2026 का वार्षिक राशिफल देखें- कैसा रहेगा आपका 2026 में भविष्य पढें

By: arcarrierpoint

On: Saturday, January 3, 2026 8:44 AM

2026 का वार्षिक राशिफल देखें- कैसा रहेगा आपका 2026 में भविष्य पढें
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2026 का वार्षिक राशिफल देखें- साल 2026 की शुरुआत और समाप्ति गुरुवार को ही रही है। हिंदू नववर्ष भी 19 मार्च 2026 को गुरुवार से ही शुरू होगा। इस वर्ष गुरु राजा और मंगल मंत्री होंगे। दोनों की मित्रता के कारण यह साल पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मजबूत, बदलाव लाने वाला और लाभकारी माना जा रहा है। साल में दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण होगा।

इनमें से केवल 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण ग्रहण भारत में दिखेगा। यह सिंह राशि में होगा और होली के दिन पड़ेगा। संवत्सर का नाम रौद्र रहेगा, जिसके राजा भी गुरु हैं। ज्योतिष के अनुसार, इस वर्ष पिछले साल जैसी चौंकाने वाली घटनाओं की संभावना कम है। 17 मई से 15 जून 2026 तक ज्येष्ठ का अधिक मास रहेगा। गुरु 2 जून से नवंबर तक अपनी उच्ब राशि कर्क में रहेंगे और इस दौरान दो बार राशि परिवर्तन करेंगे। शनि पूरे साल मीन राशि में रहेंगे, जबकि राहु-केतु मकर और कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।

मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती पूरे वर्ष रहेगी। संयान रखें जोखिम भरे निवेश और विवादों से बचें। स्वास्थ्य और विश्वासघात को लेकर सतर्क रहें। हनुमान व गणेश पूजन लाभकारी है।

वर्ष अनुकूल रहेगा। कार्य तेजी से पूरे होंगे और धन आक्क बनी रहेगी। नए अवसर और सहयोग मिलेंगे। स्वास्थ्य सुधरेगा। प्रेम संबंध सफल रहेंगे। विदेश यात्रा संभव है। घमंड से बचें। महालक्ष्मी का पूजन करना शुभ रहेगा।

नए कार्य, धन लाभऔर विदेश यात्रा के योग हैं। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा, विवादों में जीत होगी। स्वास्थ्य में दांत, पैर व पेट की समस्या संभव है। जीवनसाथी से सुख मिलेगा। गणेश पूजन शुभ रहेगा।

वर्ष की शुरुआत में आय धीमी रहेगी, लेकिन मध्य से धन, पदोस्रति और व्यापार में लाभ बढ़ेगा। अटका धन मिलेगा। विरोधियों पर विजय मिलेगी। सितंबर-अक्टूबर में सतर्क रहें। महादेव की आराधना शुभ है।

शनि की बैय्या पूरे वर्ष रहेगी। खर्च और घरेलू परेशानियां बढ़ सकती हैं। धन आएगा, पर बचत कठिन होगी। जोखिम भरे निवेश और उधार से बचें। अनावश्यक संबंधों से दूर रहें। हनुमान-गणेश पूजन लाभकारी रहेगा।

नौकरी व व्यापार में जिम्मेदारी और सफलता बढ़ेगी। पढ़ाई व प्रोफेशन में लाभ होगा, विवाद सुलहोंगे। आय व भूमि से लाभ मिलेगा। मध्य वर्षे विवादों से बचें, स्वास्थ्य व प्रेम में सावधानी रखें। गणेश पूजन शुभ है।

अपने प्रयास से समस्याएं सुलझाएंगे। नौकरी, व्यापार व कृषि में लाभहोगा। आय बढ़ेगी और कर्ज से राहत मिलेगी। परिवार-मित्र सहयोगी रहेंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। दांत व पेट का ध्यान रखें। दुर्गा पूजन शुभ है

पुरानी हानि की भरपाई होगी और आत्मविश्वास लौटेगा। धन आवक सुधरेगी, कार्य सफल होंगे और यात्रा के योग हैं। नौकरी-व्यापार में तरक्की मिलेगी। स्वास्थ्य व संबंध बेहतर रहेंगे। महादेव पूजन शुभ रहेगा।

शनि को ढैय्या रहेगी, परेशानियां हो सकती हैं। आत्मविश्वास रखें। क्रोध से बचें। आप बनी रहेगी, पर खर्च भी होंगे। विरोधियों से संघर्ष, पर धेयं से विजय मिलेगी। हनुमान, गणेश व गुरु पूजन लाभकारी रहेगा।

शनि के प्रभाव से मुक्त होकर गुरु के प्रभाव में रहेंगे। सफलता- आर्थिक सुधार के योग हैं। शेपर में सीमित निवेश करें। परिवार व प्रेम में सुख मिलेगा। कोर्ट मामलों में जीत संभव है। दुर्गा च विष्णु पूजन लाभकारी है।

शनि की उत्तरती साढ़ेसाती रहेगी, जिससे वर्ष लाभदायक सिद्ध हो सकता है। सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक स्थिति सुधरेगी। मनपसंद कार्य के मौके मिलेंगे। आय बढ़ेगी। हनुमान, गणेश व दुर्गा पूजन शुभ है।

शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, इसलिए सावधानी जरूरी है। जोखिम भरे निवेश से बचें। स्वास्थ्य में पैर और पेट की समस्या संभव है। वैवाहिक जीवन संतोषजनक रहेगा। हनुमान, भैरव व गणेश पूजन

इन 10 सवालों के जवाब बता देंगे कि आपकी जिंदगी में कितना सुकून है? बस, ईमानदारी से इनके जवाब दें…ऐसे करें टेस्ट: A-2, B-1, C-0 अंक जोड़ें।

  • ऊर्जा महसूस होती है
  • जिम्मेदारी याद आती है
  • मन भारी-भारी लगता है
  • सहज रहता हूं
  • थोड़ा तालमेल बैठाता हूं
  • खुद को दबाना पड़ता है
  • धीरे-धीरे शांत होता है
  • उथल-पुथल, फिर नींद
  • विचारों की भीड़ होती है
  • है, लेकिन तनाव नहीं
  • कभी-कभी भारी
  • इसी में डूबा रहता हूं
  • आराम करता हूं
  • फोन/टीवी देखता हूं
  • बेचैनी महसूस करता हूं
  • शायद ही कभी
  • कभी-कभी
  • अक्सर करते हैं।
  • ज्यादातर फैसलों में
  • कुछ ही मामलों में
  • बहुत कम भरोसा है
  • समाधान खोजता हूं
  • देर से संभलता हूं
  • बिल्कुल टूट जाता हूं
  • सीखकर आगे बढ़ता
  • खुद को कोसता हूं
  • बहुत परेशान रहता हूं
  • ठीक-ठाक, स्थिर
  • थोड़ा उलझा हुआ
  • पस्त हो चुका है

जापान में 20 साल हुए शोध बताते हैं हजारों वर्ष मनुष्य जंगल, घास, खेत, पेड़-पौधों के बीच रहा। इसलिए दिमाग हरे रंग को सुरक्षा, भोजन, आश्रय का संकेत मानता है। ये शांति देता है। पेड़ हवा में फाइटोनसाइडूस तत्व छोड़ते हैं। ये तनाव घटाते हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
क्या करें? रोज कुछ मिनट पेड़, आसमान, नदी, पहाड़ या हरियाली देखें। ग्रीन स्पेस में 10-20 मिनट वॉक करें।

हजारों दंपतियों पर वर्षों स्टडी करने वाले जॉन गॉटमैन कहते हैं- गुस्से को लंबे समय तक पकड़कर रखने से ये मन में जम जाता है। दूरी बढ़ती है। गलतफहमियां पनपती हैं। प्यार घटता है। और सालों बाद सिर्फ पछतावा होता है।
क्या करें? लिखकर छोड़ दें कि किसने चोट पहुंचाई, क्या हुआ, आपको कैसा लग रहा है? या दो मिनट मौन रहकर खुद से कहें, इतनी ताकत दें कि मैं इस गुस्से को पकड़कर न रखें।

स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी कहती है- पसंदीदा काम करते समय हम पूरी तरह डूब जाते हैं। चिंता भूल जाते हैं। समय का अहसास खो देते हैं। इस दौरान दिमाग बोटा तरंगों (चिंता) से अल्फा तरंगों (शांति) की ओर जाता है। यही तरंगें ध्यान में भी दिखती हैं, इसलिए सुकून देती हैं।
क्या करें? जुनून को समय दें, भले ही 5-10 मिनट हों। हफ्ते में 1 बार डीप पेशन टाइम रखें यानी ज्यादा वक्त दें।

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