चांदी क्यों बन रहा है सोना- जानिए चांदी का पूरा इतिहास

By: arcarrierpoint

On: Sunday, January 4, 2026 7:36 PM

चांदी क्यों बन रहा है सोना- जानिए चांदी का पूरा इतिहास
Google News
Follow Us

चांदी क्यों बन रहा है सोना- जानिए चांदी का पूरा इतिहास:-आज जब निवेश, तकनीक और वैश्विक अर्थव्यवस्था की चर्चा होती है, तो एक सवाल तेजी से उभर रहा है—“चांदी क्यों बन रहा है सोना?”

कारण स्पष्ट हैं:- इतिहास में जमी विश्वसनीयता, औद्योगिक मांग में विस्फोटक वृद्धि, हरित ऊर्जा (Green Energy) का विस्तार और सीमित आपूर्ति।

हरित ऊर्जा, निवेशकों की पसंद और भू-राजनीति के संगम से चांदी ने इतिहास रच दिया है। बीते एक साल की रिकॉर्ड तेजी और दशकों की निरंतर मजबूती ने इसे भविष्य की रणनीतिक धातु बना दिया है। इसे अब सोने-सी अहमियत मिलने लगी है।

इस लेख में हम चांदी का पूरा इतिहास, उसका आर्थिक व तकनीकी महत्व, और भविष्य में चांदी की कीमतें क्यों और कैसे बढ़ सकती हैं, यह सब विस्तार से समझेंगे।

बी ते एक साल में अगर किसी धातु ने सबसे ज्यादा चौंकाया है तो वह चांदी है। कभी गरीब का ‘सोना’ कही जाने वाली चांदी ने सिर्फ 12 महीनों में करीब 180 फीसदी की जबरदस्त छलांग लगाकर उद्योग, निवेशकों और नीति-निर्माताओं, तीनों का ध्यान खींचा है।

हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पैनलों में बढ़ते उपयोग ने चांदी को भविष्य की रणनीतिक धातु के रूप में स्थापित कर दिया है। इसकी तेजी में डिमांड-सप्लाई की गैप तो प्रमुख वजह है ही, जियो-पॉलिटिक्स भी बड़ी भूमिका निभा रही है।

दुनिया में चांदी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश चीन द्वारा 1 जनवरी से इसके निर्यात पर लगे अनेक प्रतिबंधों के चलते माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में भी चांदी की चमक बरकरार रहेगी। वैसे चांदी में यह बढ़त केवल हालिया नहीं है। बीते 45 सालों में इसके दामों में करीब 88 गुना तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

वैसे तो चांदी का इतिहास करीब 5000 साल पुराना है, लेकिन इससे निर्मित सबसे प्राचीन कलाकृति 1970 में यरूशलम के पास एन सामिया नामक स्थल पर मिली थी। यह लगभग 2300 ईसा पूर्व यानी करीब 4,300 वर्ष पुराना चांदी का एक गिलास है। यह अब इजरायल म्यूजिम में रखा हुआ है (बायीं ओर)। दाबी ओर का चित्र उस सिक्के का है, जिसे दुनिया का सबसे पुराना चांदी का सिक्का माना जाता है। यह करीब 2600 साल पुराना है जो किंग्डम ऑफ लिडिया (आज के तुर्की) में पाया गया था।

पहले चांदी का ज्यादातर इस्तेमाल केवल आभूषणों व बर्तनों इत्यादि में होता था, लेकिन अब जैसे-जैसे ग्रीन और क्लीन एनर्जी जोर पकड़ रही है, इससे संबंधित उद्योगों, जैसे इलेक्ट्रिक कारों की बैटरियों और सोलर पॉवर के पैनल्स में चांदी की खपत बढ़ रही है। यह चांदी की मांग और फलस्वरूप कीमतों की वृद्धि में सबसे मजबूत फैक्टर बन गया है।

  • 59 फीसदी चांदी का इस्तेमाल ग्रीन-क्लीन एनर्जी तथा अन्य डिवाइसेस में होने लगा है।

चांदी की खनन गतिविधियों में बीते दस साल के दौरान गिरावट आई है। वर्ल्ड सिल्वर सर्वे की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2015 में चांदी का वैश्विक उत्पादन 89 करोड़ आउंस था, जो 2024 में गिरकर 82 करोड़ आउंस रह गया। यानी 8.6% की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में मांग में 17% की बढ़ोतरी हुई। यह गैप भी कीमतों को बढ़ा रहा है।

  • 20 करोड़ आउंस (6300 टन) उत्पादन के साथ मेक्सिको चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक देश|

चूंकि बाजार ने भी समझ लिया है कि चांदी की पर्याप्त सप्लाई नहीं है। इसलिए निवेशकों ने भी इसमें निवेश करना शुरू कर दिया। इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की नजर भी चांदी पर गई। उन्हें लगा कि सोने की तरह वे अपने रिजर्व में चांदी भी रख सकते हैं। इससे अतिरिक्त डिमांड पैदा हो गई है। इस वजह से भी चांदी के दाम बढ़ गए।

  • 150 से 180 फीसदी तक रिटर्न मिला है चांदी पर किए गए निवेश पर साल 2025 में

चांदी के दाम बढ़ने के पीछे भू-राजनीतिक वजहें भी हैं। ट्रम्प कैंप का मानना है कि भविष्य की जंग तेल नहीं, टेक्नोलॉजी और मेटल्स पर लड़ी जाएगी। इसी के चलते अमेरिका ने हाल ही में चांदी व तांबे को रेयर मेटल की श्रेणी में डाल दिया है। इसके मद्देनजर चीन ने भी चांदी के निर्यात पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। इससे भी चांदी की कीमतें शूट होने लगी हैं।

  • 60 फीसदी तक घट सकती है चीन से चांदी की आपूर्ति, निर्यात संबंधी सख्ती की वजह से।

चांदी का लगभग 70-80% उत्पादन अन्य धातुओं जैसे लेड, जिंक, कॉपर या सोने की खदानों से बाय-प्रोडक्ट के रूप में होता है। जब कोई धातु बाय-प्रोडक्ट होती है तो उसका उत्पादन केवल उसकी अपनी मांग के हिसाब से नहीं बढ़ाया जा सकता। दुनिया में बहुत कम खदानें ऐसी हैं जो केवल चांदी निकालती हों।

चांदी का बड़ा हिस्सा सोलर पैनल, सेमीकंडक्टर और मेडिकल डिवाइसेज में इस्तेमाल किया जाता है। सोने के उलट इसका अधिकांश हिस्सा इन उत्पादों में स्थायी रूप से खप जाता है। इसकी रिसाइक्लिंग करना आर्थिक रूप से महंगा होता है। इस वजह से यह एक तरह से बाजार से स्थायी रूप से निकल जाती है। यानी हर बार प्रोडक्ट में इस्तेमाल के लिए नई चांदी की जरूरत पड़ती है।

द सिल्वर इंस्टीट्यूट के अनुसार चांदी का खनन सबसे पहले एंटोलिया (आज आधुनिक तुर्किये में स्थित) में ईसा पूर्व 3,000 में किया गया था, यानी इसका ज्ञात इतिहास करीब पांच हजार साल पुराना है।

1500 ईसा पूर्व मिस्र में घाव भरने के लिए चांदी का उपयोग किया जाता था। विभिन्न जड़ी-बूटियों में मिलाकर इसे यूज में लाया जाता। पेनिसिलिन के आविष्कार के पहले तक यही मुख्य एंटीबैक्टीरियल मानी जाती रही।

331-330 ईसा पूर्व सिकंदर की सेना ने पर्शियन साम्राज्य के दो सबसे बड़े शहरों पसॅपोलिस और सुसा में करीब 5 हजार टन चांदी की लूटपाट की थी। इससे पर्शियन साम्राज्य का अंत हो गया था।

फोटोवोल्टिक सोलर पैनलों पर सिल्वर पेस्ट का उपयोग किया जाता है। चांदी में सूर्य की रोशनी से उत्पन्न इलेक्ट्रॉनों को बेहद कम हानि के साथ प्रवाहित करने की क्षमता होती है। एक सोलर पैनल में 15 से 20 ग्राम चांदी लगती है। दुनिया भर में 2030 तक सोलर क्षमता के 170 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान है।

एक ईबी में औसतन 25 ग्राम तक चांदी लगती है। यह चांदी बैटरियों, वायरिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, कंट्रोल यूनिट्स और चार्जिंग स्टेशनों में इस्तेमाल होती है। ईवी के चलन के साथ ही चांदी की मांग भी बढ़ती जा रही है। अमेरिका में ही 2030 तक 2.8 करोड़ ईवी चार्जिग पोट्र्स लगाने की योजना है, जिनमें चांदी की बड़ी खपत होगी।

डिजिटल अर्थव्यवस्था के मूल स्तंभ सेमीकंडक्टर, 5G नेटवर्क और डेटा सेंटर्स, इन सभी में चांदी अहम भूमिका निभाती है। AI आधारित हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स को तेज, स्थिर और एनर्जी-एफिशिएंट कनेक्टिविटी चाहिए, जिसके लिए चांदी जरूरी है। इसके अलावा सॉलिड स्टेट बैटरियों में भी चांदी का उपयोग और बढ़ सकता है।

चांदी क्यों बन रहा है सोना?
क्योंकि—

  • इसका इतिहास मजबूत है,
  • वर्तमान में इसकी मांग विस्फोटक है,
  • और भविष्य पूरी तरह तकनीक व हरित ऊर्जा से जुड़ा है।

आज चांदी सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि भविष्य की धातु है। यही कारण है कि दुनिया भर में कहा जा रहा है
“चांदी अब सिर्फ चांदी नहीं रही, यह नया सोना बन रही है।”

ARATTAI CHANNELCLICK HERE
WHATSAPP CHANNELCLICK HERE
TELEGRAM CHANNELJOIN
YOU TUBE CHANNELSUBSCRIBE

BSEB Update

Scholarship

Latest Jobs

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

इन नौकरी में मिलता है IAS से ज्यादा सैलरी खाना खाने के बाद भूलकर भी न करें ये काम पैर में काला धागा पहनने के फायदे 2026 में लंच होने वाली सबसे सस्ती बाइक सुखी खांसी तुरंत होगा ठीक- बस ये आजमाएं