आपको भी नींद नहीं आती तो बेहतर निंद के लिए ये पांच आदत अपनाए

By: arcarrierpoint

On: Saturday, February 21, 2026 7:42 PM

आपको भी नींद नहीं आती तो बेहतर निंद के लिए ये पांच आदत अपनाए
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आपको भी नींद नहीं आती तो बेहतर निंद के लिए ये पांच आदत अपनाए:-आज के डिजिटल दौर में नींद न आना (Insomnia) एक आम समस्या बन चुकी है। पहले यह समस्या केवल बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब छात्र, नौकरीपेशा, गृहिणी — लगभग हर वर्ग इससे प्रभावित है। देर रात मोबाइल चलाना, तनाव, गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या के कारण शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक (Circadian Rhythm) बिगड़ जाता है और फिर चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें, नींद नहीं आती।

अगर आप भी बिस्तर पर लेटते ही करवटें बदलते रहते हैं, रात में बार-बार उठ जाते हैं या सुबह थकान महसूस करते हैं — तो समझ लीजिए आपकी नींद की गुणवत्ता खराब है, केवल समय कम नहीं है।

अच्छी खबर यह है कि नींद की दवा लेने से पहले केवल 5 आदतें बदलकर आप प्राकृतिक और गहरी नींद पा सकते हैं। नीचे दी गई आदतें मेडिकल रिसर्च पर आधारित हैं।

देर रात तक काम, सफर, तनाव और मोबाइल की आदत से अच्छी नींद लेना मुश्किल हो जाता है। नींद पूरी न हो, तो रोजमर्रा के जीवन पर भी असर पड़ता है। इन दिनों विंटर ओलिंपिक चल रहा है। ऐसे इवेंट्स में भी लगातार ट्रैवल और मुकाबले का दबाव खिलाड़ियों की नींद को प्रभावित करता है। खिलाड़ी अपनी नींद कैसे पूरी करते हैं, इस पर द न्यूयॉर्क टाइम्स ने खिलाड़ियों के स्लीप एक्सपर्ट्स से बात की। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप भी अपनी नींद बेहतर कर सकते हैं।

बड़े इवेंट्स में तंग कमरे और शोर खिलाड़ियों की नीद खराब करते हैं। ऐसे में खिलाड़ी नॉइस कैंसलिंग हेडफोन, व्यइट नॉइज या छोटे यूमिडिफायर साथ रखते हैं ताकि घर जैसा एहसास बना रहे। यूएस ऑलिंपिक और पैरालिंपिक कमेटी की साइकोलॉजिस्ट एमिली क्लार्क बताती हैं कि अच्छी नींद के लिए कमरे में अंधेरा, शांति और थोडी ठंडक जरूरी है।

बिस्तर पर जाते ही दिमाग में दिनभर की बातें घूमने लगती हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. क्लार्क के मुताबिक इसके लिए सोने से 20-30 मिनट पहले रिलेक्स रुटीन बनाएं। गुनगुने पानी से नहाना, हल्का संगीत सुनना या दावरी लिखना मदद कर सकता है। सोने से पहले मोवाइल स्क्रॉल न करें। बॉक्स ब्रीडिंग (4 सेकंड सांस लेना, 4 सेकंड रोकना, 4 सेकंड छोड़ना, 4 सेकंड स्कना) अपनाएं। इससे मन शांत होता है।

यूएस ओलंपिक और पैरालिफिक कमेटी (USOPC) के साइकोलॉजिस्ट जिम डोरली खिलाड़ियों को सोने के समय की बजाय उठने का समय तय रखने की सलाह देती हैं। इससे सर्केडियन रिंदम सही रहती है खासकर अगर सुबह की रोशनी मिल जाए। डॉ. क्लार्क के अनुसार अगर धूप न मिले तो हल्की एक्सरसाइज या सुबह खाना खाना भी बॉडी क्लॉक को रीसेट करने में मदद करता है। भले ही रात को नींद कम हुई हो, सुबह ज्यादा देर तक सोने से बचें। हर दिन एक ही समय पर उठने से शरीर समझ जाता है कि अब दिन शुरू हो गया है, और इससे आपकी नौद धीरे-धीरे ठीक होने लगती है।

स्मार्टवॉच और मोबाइल ऐप के जरिए लोग अपनी नीट का स्कोर देखते हैं। यह जानकारी उपयोगी हो सकती है, लेकिन हर सुबह सिर्फ नंबर देखकर चिंता करना माही नहीं है। अगर आप उठने के बाद तरोताजा और ठीक महसूस कर रहे हैं, तो केवल डिवाइस के नंबर पर ही भरोसा न करें। नोंद को सिर्फ एक स्कोर से नहीं, बल्कि आपकी ऊर्जा, मूड और दिनभर की सक्रियता से मायें।

USOPC की स्लीप गाइडलाइंस कहती हैं कि एथलीट्स के लिए रेगुलर नींद जरूरी है, पर एक रात की खराब नींद परफॉर्मेंस को खराब नहीं करेगी, जब तक पिछली रातों की नींद अच्छी हो। हमारा शरीर मजबूत व फ्लेक्सिबल है। कई दिनों से अच्छी नींद ले रहे हैं, तो एक रात नींद की कमी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। डॉ. डोरली बताती हैं कि थके हों तो सोएं और इस बारे में ज्यादा न सोचे।

डार्क शावारिंग यानी सोने से पहले कम रोशनी या पूरी तरह अंधेरे में नहाना। हेल्थलाइन के मुताबिक अंधेरा हमारी बॉडी क्लॉक यानी सर्केडियन रिक्ष को संकेत देता है कि दिन खत्म हो रहा है और अब शरीर को आराम की जरूरत है।

कम रोशनी में रहने से पेलाटोनिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है, जो नींद लाने और शरीर को रिलेक्स करने में अहम भूमिका निभाता है। यह तरीका तनाव कम करने और दिमाग को शांत करने में भी सहायक हो सकता है। गुनगुने पानी से नहाने पर शरीर का तापमान पहले बढ़ता है और बाहर आने के बाद तेजी से घटता है। तापमान में यह गिरावट दिमाग को संकेत देती है कि अब सोने का समय है, जिससे नींद जल्दी आती है।

सुबह की सूरज की रोशनी शरीर की घड़ी सेट करती है।

जो लोग सुबह धूप नहीं लेते:-

  • रात 2 बजे नींद
  • सुबह थकान
  • दिन भर आलस

सिर्फ 7 दिन धूप लेने से नींद का टाइम ऑटोमेटिक ठीक हो जाता है।

दिनबदलाव
1-3 दिनजल्दी नींद आने लगेगी
4-7 दिनरात में उठना कम
10 दिनगहरी नींद
21 दिनशरीर का क्लॉक रीसेट

अगर ये लक्षण हों:-

  • 3 महीने से नींद नहीं
  • जोर से खर्राटे
  • सांस रुकना
  • सुबह सिर दर्द

तो यह Sleep Apnea हो सकता है — डॉक्टर दिखाएँ।

नींद गोली से नहीं, आदतों से ठीक होती है।
आपका शरीर सोना जानता है — बस आपने उसे गलत ट्रेनिंग दे दी है।

अगर आप केवल ये 5 आदतें अपना लें:-

  1. फिक्स स्लीप टाइम
  2. सोने से पहले स्क्रीन बंद
  3. रिलैक्स रूटीन
  4. सही भोजन
  5. बेड = केवल नींद

तो 90% मामलों में नींद अपने-आप ठीक हो जाती है — बिना दवा, बिना खर्च।

अच्छी नींद कोई लक्जरी नहीं — यह दिमाग, याददाश्त, हार्मोन, वजन और दिल की सेहत की बुनियाद है।

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