बोर्ड परीक्षा में अब चंद दिनों का समय – बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, छात्र दिन-रात अपनी तैयारी को पूरी तरह मुकम्मल करने में लगे हैं. बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए महत्वपूर्ण कौशलों में से एक है-उत्तर लिखने का सही तरीका. उत्तर लिखने का प्रभावी तरीका छात्रों के अंकों में बड़ा अंतर ला सकता है. राइटिंग स्किल से जुड़े कुछ सरल और आसान सुझावों को अपना कर आप परीक्षा में अपने स्कोर को बेहतर बना सकते हैं….
बोर्ड परीक्षा : राइटिंग स्किल्स से बेहतर करें अपना स्कोर
विषयों की तैयारी के साथ यह तैयारी भी अहम है कि बोर्ड परीक्षा का पेपर कैसे लिखें. इसके लिए सही रणनीति, संरचना और मानसिक एकाग्रता बेहद जरूरी है. पूरे सिलेबस को अच्छे से तैयार करने के बावजूद परीक्षा के दौरान मानसिक तनाव के चलते छात्रों से कुछ सामान्य-सी गलतियां हो जाती है, जिनका असर स्कोर पर पड़ता है. इसलिए अच्छे अंक लाने के लिए जिस तरह कड़ी मेहनत और मजबूत तैयारी आवश्यक है, परीक्षा हॉल में कुछ गलतियों से बचना भी उतना ही जरूरी है.
प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें
छात्र अक्सर परीक्षा के तनाव और घबराहट में प्रश्नों की गलत व्याख्या कर लेते हैं. समय पर पेपर खत्म करने की जल्दी में वे प्रश्नों को ध्यान से नहीं पढ़ते हैं और जो पूछा जा रहा है, उसे पूरी तरह समझे बिना में ही उत्तर लिखना शुरू कर देते हैं. प्रश्न व्याख्या करे, अंतर बताएं या मूल्यांकन करें सभी का अर्थ अलग होता है. लिखने से पहले 30-40 सेकेंड यह समझने में लगाएं कि प्रश्न की मांग क्या है. बिना किसी कनफ्यूजन के प्रश्न में जो पूछा गया है, उसका सटीक उत्तर लिखें.
शब्द सीमा का रखें ख्याल
कुछ छात्रों को लगता है कि उनका उत्तर जितना लंबा होगा, उन्हें उतने अधिक अंक मिलेंगे. इस बात में कोई सच्चाई नहीं है. परीक्षक केवल सार्थक उत्तरों पर अंक देते हैं, जिनमें महत्वपूर्ण तथ्य और संक्षिप्त जानकारी शामिल हो. लंबे, निबंध-प्रकार के उत्तर परेशान करनेवाले और पढ़ने में कठिन हो सकते हैं और वे घरीक्षक के लिए मुख्य बिदुओं को ढूंढ़ना मुश्किल बना सकते हैं. इसके अतिरिक्त, लंबे उत्तर लिखने से आपका एक ही प्रश्न में काफी समय खर्च होगा, जिससे परीक्षा में शेष प्रश्नों को पूरा करने के लिए कम समय मिलेगा, जो आपके परीक्षा परिणाम के लिए अच्छा नहीं है. इसलिए लंबी भूमिका के बिना तय शब्द सीमा में स्पष्ट उत्तर लिखें.
डेटा पर करें फोकस
छात्र कई बार जल्दबाजी में प्रश्न पत्र के डेटा को ध्यान से नहीं देखते और गलत डेटा कॉपी कर लेते हैं, खासतौर पर संख्यात्मक प्रश्नों में. इस गलती से बचने के लिए प्रश्न पत्र से डेटा कॉपी करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. छात्रों को यह सुनिश्चित करने के लिए दोबारा जांच करनी चाहिए कि उन्होंने डेटा की सटीक प्रतिलिपि बनायी है या नहीं. डेटा की गलती अंकों पर असर डाल सकती है.
टाइम मैनेजमेंट पर करें अमल
बोर्ड परीक्षा में सफलता के लिए टाइम मैनेजमेंट एक अहम घटक है. बेशक आपको पता है कि तीन घंटे में ही आपको सभी प्रश्नों के जवाब लिखने है, लेकिन कई बार छात्र परीक्षा के दौरान अपने समय का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में विफल रहते है, जिसका प्रमुख कारण परीक्षा का तनाव और घबराहट होती है. इस गलती से बचने के लिए, छात्रों को पहले से योजना बनानी चाहिए कि प्रत्येक प्रश्न और कैटेगरी के लिए कितना समय देना है. इससे परीक्षा के दौरान प्रश्न छूटने या लेखन के दौरान हड़बड़ाहट से होनेवाले तनाव से छात्र बच सकते हैं.
आसान प्रश्नों को अंत के लिए न छोडें
कई छात्र कठिन प्रश्नों को पहले हल करते हैं और आसान प्रश्नों को आखिर में करने के लिए छोड़ देते हैं. यह हमेशा एक अच्छा विचार नहीं है. छात्रों को उन प्रश्नों का उत्तर पहले देना चाहिए, जिनका उत्तर उन्हें लगता है कि वे आसानी से दे सकते हैं. इससे उन्हें परीक्षा में कुछ निश्चित अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी. दूसरी ओर, यदि छात्र कठिन प्रश्नों पर बहुत अधिक समय देंगे, तो उनके पास आसान प्रश्नों का उत्तर देने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा, जिसमें कि उन्हें अधिक अंक मिल सकते थे. इसलिए आसान प्रश्नों को पहले ही हल कर ले.
उत्तर की प्रस्तुति (Presentation) पर दें विशेष ध्यान
कई बार उत्तर सही होने के बावजूद खराब प्रस्तुति के कारण पूरे अंक नहीं मिल पाते।
- उत्तर साफ-सुथरी लिखावट में लिखें
- जहां संभव हो हेडिंग, सब-हेडिंग और अंडरलाइन का प्रयोग करें
- उत्तर को छोटे-छोटे पैराग्राफ या बिंदुओं में लिखें
अच्छी प्रस्तुति परीक्षक का ध्यान आकर्षित करती है और अंक दिलाने में मदद करती है।
डायग्राम, चार्ट और फ्लोचार्ट का सही उपयोग
विशेषकर विज्ञान, भूगोल, जीवविज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में
- सही और साफ डायग्राम/चार्ट बनाने से उत्तर ज्यादा प्रभावशाली बनता है
- डायग्राम को हमेशा लेबल करें
- बहुत बड़ा या बहुत छोटा न बनाएं
एक सही डायग्राम कई बार 2–3 अतिरिक्त अंक दिला देता है।
उत्तर की शुरुआत और अंत मजबूत रखें
उत्तर की पहली और आखिरी पंक्ति बहुत महत्वपूर्ण होती है।
- शुरुआत में प्रश्न से जुड़ी स्पष्ट परिभाषा या मुख्य विचार लिखें
- अंत में 1–2 पंक्तियों में निष्कर्ष जरूर दें
इससे परीक्षक को यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि छात्र को विषय की अच्छी समझ है।
रिवीजन के लिए “लास्ट 15 मिनट” का सही इस्तेमाल
कई छात्र आखिरी समय यूं ही बैठ जाते हैं, जो बड़ी गलती है।
- रोल नंबर, प्रश्न संख्या सही है या नहीं—जरूर जांचें
- जहां उत्तर अधूरा लग रहा हो, वहां 1–2 पंक्तियां जोड़ें
- संख्यात्मक प्रश्नों में कैलकुलेशन दोबारा चेक करें
यह छोटा सा रिवीजन कई गलतियों को सुधार सकता है।
मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बनाए रखें
परीक्षा के दौरान घबराहट सबसे बड़ी दुश्मन होती है।
- अगर कोई प्रश्न नहीं आता, तो घबराएं नहीं
- उस प्रश्न को छोड़कर आगे बढ़ें
- गहरी सांस लें और खुद पर भरोसा रखें
शांत दिमाग से लिखा गया उत्तर हमेशा बेहतर होता है।
कम आता है” वाले प्रश्न को भी स्मार्ट तरीके से लिखें
अगर किसी प्रश्न का पूरा उत्तर नहीं आता:
- उससे जुड़े मूल बिंदु, परिभाषा या उदाहरण जरूर लिखें
- खाली छोड़ने से बेहतर है आंशिक सही उत्तर लिखना
कई बार इससे भी आंशिक अंक मिल जाते हैं।
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