मैट्रिक परीक्षा देने जा रहे तो इन नियमों को जाने – वरना नहीं दे पाएंगे परीक्षा:-हर साल बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में लाखों छात्र शामिल होते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई छात्र पढ़ाई की वजह से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी लापरवाही और नियमों की जानकारी न होने की वजह से परीक्षा से वंचित हो जाते हैं।
बोर्ड ने परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए इस बार भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि आप या आपके परिवार का कोई छात्र मैट्रिक परीक्षा देने जा रहा है, तो इस लेख को ध्यान से पढ़ें — क्योंकि यही जानकारी आपकी साल भर की मेहनत बचा सकती है।
चहारदीवारी फांदी तो दो वर्ष के लिए छात्र होंगे निष्कासित
मैट्रिक परीक्षा में विलंब से पहुंचने पर केंद्र की चारदीवारी फांदकर या अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले परीक्षार्थी दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित किए जाएंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस संबंध में जिलों को निर्देश दिया है।
बिहार बोर्ड ने परीक्षा से संबंधित निर्देश जारी किए, 15 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
समिति ने कहा कि परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आना मना है। जूता-मोजा पहने हुए परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों को जूते-मोजे की जगह चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। मैट्रिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसमें 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
क्रिमिनल ट्रेसपास की श्रेणी में होंगे शामिल
परीक्षार्थियों को दोनों पाली की परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा। वहीं परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिया जायेगा। यदि कोई परीक्षार्थी विलंब से परीक्षा केंद्र पर पहुंचता है और जबरदस्ती प्रवेश करता है तो उसे समिति के निर्देशों का उल्लंघन और क्रिमिनल ट्रेसपास की श्रेणी में रखा जायेगा। साथ ही यह कदाचारहित परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास और आपराधिक कृत भी समझा जायेगा। बोर्ड ने कहा कि संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्ष परीक्षा से निष्कासित करने के साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जायेगी। ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति यदि कोई केंद्राधीक्षक देते हैं तो उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जायेगी।
मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले बंद हो जायेगा
मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए समिति द्वारा जारी प्रवेश पत्र और परीक्षा संचालन के लिए निर्गत मार्गदर्शिका में कहा गया है कि केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले प्रवेश करना होगा। केंद्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले बंद हो जायेगा।
समिति ने कहा कि
प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के समय 9:30 बजे से 30 मिनट पूर्व यानि नौ बजे तक जबकि दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के समय दो बजे से 30 मिनट पहले यानी 1:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
- 17 से 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा
- परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पूर्व केंद्र में प्रवेश करने का निर्देश
- परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आने पर रोक
पटना में 4 मॉडल केंद्र बनाए गए
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की ओर से आयोजित माध्यमिक परीक्षा (मैट्रिक) 17 फरवरी से राज्य के 1,699 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगी। परीक्षा के लिए 15,12,687 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। इनमें 7,85,726 छात्राएं और 7,26,961 छात्र शामिल हैं। पटना जिले में चार मॉडल केंद्र समेत प्रत्येक जिले में चार मॉडल केंद्र सहित राज्यभर में 152 मॉडल केंद्र बनाए गए हैं।
पटना जिले में कुल 71,022 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए
इन केंद्रों पर केवल छात्राएं शामिल होंगी। केंद्रों पर प्रतिनियुक्त सभी कर्मी भी महिलाएं होंगी। केंद्रों को फूलों और गुब्बारों से सजाया जाएगा। इस बार भी परीक्षा में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। पटना जिले में कुल 71,022 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दो बजे से 5:15 बजे तक चलेगी।
पहली पाली के लिए नौ बजे तक प्रवेश
पहली पाली की परीक्षा के लिए प्रवेश 8:30 बजे से नौ बजे तक प्रवेश मिलेगा। दूसरी पाली की परीक्षा के लिए एक बजे से 1:30 बजे तक प्रवेश मिलेगा। राज्यभर से प्रथम पाली में 7,58,633 परीक्षार्थी और दूसरी पाली में 7,54,054 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
परीक्षा 17 फरवरी से, 15.12 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, छात्राओं की संख्या अधिक
जिले में प्रथम पाली में 35,897 और दूसरी पाली में 35,125 परीक्षार्थी शामिल होंगे। समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिला पदाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और डीपीओ को परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त आयोजन के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। परीक्षा में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
16 फरवरी से सक्रिय होगा कंट्रोल रूम
परीक्षा के सफल संचालन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम 16 फरवरी से 25 फरवरी तक कार्यरत रहेगा। समस्या होने पर नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0612-2232257 और 0612-2232227 पर संपर्क किया जा सकता है। दिव्यांग परीक्षार्थियों को अधिकतम 20 मिनट प्रति घंटा का अतिरिक्त समय मिलेगा।
यहां बनाए गए हैं मॉडल केंद्र
- राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय बांकीपुर
- राजकीय बालिका उच्च विद्यालय शास्त्रीनगर
- कमला नेहरू बालिका उच्च विद्यालय यारपुर (गर्दनीबाग)
- राजकीय बालिका उच्च विद्यालय गर्दनीबाग
दो स्तरों पर होगी तलाशी
किसी भी छात्र को इलेक्ट्रॉनिक वॉच, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच पहनकर परीक्षा भवन में प्रवेश करना वर्जित कर दिया गया है। प्रवेश के समय देखा जाएगा कि परीक्षार्थियों के पास वैध प्रवेश पत्र, पेन, पेंसिल, इंस्ट्रूमेंट बॉक्स के अलावा कुछ नहीं है। परीक्षार्थियों की दो स्तरों पर तलाशी ली ली जाएगी।
प्रवेश पत्र हो गया गुम तो रोल सूची से सत्यापित कर मिलेगा प्रवेश
यदि किसी परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र खो या घर छूट जाता है, तो ऐसी स्थिति में उपस्थिति पत्रक में स्कैन फोटो से उसे पहचान कर और रोल सूची से सत्यापित कर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के लिए आने वाले पदाधिकारियों के लिए एक निरीक्षण पंजी संधारित किया जाएगा।
परीक्षा का समय और गेट बंद होने का नियम
सबसे ज्यादा छात्र इसी नियम में गलती करते हैं।
बोर्ड के अनुसार —
- परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले गेट बंद कर दिया जाएगा
- देर से आने वाले छात्र को किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा
- कोई आवेदन या सिफारिश स्वीकार नहीं होगी
उदाहरण से समझिए
| परीक्षा समय | गेट बंद होने का समय |
|---|---|
| सुबह 9:30 | सुबह 9:00 |
| दोपहर 2:00 | दोपहर 1:30 |
इसलिए परीक्षा के दिन घर से जल्दी निकलना सबसे जरूरी है। ट्रैफिक, जाम, वाहन खराब या मौसम — कोई भी कारण मान्य नहीं होगा।
सलाह:- परीक्षा से एक दिन पहले सेंटर का रास्ता देखकर आएं।
एडमिट कार्ड से जुड़ी जरूरी बातें
एडमिट कार्ड परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- फोटो साफ होना चाहिए
- रोल नंबर और विषय जांच लें
- फटा या गीला न होने दें
- पारदर्शी कवर में रखें
एडमिट कार्ड खो जाए तो क्या करें
घबराने की जरूरत नहीं —
- तुरंत केंद्राधीक्षक को सूचना दें
- रोल शीट से पहचान कर बैठने की अनुमति मिल सकती है
- लेकिन पहचान सत्यापन के बाद ही
इसलिए परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड की फोटो मोबाइल में सेव कर लें (घर पर)।
परीक्षा हॉल के अंदर के नियम
कई छात्र अंदर जाकर गलती कर बैठते हैं और कॉपी रद्द हो जाती है।
बैठने के नियम
- अपनी निर्धारित सीट पर ही बैठें
- रोल नंबर देखकर सीट चुनें
- दूसरे की सीट पर न बैठें
उत्तर लिखने के नियम
- प्रश्नपत्र मिलने से पहले कुछ न लिखें
- पहले OMR या कॉपी सही भरें
- बार-बार उठना मना है
नकल करते पकड़े गए तो क्या होगा
बोर्ड ने नकल पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू की है।
यदि छात्र:-
- पर्ची इस्तेमाल करे
- इशारा करे
- कॉपी बदलने की कोशिश करे
- मोबाइल का उपयोग करे
तो कार्रवाई:-
- तुरंत कॉपी रद्द
- परीक्षा से निष्कासन
- अगले वर्षों में प्रतिबंध
परीक्षा वाले दिन की पूरी तैयारी (Check List)
परीक्षा से एक दिन पहले यह तैयारी जरूर कर लें:
रात में
- एडमिट कार्ड बैग में रखें
- पेन चेक करें
- कपड़े तय करें
- सेंटर का रास्ता देखें
- समय से सोएं
सुबह
- हल्का भोजन करें
- समय से निकलें
- तनाव न लें
- गेट बंद होने से पहले पहुंचें
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
कई बार माता-पिता की लापरवाही से भी छात्र परीक्षा से वंचित हो जाते हैं।
- बच्चे को समय से भेजें
- जूता पहनाकर न भेजें
- मोबाइल घर पर ही रखवाएं
- सेंटर पर भीड़ न लगाएं
सबसे बड़ी गलती जो छात्र करते हैं
- देर से निकलना
- जूता पहनना
- मोबाइल जेब में रखना
- एडमिट कार्ड भूल जाना
- गलत केंद्र पहुंच जाना
इनमें से कोई भी गलती आपका साल बर्बाद कर सकती है।
निष्कर्ष
मैट्रिक परीक्षा सिर्फ पढ़ाई की नहीं, बल्कि अनुशासन की भी परीक्षा है।
हर साल हजारों छात्र सिर्फ नियम न जानने की वजह से परीक्षा नहीं दे पाते। इसलिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है परीक्षा के नियमों को समझना।
यदि आप समय पर पहुंचे, सही ड्रेस पहने, और प्रतिबंधित सामान न ले जाएं — तो आपकी परीक्षा बिना किसी परेशानी के हो जाएगी।
याद रखें:–
मेहनत से ज्यादा जरूरी है — सही दिन सही नियम का पालन।
आप इस जानकारी को दूसरे छात्रों तक जरूर शेयर करें ताकि किसी की मेहनत बेकार न जाए।
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