बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा सेंटर पर ये ये चिजें- लेकर जाएं – नहीं तो नहीं दे पाएंगे परीक्षा:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट (12वीं) वार्षिक परीक्षा 2026 में शामिल होने जा रहे लाखों छात्रों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। परीक्षा के दौरान बिहार बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए हैं। अगर छात्र इन नियमों का पालन नहीं करते हैं या आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर नहीं जाते हैं, तो उन्हें परीक्षा देने से वंचित भी किया जा सकता है।
इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा सेंटर पर क्या-क्या लेकर जाना अनिवार्य है, किन चीजों पर पूरी तरह प्रतिबंध है, एडमिट कार्ड में गड़बड़ी होने पर क्या करें, परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश, और छात्रों के लिए जरूरी Exam Day Tips।
बिहार-बोर्ड इंटर परीक्षा 2026 का संक्षिप्त विवरण
- बोर्ड का नाम:- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB)
- कक्षा:- 12वीं (इंटरमीडिएट)
- सत्र:- 2025–27
- परीक्षा तिथि:- फरवरी 2026
- परीक्षा पाली:- दो पालियों में
- परीक्षा केंद्र:- राज्यभर में निर्धारित
बिहार बोर्ड : इंटर परीक्षा में दो स्तरों पर होगी जांच, 10 सेट में होंगे प्रश्न पत्र
बिहारबोर्ड के द्वारा इंटर की परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच दो पालियों में होनी है। पहली पाली 9.30 और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से होगी। परीक्षा के लिए बोर्ड ने नए गाइडलाइन जारी किए हैं। इसके तहत अब दो स्तर पर फ्रिस्किंग (परीक्षार्थियों की जांच) की जाएगी। पहले परीक्षार्थियों की जांच मुख्य द्वार पर की जाएगी।
2 फरवरी से परीक्षा, कल से एक्टिव हो जाएगी हेल्पलाइन
इसके बाद क्लास रूम में हर 25 छात्र पर एक वीक्षक को जांच की जिम्मेवारी दी गयी है, वे हर क्लास में जांच के बाद शपथ पत्र देंगे कि उन्होंने 25 छात्रों की पूरी तरह से जांच पड़ताल कर ली है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, स्मार्ट वॉच एवं मैगनेटिक वॉच आदि पर प्रतिबंध रहेगा। सभी विषयों में 10 सेट में प्रश्न पत्र रहेंगे। 50 प्रतिशत प्रश्न ऑब्जेक्टिव (वस्तुनिष्ठ) रहेगा। प्रत्येक विद्यार्थी को बीएसईबी यूनिक आईडी जारी की गयी है। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 16 प्रभावी रहेगी। कोई भी अनधिकृत व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकेगा।
हर 500 छात्र पर एक वीडियोग्राफर रहेगा
केंद्राधीक्षक को छोड़कर कोई भी परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन नहीं ले सकते हैं। सीसीटीवी कैमरों एवं वीडियोग्राफर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया है। हर 500 छात्र पर एक वीडियोग्राफर रहेगा। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा प्रारंभहोने के एक घंटा पूर्व से माइक से अनाउंसमेंट कराने का भी निर्देश दिया गया है ताकि सभी परीक्षार्थी गेट बंद होने के पूर्व परीक्षा केंद्र में हर हाल में प्रवेश कर लें। सभी जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भी सफल संचालन के लिए निर्देश दिया गया है। राज्य के सभी जिलों में शिक्षा विभाग द्वारा नोडल पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है।
समस्या हो तो इन नंबरों पर करें कॉल
परीक्षा के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान तथा समस्याओं के ससमय निवारण के लिए केंद्र रूम 1 फरवरी से सुबह छह बजे से ही 24 घंटे कार्य करने लगेगा। कंट्रोल रूम का नंबर 0612-2232257 तथा 0612-2232227 पर फोन कर परीक्षार्थी अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं। जिलों से बेहतर समन्वय के लिए व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाया गया है।
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा है कि
राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को हर हाल में लागू करते हुए परीक्षा की शुचिता एवं स्वच्छता में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी परीक्षार्थी दीवार फांद कर या अवैध रूप से प्रवेश करता है तो उसे दो साल के परीक्षा से निष्कासित कर दिया जायेगा, संबंधित केंद्राधीक्षक एवं चिह्नित व्यक्ति पर भी निलंबन एवं प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।
13 लाख से अधिक छात्र-छात्रा परीक्षा में शामिल होंगे
परीक्षा में 1317846 परीक्षार्थी भाग लेंगे। इसके लिए कुल 1762 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। इसमें 675844 छात्राएं व 642002 छात्र शामिल हैं। छात्राओं की संख्या अधिक है। पटना जिला में 73963 परीक्षार्थी 84 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। इसमें 38037 छात्राएं एवं 35926 छात्र शामिल हैं। परीक्षार्थियों को एक घंटे पूर्व पहुंचने का निर्देश दिया गया है, आधे घंटे पूर्व प्रवेश द्वारा बंद कर दिया जायेगा। छात्र-छात्राओं को 15 मिनट अतिरिक्त समय प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए दिया जायेगा। दिव्यांग परीक्षार्थियों को 20 मिनट प्रति घंटा का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
इंटर : एडमिट कार्ड में गड़बड़ी है तो, केंद्र पर ले जाएं अपना पहचान पत्र
इंटर परीक्षा में पटना जिले से कुल 73,963 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें 38,037 छात्राएं एवं 35,926 छात्र हैं। पटना जिले में परीक्षा 84 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
02 फरवरी से शुरू हो रही है इंटर की परीक्षा
पहले दिन (दो फरवरी) प्रथम पाली में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक बायोलॉजी (विज्ञान) एवं फिलॉसफी (कला) की परीक्षा होगी। वहीं, द्वितीय पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक इकोनॉमिक्स (कला एवं वाणिज्य) की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
पटना जिले में बनाए गए हैं 84 परीक्षा केंद्र
समिति ने निर्देश दिया है कि वैसे परीक्षार्थी जिनका प्रवेश पत्र गुम हो गया हो या घर पर छुट गया हो, तो ऐसी स्थिति में उपस्थिति पत्रक में स्कैंड फोटो से उसे पहचान कर और रॉल शीट से सत्यापित कर परीक्षा में बैठने की औपबंधिक अनुमति दी जाएगी। जिनके प्रवेश पत्र में फोटो की त्रुटि हो गयी है, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गयी है। जिन छात्रों के एडमिट कार्ड की फोटो में अगर गड़बड़ी हो या किसी अन्य की तस्वीर छपी हो तो छात्रों को पहचान पत्र के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
मोबाइल फोन लेकर नहीं जायेंगे वीक्षक
समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि परीक्षा को लेकर सभी केंद्रों पर धारा 144 लगा दी गयी है। स्वच्छ, कदाचारमुक्त एवं कड़ाई के साथ परीक्षा के आयोजन के लिए समिति द्वारा राज्य के सभी जिला पदाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे। 500 परीक्षार्थी पर एक वीडियोग्राफर की व्यवस्था भी करनी होगी। हर 25 परीक्षार्थी पर एक वीक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी।
केवल पढ़ाई नहीं, ब्रेक भी है जरूरी
एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया का चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘एपिकॉन-2026’ में देश-विदेश से आये विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पटना में जुटी है. प्रभात खबर से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को महत्वपूर्ण टिप्स और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिये.
विशेषज्ञों ने बताया कि
परीक्षा के दौरान छात्रों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल जाती है, जिसका असर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. देर रात तक पढ़ाई, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग, असंतुलित खान पान और नींद की कमी से तनाव और थकान बढ़ती है, जो परीक्षा प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
नियमित अध्ययन, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद है जरूरी
इस दौरान, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में सफलता के लिए सिर्फ अधिक पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली भी काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने छात्रों को नियमित अध्ययन, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, और मानसिक तनाव को सही तरीके से प्रबंधित करने के महत्व पर जोर दिया.
उन्होंने बताया कि
इन सभी पहलुओं का पालन करने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता और याददाश्त में भी सुधार होगा. इससे छात्रों को परीक्षा में अपने बेहतर प्रदर्शन को हासिल करने में मदद मिलेगी.
कई बोडों की 10वीं-12वीं की परीक्षा अगले माह से
- बिहार बोर्ड…
- 02 से 13 फरवरी तक इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा का होगा आयोजन
- 17 से 25 फरवरी तक बिहार बोर्ड की मैट्रिक की होगी परीक्षा
- सीबीएसइ बोर्ड…
- 17 फरवरी से 11 मार्च तक होगी 10वी की बोर्ड परीक्षा
- 17 फरवरी से 30 मार्च तक होगी सीबीएसई 12वीं की परीक्षा
- आइसीएसइ बोर्ड…
- 17 फरवरी से 30 मार्च तक 10वीं की बोर्ड परीक्षा होगी
- 12 फरवरी से 06 अप्रैल तक होगी आइसीएसइ बोर्ड की 12वीं की परीक्षा
डॉक्टरों ने कहा – सुबह उठकर करें पढ़ाई
नींद है सबसे अहम फैक्टर
परीक्षा के दिनों में बच्चों के लिए नींद सबसे अहम फैक्टर है. देर रात तक जागने से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं, जिससे बच्चा पढ़ा हुआ भी जल्दी भूलने लगता है. बेहतर है कि रात 10 बजे तक सोने की आदत डालें और सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करें. सुबह 3-7 बजे के बीच की पढ़ाई ज्यादा असरदार होती है, क्योंकि इस समय दिमाग फ्रेश रहता है. इसके साथ ही मोबाइल का इस्तेमाल कम करना चाहिए, खासकर रात के समय –
फोन का कम से कम हो उपयोग
जो छात्र पूरे साल नियमित पढ़ाई करते हैं, उन्हें परीक्षा के समय देर रात तक जागने की जरूरत नहीं पड़ती. रेगुलर स्टडी से न सिर्फ सिलेबस समय पर पूरा होता है, बल्कि स्वास्थ्य भी ठीक रहता है. मोबाइल फोन आज छात्रों की सबसे बड़ी डिस्ट्रैक्शन बन गया है, जिससे पढ़ाई का समय कम हो जाता है. परीक्षा के दौरान ज्यादा स्ट्रेस लेने से तबीयत खराब हो सकती है. इसलिए जरूरी है कि बच्चे चिंता कम करें.
लगातार बैठकर नहीं करें पढ़ाई
तनाव-मुक्त रहने में पेरेंट्स और परिवार की भूमिका बहुत अहम होती है. परीक्षा के समय बच्चों को सपोर्टिव माहौल मिलना चाहिए. रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद, पर्याप्त पानी का सेवन और नियमित लाइफस्टाइल बेहद जरूरी है. लंबे समय तक लगातार बैठकर पढ़ाई न करें, हर दो घंटे में आंखों का व्यायाम और बॉडी स्ट्रेच जरूर करें. छोटे-छोटे ब्रेक और सही हाइड्रेशन बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है.
रोजाना 20-30 मिनट करें मेडिटेशन
आज के बच्चों में परीक्षा को लेकर मानसिक दबाव तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में रोजाना 20-30 मिनट का मेडिटेशन बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है. इससे स्ट्रेस कम होता है और केसंट्रेशन बेहतर होता है. परीक्षा के समय मन पर अनावश्यक दबाव न डाले और खुद को रिलैक्स रखें, खानपान में सादगी अपनाएं ताकि पाचन तंत्र सही रहे. हल्का और पौष्टिक भोजन बच्चों को एक्टिव रखता है. परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन की असली तैयारी है.
सहयोगपूर्ण व शांत हो पैरेंट्स का बिहेव
परीक्षा के समय अभिभावकों का व्यवहार सहयोगपूर्ण, शांत और सकारात्मक होना चाहिए. बच्चों पर अनावश्यक दबाव या तुलना नहीं करनी चाहिए, बल्कि उनका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए. समय पर पढ़ाई, आराम और नींद का संतुलन बनाए रखने में मदद करें. खानपान हल्का, पौष्टिक और नियमित होना चाहिए.
घर में हो शांत वातावरण
परीक्षा के समय बच्चों के हार्मोनल संतुलन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. अधिक तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे याददाश्त, नींद और एकाग्रता प्रभावित होती है. इसलिए अभिभावकों को शांत वातावरण देना चाहिए, खानपान ऐसा हो जो ब्लड शुगर को स्थिर रखे-जैसे साबुत अनाज, प्रोटीन, फल और हरी सब्जियां.
परीक्षा केंद्र पर ये चीजें लेकर जाना अनिवार्य
अगर आप नीचे दी गई चीजें साथ नहीं ले जाते हैं, तो आपको परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं मिलेगा।
1. इंटर एडमिट कार्ड (मूल प्रति)
- एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा देना पूरी तरह असंभव है
- फोटो और विवरण साफ-साफ होना चाहिए
- फटे या खराब एडमिट कार्ड से परेशानी हो सकती है
2. पहचान पत्र (ID Proof)
विशेष रूप से तब जरूरी, जब:-
- एडमिट कार्ड में फोटो साफ न हो
- नाम या जन्मतिथि में गड़बड़ी हो
मान्य पहचान पत्र:-
- आधार कार्ड
- स्कूल आईडी कार्ड
- वोटर आईडी
- ड्राइविंग लाइसेंस
3. ब्लैक या ब्लू बॉल पेन
- उत्तर पुस्तिका भरने के लिए
- अतिरिक्त पेन रखना बेहतर
4. पारदर्शी पानी की बोतल
- केवल ट्रांसपेरेंट बोतल की अनुमति
- लेबल हटाना सुरक्षित
5. समय से पहले केंद्र पर पहुंचना
- रिपोर्टिंग टाइम के बाद गेट बंद
- देर से पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं
परीक्षा केंद्र पर इन चीजों पर सख्त प्रतिबंध
बिहार बोर्ड ने नकल रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कई वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
प्रतिबंधित वस्तुएं:-
- मोबाइल फोन
- स्मार्ट वॉच
- ब्लूटूथ डिवाइस
- ईयरफोन / हेडफोन
- कैलकुलेटर
- टैबलेट / लैपटॉप
- किताब, कॉपी, नोट्स
- पर्स / बैग
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट
- जूता-मोजा (कई केंद्रों पर प्रतिबंध)
- गहने, चेन, अंगूठी
पकड़े जाने पर परीक्षा रद्द, FIR या भविष्य की परीक्षा से वंचित भी किया जा सकता है।
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में डबल चेकिंग सिस्टम
बोर्ड द्वारा इस बार दो स्तर पर जांच (Double Checking) की व्यवस्था की गई है:-
- प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग
- परीक्षा हॉल में सीट पर जांच
इसके अलावा:-
- CCTV कैमरे
- वीडियोग्राफी
- केंद्र पर दंडाधिकारी की तैनाती
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026: जरूरी निर्देश एक नजर में
- परीक्षा से 1 घंटा पहले केंद्र पहुंचें
- बिना अनुमति बाहर न जाएं
- अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई
- नकल करते पकड़े जाने पर भविष्य खराब हो सकता है
निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026 छात्रों के भविष्य का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसलिए परीक्षा से पहले नियमों की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। अगर आप सही दस्तावेज, सही समय और सही तैयारी के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचते हैं, तो किसी भी परेशानी से बच सकते हैं।
याद रखें – नियमों की अनदेखी आपको परीक्षा से बाहर भी कर सकती है।
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