साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा – बिहार सरकार द्वारा छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से साइकिल योजना, पोशाक योजना और छात्रवृत्ति योजना चलाई जाती है। हर साल लाखों छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में इन योजनाओं का पैसा सीधे DBT के माध्यम से भेजा जाता है। लेकिन कई ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके खाते में अभी तक साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा नहीं आया है। ऐसे छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ जरूरी काम करने के बाद उनका पैसा भी खाते में भेज दिया जाता है।
सरकारी योजनाओं से ‘लखपति’ बन रहे स्कूल, पर क्लास खाली; 35% छात्र साइकिल-पोशाक के लिए ले रहे दाखिला
बिहार के सरकारी स्कूलों में ‘शिक्षा’ से ज्यादा ‘सुविधा’ का बोलबाला दिख रहा है। एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के करीब 35% छात्र केवल पोशाक, छात्रवृत्ति और साइकिल जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नामांकन कराते हैं। आलम यह है कि जो बच्चे स्कूल आते भी हैं, उनमें 40% मिड-डे मील करने के बाद घर निकल जाते हैं।
मिड-डे मील के बाद 40% बच्चे गायब; फर्जीवाड़े में 20 लाख नाम कटे
शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद अब तक 20 लाख ऐसे छात्रों के नाम काटे गए हैं, जो ‘दोहरा लाभ’ ले रहे थे। ये छात्र सरकारी स्कूलों में केवल इसलिए नामांकित थे ताकि उन्हें मुफ्त किताब, साइकिल और पोशाक की राशि मिल सके, जबकि असल में वे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे। अब नए सत्र में इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विभाग हर छात्र को ‘अपार आईडी और आधार कार्ड से जोड़ने जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में फसल की बुआई और कटाई के सीजन में स्कूल लगभग खाली हो जाते हैं। 400 छात्रों के नामांकन वाले स्कूलों में उपस्थिति गिरकर 45 से 100 के बीच रह जाती है। कक्षा से गायब रहने का सीधा असर छात्रों के शैक्षणिक स्तर पर पड़ रहा है। ‘असर’ और अन्य संस्थानों के सर्वे बताते हैं कि कक्षा 1 के बच्चों को अक्षर ज्ञान नहीं है, वहीं कक्षा 8 के कई छात्र साधारण जोड़-घटाना और पहाड़ा तक नहीं जानते। मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए हम अभिभावकों से सीधा संवाद कर रहे हैं।
वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
सवालः अनुपस्थित रहने वाले छात्रों पर क्या कार्रवाई कर रही है?
जवाबः विभाग ऐसे छात्रों की लिस्ट तैयार कर रहा है जो दाखिले के बाद नहीं आते। शिक्षक उनके माता-पिता से संपर्क कर समस्या जानेंगे और उन्हें स्कूल लाने की कोशिश करेंगे।
सवालः ‘अपार आईडी’ क्या है और यह कैसे काम करेगी?
जवाबः यह छात्रों का ‘वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी’ है। इसे आधार से लिंक किया जाएगा, जिससे एक छात्र दो स्कूलों में नामांकन नहीं ले सकेगा।
सवालः 20 लाख छात्रों के नाम क्यों काटे गए?
जवाबः जांच में पाया गया कि ये छात्र सरकारी सुविधाओं का लाभ तो ले रहे थे, लेकिन पढ़ने के लिए निजी स्कूलों में जाते थे। यह सीधे तौर पर सरकारी फंड का दुरुपयोग था।
साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति योजना क्या है
बिहार सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बालक / बालिका साइकिल योजना और पोशाक योजना चलाई जाती है। इस योजना के तहत छात्रों को पढ़ाई के लिए साइकिल खरीदने, पोशाक खरीदने और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य है:
- स्कूल में नामांकन बढ़ाना
- छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाना
- गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए सहायता देना
साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति में कितना पैसा मिलता है
बिहार सरकार अलग-अलग कक्षा के छात्रों को अलग-अलग राशि देती है।
पोशाक योजना राशि
| कक्षा 1 से 5 | ₹600 प्रति वर्ष |
| कक्षा 6 से 8 | ₹700 प्रति वर्ष |
| कक्षा 9 से 10 | ₹1000 प्रति वर्ष |
साइकिल योजना राशि
| कक्षा 9 | ₹3000 |
छात्रवृत्ति योजना राशि
| कक्षा 1 से 4 | ₹1,200 प्रति वर्ष |
| कक्षा 5 से 6 | ₹2,400 प्रति वर्ष |
| कक्षा 7 से 8 | ₹3,600 प्रति वर्ष |
यह पैसा सीधे छात्र के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है।
जिनका पैसा नहीं आया वो क्या करें
अगर आपके खाते में अभी तक साइकिल या पोशाक का पैसा नहीं आया है, तो नीचे बताए गए काम जरूर करें।
1. बैंक खाता आधार से लिंक कराएं
अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो DBT का पैसा नहीं आएगा।
2. बैंक खाता एक्टिव होना चाहिए
अगर बैंक खाता बंद है या लंबे समय से उपयोग नहीं हुआ है तो पैसा नहीं आएगा।
3. स्कूल में बैंक डिटेल सही कराएं
कई बार स्कूल में गलत बैंक खाता नंबर दर्ज हो जाता है।
4. आधार कार्ड और अपार ID लिंक कराएं
अब शिक्षा विभाग सभी छात्रों का डेटा Aadhaar और Apaar ID से लिंक कर रहा है।
5. स्कूल से संपर्क करें
अगर ऊपर की सभी जानकारी सही है फिर भी पैसा नहीं आया है तो अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक से संपर्क करें।
शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
हाल ही में शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है।
- लगभग 35% छात्र केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नामांकन कराते हैं
- मिड-डे मील के बाद 40% बच्चे स्कूल से चले जाते हैं
- जांच में 20 लाख छात्रों के नाम काटे गए
जांच में पाया गया कि कई छात्र सरकारी स्कूल में नामांकन कराकर निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे, जबकि सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे थे। अब इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सभी छात्रों को अपार आईडी और आधार से लिंक किया जा रहा है।
साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा कैसे चेक करें
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते में पैसा आया है या नहीं, तो नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करें।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- यहां Payment Status / Student List का विकल्प चुनें।
- अपना जिला, स्कूल, कक्षा, चुनें।
अब आपके सामने छात्रवृत्ति भुगतान की पूरी सूची खुल जाएगी।
IMPORTANT LINKS
| मेधासॉफ्ट में नाम देखें | CLICK HERE |
| साइकिल का पैसा | CLICK HERE |
| पोशाक का पैसा | CLICK HERE |
| छात्रवृति का पैसा | CLICK HERE |
| Official website | CLICK HERE |
| You tube Channel | SUBSCRIBE |
| Telegram Channel | JOIN |
साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति या मैट्रिक इंटर पास प्रोत्साहन राशि का बकाया पैसा जारी- जल्दी देखें


























