अब आप भी कैमरा लगा- काट सकेंगे चालान- चालान काट कमाएं पैसा:-राज्य सरकार और परिवहन विभाग द्वारा ट्रैफिक नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए एक बड़ा और नया कदम उठाया जा रहा है। अब केवल ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी कैमरा लगाकर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का चालान कटवाने में भूमिका निभा सकेंगे। इस व्यवस्था से न सिर्फ सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी, बल्कि लोगों को कमाई का नया अवसर भी मिलेगा।
क्या है यह नई व्यवस्था?
इस नई पहल के तहत सरकार गली-मोहल्लों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में कैमरा आधारित निगरानी व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए निजी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा लगाए गए कैमरों की मदद ली जाएगी।
अगर किसी कैमरे में ट्रैफिक नियम तोड़ते हुए कोई वाहन रिकॉर्ड होता है और उस रिकॉर्डिंग के आधार पर चालान कटता है, तो उस चालान की राशि का एक निश्चित हिस्सा कैमरा संचालक को कमीशन के रूप में दिया जाएगा।
सड़कों पर आम लोग कैमरे लगा सकेंगे, कटेगा चालान
मुख्य सड़कों के साथ ही अब गली मोहल्लों में भी बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के चलना मुश्किल होगा। हर तरफ कैमरे की निगहबानी होगी, ताकि कोई भी यातायात नियमों का उल्लंघन न कर सके। अब तक मुख्य सड़कों पर कैमरे लगा रही सरकार ने इसे गली-मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में भी विस्तार देने की योजना बनाई है। इसके लिए आम लोग भी कैमरे लगा सकेंगे। पीपीपी मोड में कैमरे लगाने वाले निजी संचालकों को चालान भुगतान के आधार पर कमीशन दिया जाएगा।
परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि
इसका प्रस्ताव तैयार है। जल्द ही इस योजना पर अमल हो जाएगा। इस तरह परिवहन विभाग के नए प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद आमलोग विभाग के संज्ञान में देकर चौक-चौराहे या गली-मोहल्लों में किसी वैसी जगह पर कैमरे लगा सकते हैं, जहां पहले से कोई कैमरा नहीं है। विभाग के मुख्यालय में बने इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से इसे जोड़ा जाएगा। वहां से निगरानी की जाएगी।
विभाग का मानना है कि
आमलोगों को इस पहल के साथ जोड़ने से सभी सड़कों और गलियों तक में कैमरे लग जाएंगे। इससे न केवल यातायात नियमों को तोड़ने पर जुर्माना लगाना आसान होगा, बल्कि असामाजिक गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। आपराधिक घटनाओं में अपराधियों को भी पकड़ने में मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग की ओर से वर्तमान में जिला मुख्यालयों के भीड़भाड़ वाले व्यस्तम और अन्य चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों से यातायात व्यवस्था की निगरानी हो रही है।
यातायात नियम तोड़ने वालों और अपराधियों पर लगाम लगेगी
बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले और सीट बेल्ट पहने बिना कार चलाने वालों के साथ ही अन्य तरह के यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार सड़क दुर्घटना में कमी लाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालयों में सीसीटीवी के जरिए यातायात उल्लंघन करने वालों की निगरानी एवं चालान काटने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रमंडलीय जिला मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों को चिह्नित करते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
सड़क दुर्घटनाएं कम हो सकेंगी
इसी क्रम में अब विभाग ने तय किया है कि शहर सहित अन्य अर्धशहरी इलाकों, एनएच और एसएच के प्रवेश बिंदु पर भी कैमरे लगाए जाएं। चूंकि, शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी सड़क दुर्घटनाएं हर साल बढ़ रही हैं। इसलिए शहर के सभी गली-मोहल्लों और अर्धशहरी इलाके के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि यातायात नियमों का उल्लंघन न हो। जिससे सड़क दुर्घटनाएं कम हो सके। यह निजी सहभागिता से ही संभव है। निजी लोगों को कैमरे लगाने के लिए जल्द ही निविदा आमंत्रित की जायेगी।
परिवहन विभाग निगरानी भी करेगा
कैमरे लगाने वाले जान-बूझकर चालान न काटें, इसलिए विभाग ने तय किया है कि उनको कमीशन देने का आधार लोगों द्वारा भुगतान की गई राशि को माना जाएगा। विभाग के मुख्यालय में बने इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से इसकी निगरानी की जाएगी।
विभाग इसकी पूरी निगरानी करेगा कि
आम लोगों को निजी कैमरा संचालक नाहक परेशान न कर सकें। पीपीपी मोड में संचालन का नियम तय होने के कगार पर है। कैमरे लगाने वालों को 15-20 साल तक की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे बेरोजगारों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
- कैमरा संचालक को चालान भुगतान के आधार पर मिलेगा कमीशन
- बिना हेलमेट बाइक और सीट बेल्ट पहने कार चलाने वालों पर होगी कार्रवाई
आम लोगों को क्या-क्या लाभ मिलेगा? (सबसे जरूरी हिस्सा)
1. अतिरिक्त कमाई का अवसर
- जिन लोगों के घर, दुकान या निजी भवन सड़क के किनारे हैं, वे अपने स्थान पर कैमरा लगाकर आय अर्जित कर सकते हैं।
- हर वैध चालान पर सरकार द्वारा तय कमीशन मिलेगा।
- यह आय नियमित भी हो सकती है, खासकर व्यस्त सड़कों या चौराहों पर।
2. रोजगार के नए अवसर
- कैमरा इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस, डेटा हैंडलिंग और निगरानी के लिए स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा।
- 10–20 साल तक कैमरा संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिससे लॉन्ग-टर्म रोजगार संभव है।
3. सड़क दुर्घटनाओं में कमी
- कैमरा लगे होने से लोग हेलमेट, सीट बेल्ट, रेड लाइट और ओवरस्पीडिंग जैसे नियमों का ज्यादा पालन करेंगे।
- इससे सड़क हादसों में स्पष्ट कमी आएगी।
4. अपराध और अव्यवस्था पर लगाम
- कैमरों की मदद से केवल ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले ही नहीं, बल्कि अपराधियों की पहचान भी आसान होगी।
- चोरी, झपटमारी और हिट-एंड-रन जैसे मामलों में फुटेज मददगार होगा।
चालान कैसे कटेगा? (प्रक्रिया आसान शब्दों में)
- आम व्यक्ति या संस्था सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कैमरा लगाएगी।
- कैमरा ट्रैफिक नियम तोड़ते वाहन की स्पष्ट रिकॉर्डिंग करेगा (नंबर प्लेट दिखना जरूरी)।
- यह रिकॉर्डिंग परिवहन विभाग के सिस्टम में जाएगी।
- सत्यापन के बाद ऑनलाइन चालान जारी किया जाएगा।
- चालान की राशि में से तय हिस्सा कैमरा संचालक को भुगतान किया जाएगा।
कौन-कौन लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
- सड़क किनारे रहने वाले मकान मालिक
- दुकानदार और व्यावसायिक भवन मालिक
- निजी संस्थान या सोसायटी
- वे लोग जिनके पास सरकार द्वारा तय मानक का कैमरा लगाने की सुविधा है
ध्यान दें: बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ लगाए गए कैमरे मान्य नहीं होंगे।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
- कैमरा सरकारी मानकों के अनुसार होना चाहिए।
- रिकॉर्डिंग में वाहन नंबर और नियम उल्लंघन साफ दिखना चाहिए।
- गलत या छेड़छाड़ की गई वीडियो पर कार्रवाई हो सकती है।
- निजी गोपनीयता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
निष्कर्ष
यह योजना सरकार, जनता और समाज—तीनों के लिए फायदेमंद है।
एक तरफ आम लोगों को कमाई और रोजगार मिलेगा, दूसरी तरफ सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत होगी। यदि इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले समय में यह ट्रैफिक सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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