बिहार बोर्ड मैट्रिक कॉपी चेकिंग समाप्त – बिहार विद्यालय परीक्षा समिति BSEB द्वारा आयोजित बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। बोर्ड की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मैट्रिक परीक्षा की कॉपी चेकिंग 13 मार्च 2026 को पूरी तरह समाप्त हो गई है। इसके साथ ही ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया भी आज समाप्त कर दी गई है।
अब बोर्ड रिजल्ट तैयार करने की अंतिम प्रक्रिया में जुट गया है और संभावना है कि जल्द ही मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी बिहार बोर्ड देश के अन्य बोर्डों से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है।
13 मार्च को समाप्त हुई कॉपी चेकिंग
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए राज्यभर में कई मूल्यांकन केंद्र (Evaluation Center) बनाए गए थे। इन केंद्रों पर हजारों शिक्षकों को कॉपी जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। बोर्ड के निर्देश के अनुसार सभी मूल्यांकन केंद्रों पर निर्धारित समय सीमा के अंदर कॉपियों की जांच पूरी कर ली गई। 13 मार्च 2026 को मैट्रिक परीक्षा की कॉपी चेकिंग पूरी तरह समाप्त हो गई है।
कॉपी चेकिंग प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित चरण अपनाए गए:
- प्रत्येक विषय की कॉपियों को अलग-अलग मूल्यांकन केंद्रों पर भेजा गया
- प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई
- जांच के बाद छात्रों के अंक बोर्ड के डिजिटल सिस्टम में अपलोड किए गए
- इसके बाद रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई
कॉपी चेकिंग समाप्त होने के बाद अब बोर्ड रिजल्ट प्रोसेसिंग और डेटा वेरिफिकेशन का काम कर रहा है।
ऑब्जेक्टिव आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया भी समाप्त
बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 50 प्रतिशत प्रश्न ऑब्जेक्टिव (MCQ) होते हैं। परीक्षा समाप्त होने के कुछ दिनों बाद बोर्ड द्वारा सभी विषयों की ऑफिशियल आंसर-की जारी की जाती है। इस आंसर-की के आधार पर छात्र अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। यदि किसी छात्र को लगता है कि किसी प्रश्न का उत्तर गलत दिया गया है, तो वह उस पर ऑनलाइन आपत्ति (Objection) दर्ज कर सकता है। इस वर्ष भी बोर्ड ने छात्रों को आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया था।
इस प्रक्रिया के तहत:
- बोर्ड ने सभी विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी की
- छात्रों को ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया गया
- विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा आपत्तियों की जांच की गई
13 मार्च 2026 को ऑब्जेक्टिव आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि थी और आज यह प्रक्रिया भी समाप्त हो गई है। अब बोर्ड विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद फाइनल आंसर-की जारी करेगा और उसी के आधार पर छात्रों के ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के अंक तय किए जाएंगे।
रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
कॉपी चेकिंग और आंसर-की ऑब्जेक्शन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब बिहार बोर्ड रिजल्ट तैयार करने में जुट गया है। रिजल्ट तैयार करने के लिए बोर्ड कई महत्वपूर्ण चरणों से गुजरता है:
- कॉपी जांच के अंक को सिस्टम में अपलोड किया जाता है
- ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के अंक फाइनल किए जाते हैं
- सभी विषयों के अंकों का मिलान किया जाता है
- डेटा वेरिफिकेशन किया जाता है
- रिजल्ट फाइनल कर बोर्ड अध्यक्ष की मंजूरी ली जाती है
इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही बोर्ड रिजल्ट जारी करता है।
बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 कब आएगा
अब छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 कब जारी होगा। पिछले वर्षों के ट्रेंड और वर्तमान प्रक्रिया को देखते हुए संभावना है कि मार्च के तीसरे सप्ताह में रिजल्ट जारी किया जा सकता है। संभावित रिजल्ट तिथि इस प्रकार हो सकती है:
| वर्ष | इंटर रिजल्ट | मैट्रिक रिजल्ट |
| 2025 | 25 मार्च | 29 मार्च |
| 2024 | 23 मार्च | 31 मार्च |
| 2023 | 21 मार्च | 31 मार्च |
| 2022 | 16 मार्च | 31 मार्च |
रिजल्ट चेक करने की प्रक्रिया
छात्र नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं –
- सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में Google ओपन करें।
- सर्च बॉक्स में arcarrierpoint.com, arcarrierpoint.in या arjobportal.in टाइप करके सर्च करें।
- इसके बाद वेबसाइट को ओपन करें।
- वेबसाइट के होमपेज पर आपको Result Category दिखाई देगा।
- रिजल्ट सेक्शन में सबसे ऊपर एक पोस्ट मिलेगा – “बिहार बोर्ड इंटर / मैट्रिक रिजल्ट चेक करें”
- उस पोस्ट पर क्लिक करें।
- अब अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें।
- इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें।
- आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- छात्र चाहें तो इसे डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं।
टॉपर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी होगी
बिहार बोर्ड हर साल रिजल्ट जारी करने से पहले टॉपर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि टॉप करने वाले छात्र वास्तव में उस स्तर के योग्य हैं। टॉपर वेरिफिकेशन के दौरान:
- टॉप रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों को पटना बुलाया जाता है
- उनसे विषय से संबंधित कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं
- उनकी कॉपियों का दोबारा मिलान किया जाता है
इस प्रक्रिया के बाद ही बोर्ड फाइनल टॉपर लिस्ट जारी करता है।
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बिहार बोर्ड रचने जा रहा है इतिहास- ऑब्जेक्टिव सब्जेक्टीव कॉपी एक साथ चेक हो रहा है


























