निहोत्री रावतभाटा परमाणु बिजलीघर में वैज्ञानिक सहायक और मां मंजू हाउस बाइफ हैं। पिता बताते हैं- अनुज अपनी कॉपी में अक्सर लिखता था- ‘अनुज IAS-20261’ अनुज ने भास्कर से अपने सक्सेस मंत्र साझा किए- डॉ. अनुज अग्निहोत्री

  1. आत्मविश्वासः मेडिकल में प्रवेश लेते ही आईएएस बनने का लक्ष्य रखा और मेहनत की।
  2. समयः तैयारी में समय अहम। अनुज तीन साल से न शादी समारोह में गए, न बाजार।
  3. धैर्यः मेडिकल बैकग्राउंड फिर भी साहित्य, इतिहास पढ़ा। इंटरव्यू में मीरा, राजस्थान से जुड़े सवालों के जवाब दे पाए। अनुज कहते हैं- इस बार सफल न होता तो फिर तैयारी करता… ‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।’

मेरी दूसरी रैंक है, पर आईएएस के बजाय आईपीएस बनना है। कॉलेज के राजेश्वरी सुर्वे दौरान एनसीसी कैडेट रहते हुए यह सपना देखा था। एनसीसी ट्रेनिंग में पुलिस और सुरक्षा सेवा को करीब से जाना। इसी ने मुझे आईपीएस बनने की प्रेरणा दी थी।

आकांश के पिता कृष्ण बुल बताते हैं कि बेटे ने 2018 में 12वीं पास करने के बाद तैयारी शुरू कर दी थी। आकांश लंबे समय लगातार नहीं पढ़ता था। एक-सवा घंटे पढ़ता और उतना ही पढ़ता था जितना ठीक से समझ में आ जाए।

देस की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक, ‘यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम शुक्रवार को जारी किया गया. इस बार भी बिहार के के युवाओं ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. राज्य के छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर कई अभ्यर्थियों ने कड़ी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयास के दम पर सफलता हासिल की है. इस कामयाबी पर उन्हे परिजन और आस पड़ोस के लोग बधाई दे रहे हैं. ये सभी कामयाब युवा अब अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्केत बन चुके है. आइए जानते हैं उनकी सफलता के पीछे की कहानी.

UPSC 2026 टॉपर्स की सूची

साल 2026 में कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। नीचे UPSC टॉप 10 उम्मीदवारों की सूची दी गई है।

रैंकनामराज्य
1अनुज अग्रिहोत्रीराजस्थान
2राजेश्वरी सुबेतमिलनाडु
3एकांश ढुलचंडीगढ़
4राघव जुनुनुनवालाबिहार
5ईशान भटनागरमध्य प्रदेश
6जिनिया अरोड़ादिल्ली
7ए आर राजा मोहिदीनतमिलनाडु
8पखाल सेकेटरीमध्य प्रदेश
9आस्था जैनउत्तर प्रदेश
10उज्जवल प्रियंकबिहार

इन सभी उम्मीदवारों ने कठिन मेहनत और सही रणनीति के दम पर यह सफलता हासिल की है।

रैंक 1: अनुज अग्रिहोत्री की सफलता की कहानी

राजस्थान के अनुज अग्रिहोत्री ने UPSC 2026 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है।

अनुज ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास को दिया है। उन्होंने बताया कि UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की।

उनकी तैयारी की रणनीति कुछ इस प्रकार थी:

  • NCERT किताबों से बेसिक मजबूत करना
  • करंट अफेयर्स पर खास ध्यान देना
  • नियमित मॉक टेस्ट देना
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना

अनुज का कहना है कि लगातार मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

तमिलनाडु की राजेश्वरी सुबे ने UPSC में दूसरी रैंक हासिल कर पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।

उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान:

  • रोज अखबार पढ़ने की आदत बनाई
  • अपने नोट्स तैयार किए
  • ऑनलाइन टेस्ट सीरीज जॉइन की

राजेश्वरी का मानना है कि UPSC की तैयारी में धैर्य और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होता है।

बिहार के छात्रों की शानदार उपलब्धि

इस साल UPSC परीक्षा में बिहार के छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।

  • राघव जुनुनुनवाला (मुजफ्फरपुर) – रैंक 4
  • उज्जवल प्रियंक (पटना) – रैंक 10

इन दोनों छात्रों की सफलता से बिहार के युवाओं को बड़ी प्रेरणा मिली है।

UPSC टॉपर्स की तैयारी की रणनीति

UPSC टॉपर्स के अनुसार परीक्षा की तैयारी करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. सही स्टडी प्लान बनाएं

UPSC की तैयारी के लिए एक सही टाइम टेबल बनाना जरूरी है। इससे पढ़ाई व्यवस्थित तरीके से होती है।

2. बेसिक किताबों से शुरुआत करें

NCERT किताबें UPSC तैयारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।

3. करंट अफेयर्स पढ़ें

रोजाना अखबार और करंट अफेयर्स पढ़ना जरूरी है क्योंकि UPSC परीक्षा में इसका बड़ा महत्व होता है।

4. मॉक टेस्ट दें

मॉक टेस्ट देने से परीक्षा का अनुभव मिलता है और अपनी कमजोरियों का पता चलता है।

5. नोट्स बनाकर पढ़ाई करें

नोट्स बनाकर पढ़ाई करने से रिवीजन करना आसान हो जाता है।

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