सरकारी स्कूल के बदल गए नियम | कक्षा 1 से 12वीं के विधार्थी के लिए बड़ा बदलाव

By: arcarrierpoint

On: Saturday, January 3, 2026 7:57 PM

सरकारी स्कूल के बदल गए नियम | कक्षा 1 से 12वीं के विधार्थी के लिए बड़ा बदलाव
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सरकारी स्कूल के बदल गए नियम | कक्षा 1 से 12वीं के विधार्थी के लिए बड़ा बदलाव:-राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में ऐतिहासिक और व्यापक बदलाव किया है। यह बदलाव कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगा। अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की हाजिरी, पढ़ाई, परीक्षा, शिक्षक प्रोफाइल और स्कूल प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से संचालित किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत ई-शिक्षाकोष 2.0 पोर्टल को लागू किया जा रहा है और साथ ही राज्य में 572 मॉडल स्कूल विकसित करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया है। इन दोनों फैसलों से सरकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ेगी।

और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का व्यक्तिगत प्रोफाइल के साथ ही शैक्षणिक प्रदर्शन का रिकॉर्ड भी अब ऑनलाइन होगा। इससे बच्चों की निगरानी आसान होगी समय-समय पर सुधार के लिए प्रयास भी किए जा सकेंगे। ये सभी सुविधाएं ई-शिक्षाकोष 2.0 पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगी। अभी ई-शिक्षाकोष पोर्टल काम कर रहा है, जिस पर स्टूडेंट प्रोफाइल के साथ उपस्थिति का मॉड्यूल काम कर रहा है। विभाग नया वर्जन ई-शिक्षाकोष 2.0 अपडेट कर रहा है। इसमें परीक्षा का रिकॉर्ड और शैक्षणिक प्रदर्शन के आकड़े भी रहेंगे।

ई-शिक्षाकोष के रूप में एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह शिक्षकों, छात्रों और स्कूल प्रबंधन के लिए बनाया गया है, ताकि शिक्षा से जुड़े सभी कार्य एक ही सिस्टम पर सुचारु रूप से हो सकें।

विभाग का दावा है कि यह बिहार शिक्षा विभाग की केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली है, जो राज्य में चल रही डिजिटल शिक्षा क्रांति का अहम हिस्सा है।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से ई-शिक्षाकोष 2.0 को डेवलप किया जा रहा है, इसी कारण कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। परिषद ने इसका डेमो वर्जन भी जारी किया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी सुविधाएं ऑनलाइन होने से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। इसके साथ ही कार्यप्रणाली में दक्षता बढ़ाने और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। परिषद का उद्देश्य स्कूल प्रशासन को पूरी तरह डिजिटल बनाना है।

ई-शिक्षाकोष 2.0 पर शिक्षकों को अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा होगी। पोर्टल पर उपलब्ध टीचर्स मैनेजमेंट मॉड्यूल में शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रोफाइल व डेटा अपडेट रहेंगे। इसके साथ ही दैनिक उपस्थिति की जानकारी और ऑनलाइन अवकाश आवेदन का विकल्प होगा। इसी तरह, स्कूल मैनेजमेंट मॉड्यूल में स्कूल के बुनियादी ढांचे की जानकारी, सेटिंग्स और रिपोर्ट प्रबंधन का सुविधा होगी। इसमें निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग मॉड्यूल भी जोड़ा गया है।

राज्य में इसी साल 572 स्कूल मॉडल बनेंगे। जिलास्तर पर एक-एक जबकि सभी 534 प्रखंडों में एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। ऐसे स्कूलों को चिह्नित कर लिया गया है। जिलों ने शिक्षा विभाग को सूची भेज दी है। स्थलीय जांच के बाद इसी माह मॉडल स्कूल के नाम तय हो जाएंगे। इसके बाद यहां जरूरी संसाधन विकसित किए जाएंगे।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मॉडल स्कूल के रूप में इन स्कूलों का संचालन शुरू हो जाए। सरकार ने मॉडल स्कूलों को निजी स्कूल से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है। उच्चतर माध्यमिक स्तर के इन मॉडल स्कूलों में बच्चों की संख्या के हिसाब से कक्षा के सेक्शन होंगे।

जितने सेक्शन होंगे, उसी हिसाब से शिक्षकों की भी प्रतिनियुक्ति होगी। उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 और उच्च माध्यमिक स्कूल (कक्षा 9 से 12) में न्यूनतम 16 शिक्षक होंगे। हालांकि, अधिक नामांकन पर शिक्षकों की संख्या बढ़ सकती है।

मॉडल स्कूलों में विभिन्न विषयों के जाने वाले शिक्षक प्रतिनियुक्ति होंगे। पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर रखने के लिए यहां के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। पुस्तकालय में प्रतियोगिता परीक्षा की पुस्तकें भी रहेंगी।

मॉडल स्कूल के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जाएगी। विशेषज्ञ शिक्षक ऑनलाइन और ऑफलाइन तैयारी कराएंगे।

मॉडल स्कूल के रूप में ऐसे स्कूल का चयन किया गया है, जहां परिसर में जगह की कमी नहीं हो। मॉडल आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए अलग से राशि का भी प्रावधान किया जाएगा। आवश्यकतानुसार वर्गकक्ष भी बढ़ाये जाएंगे। जिस स्कूल में पहले से पर्याप्त भवन और वर्गकक्ष नहीं हैं, वहां अलग से भवन और वर्ग कक्ष का निर्माण होगा।

प्रखंड और जिला स्तर के मॉडल स्कूल अन्य स्कूलों के लिए भी आदर्श स्कूल होंगे। यहां का प्रबंधन और शिक्षण विधि को अन्य स्कूल में भी लागू कराने का प्रयास होगा। इस स्कूल में अन्य स्कूलों के शिक्षकों को भी भ्रमण कराया जाएगा। शिक्षकों के लिए यहां प्रशिक्षण की भी व्यवस्था हो सकती है।

  • 38 स्कूल जिलास्तर पर, प्रखंड स्तर पर 534 स्कूल
  • जिलों ने शिक्षा विभाग को भेजी चिह्नित स्कूलों की सूची

सभी जिलों, प्रखंडों में इसी साल एक-एक मॉडल स्कूल विकसित हो जाएंगे। स्कूलों को चिह्नित कराकर सूची मंगा ली गई है। जांच के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। – सज्जन आर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक

  • अपने स्कूल से यह जानकारी जरूर लें कि
    • ई-शिक्षाकोष 2.0 लागू हुआ है या नहीं
    • हाजिरी किस प्रकार दर्ज हो रही है
  • किसी भी प्रकार की गलती या समस्या होने पर तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क करें।

सरकारी स्कूलों में लागू यह नया नियम कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। ई-शिक्षाकोष 2.0 और 572 मॉडल स्कूलों की योजना से शिक्षा व्यवस्था डिजिटल, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनेगी। आने वाले वर्षों में यह बदलाव सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है।

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