बिहार के सरकारी स्कूल में बडा़ बदलाव – कक्षा 1 से 12वीं के विधार्थी जल्दी देखें:-बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और प्रभावी बनाने के लिए सरकार तथा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने दो बड़े बदलाव लागू किए हैं। पहला बदलाव बिहार बोर्ड प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन से जुड़ा है, जबकि दूसरा बदलाव सरकारी स्कूलों में गणित, अंग्रेजी और हिंदी पढ़ाई की जांच से संबंधित है। दोनों निर्णय राज्य के लाखों विद्यार्थियों को सीधे प्रभावित करेंगे।
यह लेख इन दोनों नए नियमों, उनके उद्देश्य, फायदे और लागू होने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाता है।
स्कूलों में बच्चों की गणित और अंग्रेजी शिक्षा की जांच होगी, हिंदी भी बोलकर पढ़नी होगी
बिहार के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की गणित और अंग्रेजी की पढ़ाई की जांच होगी। शिक्षा विभाग की ओर से निरीक्षण के दौरान रैंडम ही स्टूडेंट्स से गणित के सवाल पूछे जाएंगे। अंग्रेजी शब्द का उच्चारण और अर्थ के बारे में पूछा जाएगा। साथ ही विषय की किताब को बोलकर पढ़वाया जाएगा।
परीक्षा में कम नंबर आने और जांच के दौरान विद्यार्थियों के विषय में कमजोर होने का पता चला
इससे विद्यार्थियों में विषय की जानकारी के साथ ही उनके बोलने की क्षमता की जांच होगी। स्कूली छात्रों में सीखने की कम क्षमता के कारण गणित, अंग्रेजी और हिंदी की जांच की व्यवस्था की जा रही है। असर रिपोर्ट में भी गणित, अंग्रेजी विषयों में छात्रों को कम जानकारी होने की बात कही गई है।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का गणित, अंग्रेजी विषय में कमजोर होने की जानकारी परीक्षा के नंबरों से मिली। साथ ही जांच के दौरान भी वे अधिकांश सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे थे। इसकी वजह से अब शिक्षा विभाग का गणित और अंग्रेजी विषय पर विशेष ध्यान है। अधिकारियों के मुताबिक गणित और अंग्रेजी विषय में छात्रों को मजबूत होने से अन्य विषय में कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही भविष्य में इसका फायदा मिलेगा।
पहली घंटी गणित और दूसरी रीडिंग की होगी
राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली घंटी गणित और दूसरी घंटी रीडिंग के लिए निर्धारित की गई है। रीडिंग के दौरान छात्र तेज आवाज में स्पष्ट उच्चारण के साथ पढ़ाई करेंगे। इसके साथ ही आवश्यकता होने पर दूसरे छात्रों को भी समझाएंगे। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही सीखने की क्षमता का विकास होगा।
बच्चों को प्रैक्टिस कराई जा रही
स्कूल में छात्रों को पढ़ाने के लिए प्रत्येक विषय ध्यान दिया जा रहा है। कक्षा में गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषय की लगातार प्रैक्टिस कराई जा रही है। जिससे छात्रों को अंक ज्ञान, बोलने की क्षमता का विकास हो सके। सुनील कुमार, शिक्षामंत्री
बदलाव : बिहार बोर्ड प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन करेगा
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) अब प्रमाणपत्र सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। नए साल से बिहार बोर्ड की ओर से सत्यापन की यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने से अभ्यर्थियों और संस्थानों को लंबे इंतजार से छुटकारा मिलेगा और सत्यापन कार्य में तेजी आएगी।
नौकरी लगने पर सत्यापन के लिए डाक के माध्यम से संस्थान करते थे अनुरोध
अब तक यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन चलती थी। किसी अभ्यर्थी की नौकरी लगने या अन्य आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संस्थान डाक के माध्यम से बोर्ड से संपर्क करते थे। इस कारण सत्यापन में काफी समय लग जाता था। कागजी कार्रवाई और मैन्युअल जांच की वजह से प्रक्रिया और भी धीमी हो जाती थी। नई ऑनलाइन व्यवस्था के तहत नियोक्ता संस्थान या शैक्षणिक संस्थान सीधे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सत्यापन के लिए अनुरोध कर सकेंगे। अनुरोध प्राप्त होने के बाद बोर्ड डिजिटल माध्यम से सत्यापन करेगा, जिससे पहले की तुलना में कम समय लगेगा।
लोगों का समय बचेगा
बिहार बोर्ड के अनुसार इस डिजिटल प्रणाली को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाने और सेवा की गति में सुधार लाना है। इससे बोर्ड के लाखों छात्रों और पूर्व छात्रों को लाभ मिलेगा। जो नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अपने अंक पत्र व प्रमाणपत्रों के सत्यापन में सप्ताह या महीने बिता देते थे। डिजिटल सत्यापन प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि दस्तावेजों की सुरक्षा व प्रामाणिकता भी सुनिश्चित करेगी।
- अब तक बिहार बोर्ड में सत्यापन का काम ऑफलाइन होता था
- संबंधित संस्थान अब बोर्ड के पास सत्यापन के लिए कागजात ऑनलाइन भेज सेकेंगे
- पहल का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और सेवा की गति में सुधार लाना है
इन दोनों बदलावों का संयुक्त प्रभाव
हालांकि दोनों बदलाव अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं, लेकिन इनका लक्ष्य एक ही है—शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना।
- ऑनलाइन सत्यापन से छात्रों को प्रशासनिक सुविधा मिलेगी।
- स्कूलों में नई जांच व्यवस्था से छात्रों की पढ़ाई मजबूत होगी।
- इससे बिहार की शिक्षा प्रणाली अधिक आधुनिक, तेज़ और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।
निष्कर्ष
बिहार सरकार और बिहार बोर्ड द्वारा किए जा रहे ये बदलाव राज्य के विद्यार्थियों के हित में हैं।
जहां एक ओर प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया डिजिटल होकर आसान हो गई है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में नियमित जांच से छात्रों की कमजोरियों को पहचानकर सुधार किया जा सकेगा।
आने वाले समय में इन दोनों फैसलों का लाभ कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के करोड़ों छात्रों को मिलेगा।
IMPORTANT LINK
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOU TUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |
BSEB Update
- सरकारी स्कूल के छुट्टी का कैलेंडर जारी- 2026 में 75 दिन की छुट्टी
- बिहार बोर्ड ने शुरू किया चैटबोट- यह एआई आपके सभी प्रश्न का देगा जबाब
- Bseb Matric inter exam 2027 Update | मैट्रिक इंटर बोर्ड परीक्षा 2027 की तिथि जारी
- Bihar Board Matric Exam Routine 2026
- Bihar board inter exam 2026 Routine
- बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर मॉडल पेपर 2026 जारी- यहाँ से देखें
- सरकारी स्कूल में बच्चों को सिखाया जाएगा रोबोट और ड्रोन बनना
- मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026 का रूटिन जारी – परीक्षा 2 और 17 फरवरी से
- इंटर परीक्षा 2026 का परीक्षा फॉर्म भरने का मिला अंतिम मौका – जल्दी भरें फॉर्म
- मैट्रिक परीक्षा 2026 का परीक्षा फॉर्म भरने का मिला अंतिम मौका – जल्दी भरें फॉर्म


























