जिवन में पाना चाहते हैं सफलता- तो शारूख खान से सिखें ये सफलता का मंत्र

By: arcarrierpoint

On: Sunday, December 14, 2025 7:50 PM

जिवन में पाना चाहते हैं सफलता- तो शारूख खान से सिखें ये सफलता का मंत्र
Google News
Follow Us

जिवन में पाना चाहते हैं सफलता- तो शारूख खान से सिखें ये सफलता का मंत्र:-अगर आप जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, नाम-सम्मान और आर्थिक सफलता पाना चाहते हैं, तो शाहरुख़ ख़ान का जीवन आपके लिए एक जीवित उदाहरण है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर “बॉलीवुड के बादशाह” बनने तक का उनका सफर संघर्ष, आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल है।

शाहरुख़ ख़ान सिर्फ़ एक अभिनेता नहीं, बल्कि सफलता, अनुशासन और सोच की पाठशाला हैं। आइए जानते हैं उनके जीवन से निकले वे सफलता मंत्र, जो हर छात्र, युवा और कामकाजी व्यक्ति के लिए उपयोगी हैं।

अक्सर लोग कहते हैं कि इंसान में एक खास तरह का ‘इट फैक्टर’ होता है और वही उसे स्टार बनाता है। लेकिन सच बताऊं ऐसा कुछ नहीं होता। न मुझे पता है कि मैं क्यों स्टार हूं न आमिर को पता होगा, न सलमान को। अगर कोई आपको कहे कि इट फैक्टर’ जैसी कोई चीज है, तो वो बात पूरी तरह बेकार है और बिल्कुल सच नहीं है।

वी आपको कैसे देखते हैं, आपकी शख्सियत को कैसे महसूस करते हैं। आप कैसे दिखते हैं, कैसे बोलते हैं, कैसे चलते हैं… इनमें से कोई भी चीज मायने नहीं रखती। दर्शकों को आपमें जो ‘कुछ’ पसंद आता है, वही आपको स्टार बनाता है।

अच्छा, बुरा, अमीर, गरीब… लोगों को हमारी कहानियों में अपनी भावनाएं दिखती हैं। यही भावनात्मक रिश्ता भाषा की सीमा, प्लेटफॉर्म की सीमा, हर सीमा से ऊपर निकलता है। कहानी लिखना, फिल्म बनाना, कोई भी रचनात्मक काम… सबका शुरुआती बीज है भरोसा। अगर आपको अपने काम पर यकीन है, तो दुनिया क्या कह रही है, उसका असर नहीं होना चाहिए।

रोज कोई ना कोई बता देगा कि आपकी अगली फिल्म कैसी होनी चाहिए, क्या पहनना चाहिए, कैसे बैठना चाहिए। लेकिन हम 35 साल से यही काम कर रहे हैं… हर आवाज में उलड़झे बिना, बस अपने काम को ईमानदारी से करते रहे हैं। हां, आज के युवा कलाकारों के लिए ये मुश्किल हो सकता है, क्योंकि वे हर तरफ से सोशल मीडिया के दबाव से घिरे रहते हैं।

पब्लिक में कैसे रहना है, कैसा बर्ताव करना है। स्टारडम आपको घमंडी नहीं, विनम्र बनाता है। हम जो डायलॉग बोलते हैं, जो सीन करते हैं, बस एक ख्याल रहता है… क्या लोग फिल्म से खुश होकर जाएंगे? बस एक्टर अपने आप से ईमानदारी रखें और दुनिया को अच्छी कहानियां सुनाने की जिम्मेदारी समझें। जब लोग मिलकर कहानियां साझा करते हैं, तो खुशी फैलती है। अगर हमारी किसी भी कहानी से ये खुशी आगे बढ़े… तो यही असली मकसद है।

  • यदि आपने हवा में महल बनाए हैं, तो आपका काम व्यर्थ नहीं गया। उन्हें वहीं होना चाहिए था। अब उनके नीचे नींव बनाइए
  • बहुत अधिक नैतिक भी न बनें। ऐसा करके आप जीवन से बहुत कुछ खो सकते हैं। केवल अच्छे न बनें। किसी उद्देश्य के लिए अच्छे बनें।
  • हर अच्छी चीज स्वच्छंद और मुक्त होती है।
  • हर ऋतु में उसके गुजरने के साथ जिएं। हवा को महसूस करें, पेय को पिएं, फलों का स्वाद लें और पृथ्वी के प्रभाव को स्वीकार करें।
  • हमारा जौवन छोटी बातों में बिखर जाता है। सहज बनें, सरल बनें।
  • जब आप जीवन को वास्तव में जी ही नहीं पाए हैं, तो उसे बैठकर लिखना पूरी तरह से व्यर्थ है।
  • चीजें नहीं बदलतों, हम बदलते हैं।
  • सुबह की सैर पूरे दिन के लिए आशीर्वाद है।
  • प्रेम, धन और प्रसिद्धि से बढ़कर सत्य है।

जीवन की सुंदरता छोटी खुशियों में है। एक मुस्कान, एक शांत सुबह, एक सच्चा प्रयास। हम अक्सर भूल जाते हैं कि खुश होना एक आदत है। यदि मन शिकायतों से भरा हो, तो दुनिया बोझिल लगती है। यदि मन कृतज्ञता से भरा हो, तो दुनिया सुंदर दिखती है। जीवन उनको मुस्कुराहट लौटाता है जो प्रयास करते हैं। ऑरिसन स्वेट मार्डेन

आशावाद जीवन को सही रोशनी में देखने का अभ्यास है। निराशावाद हमें दुनिया का एकपक्षीय चित्र दिखाता है। आशावाद वह खिड़की है जिससे संभावना, अवसर और विकास की रोशनी भीतर आती है। आशावादी व्यक्ति कभी समस्याओं को अनदेखा नहीं करता, वह उन्हें स्वीकार करता है।

मनुष्य की सच्ची इच्छा उसके दिल में बहुत गहराई से छिपी होती है। यह यह इच्छा है जो उसे सुबह उठने की शक्ति देती है और कठिन समय में उसे टूटने नहीं देती। अपनी गहरी इच्छा को समझना चाहिए। वही जीवन के उद्देश्य तक ले जाएगी। यदि हम सच्चे मन से अपने उद्देश्य को धाम लें, तो रास्ते खुलने लगते है। • ग्लेन क्लार्क

मनुष्य अपने विचारों से अपनी आर्थिक और मानसिक स्थिति दोनों बनाता है। यदि मन भय और कमी की सोच से भरा हो, तो जीवन वैसा ही होगा। पर यदि मन में मेहनत, अवसर और विश्वास की ऊर्जा है, तो धीरे-धीरे परिस्थितियां बदलने लगती हैं। हर व्यक्ति के भीतर एक छुपी हुई शक्ति है, वह शक्ति जो सही विच्चार, सही काम और सही संकल्प से जागती है। समृद्धि उन लोगों के पास आती है जो अपने काम में ईमानदारी रखते हैं, समय का सम्मान करते हैं।

नौकरी बदलना हो, माता-पिता की देखभाल करनी हो, एक नई जगह पर जाना हो या बीमारी से जुड़ी कोई समस्या हो, जीवन में आने वाली बाधाएं एकाग्रता और संतुलन बनाए रखने में मुश्किलें पैदा करती हैं। ऐसे समय में भी यदि आप अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस करें और अपनी रोजमर्रा की आदतों को बनाए रखें, तो सही दिशा बनाए रखने में मदद मिलगी। आदतें स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। जानिए ऐसी कौन-सी चीजें हैं जो आपको नियमित रूप से करनी ही चाहिए…

पर्सनल रिफ्लेक्शन का मतलब है मन और अनुभवों को समझाना। यह बिल्कुल डायरी लिखने जैसा हो सकता है. जिसमें हम दिनभर की बातें लिखते हैं। जैसे बच्चों की मजेदार बातें नोट करना या रोज जिन चीजों के लिए आभार महसूस होता है, उनकी एक छोटी सूची बनाना। आत्मचिंतन जैसी आदतें अक्सर हमें जीवन की घटनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती हैं।

जब आप अपनी प्राथमिकताओं और करने योग्य कार्यों पर रोज चिंतन करते हैं तो इससे आपको उत्पादकता और एकाग्रता में बड़ा अंतर आ सकता है। व्यावसायिक आत्मचिंतन सिर्फ सोचने की आदत नहीं, करियर को सही दिशा में रखने का सबसे कारगर तरीका है। जब रोजमर्रा का काम हमें लगातार भागते रहने पर मजबूर करता है, तब थोड़ी देर रुककर सोचना हमें मजबूत बनाता है।

सामाजिक विज्ञान पूरी स्पष्टता से बताता है कि व्यक्तिगत सुख-समृद्धि में रिश्तों की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवार ही नहीं, दोस्तों के लिए भी समय अवश्य निकालें। दोनों समान रूप से जरूरी हैं। व्यस्त जीवन में संबंध इसलिए जरूरी हैं कि यहीं हमें भावनात्मक संतुलन, सहारा और अपनेपन का एहसास देते हैं। रिश्ते हमें थामे रखते हैं, ऊर्जा लौटाते हैं।

अध्ययन बताते हैं कि जो लोग सप्ताह में कम से कम दो दिन व्यायाम करते हैं, वे अधिक खुश रहते हैं। केवल 20 मिनट का व्यायाम भी आपका मूड बेहतर कर सकता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए, रोज ध्यान (मेडिटेशन) मददगार हो सकता है। हर दिन 30 मिनट पढ़ने या लिखने के लिए अलग निकालना भी मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है। शोध भी यही बात कहते हैं।

शाहरुख़ ख़ान की सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि सोच, संघर्ष और सतत प्रयास की कहानी है। अगर आप भी जीवन में सफल होना चाहते हैं, तो आज से ही:

  • खुद पर भरोसा करें
  • मेहनत से पीछे न हटें
  • और अपने सपनों को हल्के में न लें

क्योंकि सपने वही सच होते हैं, जिन पर इंसान खुद विश्वास करता है।

ARATTAI CHANNELCLICK HERE
WHATSAPP CHANNELCLICK HERE
TELEGRAM CHANNELJOIN
YOU TUBE CHANNELSUBSCRIBE

BSEB Update

Scholarship

Latest Jobs

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

शनि है भारी तो आज से करें ये उपाय दही हल्दी चेहरा पर लगाने के चमत्कारी फायदे दुनिया में सबसे ज्यादा आलू की पैदावार कहाँ होती है ठंडी के दिन में घुमने की सबसे बेहतरीन जगह सर्दी में फटने लगें होठ तो करें ये उपाय