2026 का वार्षिक राशिफल देखें- साल 2026 की शुरुआत और समाप्ति गुरुवार को ही रही है। हिंदू नववर्ष भी 19 मार्च 2026 को गुरुवार से ही शुरू होगा। इस वर्ष गुरु राजा और मंगल मंत्री होंगे। दोनों की मित्रता के कारण यह साल पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मजबूत, बदलाव लाने वाला और लाभकारी माना जा रहा है। साल में दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण होगा।
शक्तिशाली ग्रहों के संयोग और परिवर्तन का साल साबित होगा 2026
इनमें से केवल 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण ग्रहण भारत में दिखेगा। यह सिंह राशि में होगा और होली के दिन पड़ेगा। संवत्सर का नाम रौद्र रहेगा, जिसके राजा भी गुरु हैं। ज्योतिष के अनुसार, इस वर्ष पिछले साल जैसी चौंकाने वाली घटनाओं की संभावना कम है। 17 मई से 15 जून 2026 तक ज्येष्ठ का अधिक मास रहेगा। गुरु 2 जून से नवंबर तक अपनी उच्ब राशि कर्क में रहेंगे और इस दौरान दो बार राशि परिवर्तन करेंगे। शनि पूरे साल मीन राशि में रहेंगे, जबकि राहु-केतु मकर और कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
किन राशियों के सामने चुनौतियां होंगी… और कौन-सी राशियां स्थायी भाव में होंगी
मेघ शनि की साढ़े साती पूरे साल रहेगी, धैर्य रखिए
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती पूरे वर्ष रहेगी। संयान रखें जोखिम भरे निवेश और विवादों से बचें। स्वास्थ्य और विश्वासघात को लेकर सतर्क रहें। हनुमान व गणेश पूजन लाभकारी है।
वृषम करियर में ठोस प्रगति के दरवाजे खुलने की उम्मीद
वर्ष अनुकूल रहेगा। कार्य तेजी से पूरे होंगे और धन आक्क बनी रहेगी। नए अवसर और सहयोग मिलेंगे। स्वास्थ्य सुधरेगा। प्रेम संबंध सफल रहेंगे। विदेश यात्रा संभव है। घमंड से बचें। महालक्ष्मी का पूजन करना शुभ रहेगा।
मिथुन विदेश यात्रा और धन लाभ के योग दिख रहे
नए कार्य, धन लाभऔर विदेश यात्रा के योग हैं। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा, विवादों में जीत होगी। स्वास्थ्य में दांत, पैर व पेट की समस्या संभव है। जीवनसाथी से सुख मिलेगा। गणेश पूजन शुभ रहेगा।
कर्क अटका धन मिलेगा, विरोधियों पर विजय पाएंगे
वर्ष की शुरुआत में आय धीमी रहेगी, लेकिन मध्य से धन, पदोस्रति और व्यापार में लाभ बढ़ेगा। अटका धन मिलेगा। विरोधियों पर विजय मिलेगी। सितंबर-अक्टूबर में सतर्क रहें। महादेव की आराधना शुभ है।
सिंह जोखिम भरे निवेश से बचिए, शनि की ढैय्या रहेगी
शनि की बैय्या पूरे वर्ष रहेगी। खर्च और घरेलू परेशानियां बढ़ सकती हैं। धन आएगा, पर बचत कठिन होगी। जोखिम भरे निवेश और उधार से बचें। अनावश्यक संबंधों से दूर रहें। हनुमान-गणेश पूजन लाभकारी रहेगा।
कन्या जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर कौशल में निखार आएगा
नौकरी व व्यापार में जिम्मेदारी और सफलता बढ़ेगी। पढ़ाई व प्रोफेशन में लाभ होगा, विवाद सुलहोंगे। आय व भूमि से लाभ मिलेगा। मध्य वर्षे विवादों से बचें, स्वास्थ्य व प्रेम में सावधानी रखें। गणेश पूजन शुभ है।
तुला नौकरी-कृषि-व्यापार में लाभ, कर्ज से राहत मिलेगी
अपने प्रयास से समस्याएं सुलझाएंगे। नौकरी, व्यापार व कृषि में लाभहोगा। आय बढ़ेगी और कर्ज से राहत मिलेगी। परिवार-मित्र सहयोगी रहेंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। दांत व पेट का ध्यान रखें। दुर्गा पूजन शुभ है
वृश्चिक पुराने नुकसान की भरपाई होगी, तरक्की पाएंगे
पुरानी हानि की भरपाई होगी और आत्मविश्वास लौटेगा। धन आवक सुधरेगी, कार्य सफल होंगे और यात्रा के योग हैं। नौकरी-व्यापार में तरक्की मिलेगी। स्वास्थ्य व संबंध बेहतर रहेंगे। महादेव पूजन शुभ रहेगा।
धनु शनि की ढैय्या, आय होगी, लेकिन खर्च भी होंगे
शनि को ढैय्या रहेगी, परेशानियां हो सकती हैं। आत्मविश्वास रखें। क्रोध से बचें। आप बनी रहेगी, पर खर्च भी होंगे। विरोधियों से संघर्ष, पर धेयं से विजय मिलेगी। हनुमान, गणेश व गुरु पूजन लाभकारी रहेगा।
मकर गुरु के प्रभाव में रहेंगे आर्थिक सुधार के भी योग हैं
शनि के प्रभाव से मुक्त होकर गुरु के प्रभाव में रहेंगे। सफलता- आर्थिक सुधार के योग हैं। शेपर में सीमित निवेश करें। परिवार व प्रेम में सुख मिलेगा। कोर्ट मामलों में जीत संभव है। दुर्गा च विष्णु पूजन लाभकारी है।
कुंभ शनि की उतरती साढ़े साती लाभदायक सिद्ध होगी
शनि की उत्तरती साढ़ेसाती रहेगी, जिससे वर्ष लाभदायक सिद्ध हो सकता है। सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक स्थिति सुधरेगी। मनपसंद कार्य के मौके मिलेंगे। आय बढ़ेगी। हनुमान, गणेश व दुर्गा पूजन शुभ है।
मीन वैवाहिक जीवन ठीक रहेगा, किसी विवाद से बचें
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, इसलिए सावधानी जरूरी है। जोखिम भरे निवेश से बचें। स्वास्थ्य में पैर और पेट की समस्या संभव है। वैवाहिक जीवन संतोषजनक रहेगा। हनुमान, भैरव व गणेश पूजन
सेल्फ टेस्ट… जो बताएगा जिंदगी में कितना सुकून?
इन 10 सवालों के जवाब बता देंगे कि आपकी जिंदगी में कितना सुकून है? बस, ईमानदारी से इनके जवाब दें…ऐसे करें टेस्ट: A-2, B-1, C-0 अंक जोड़ें।
1. सुबह आंख खुलते ही कैसा महसूस करते हैं?
- ऊर्जा महसूस होती है
- जिम्मेदारी याद आती है
- मन भारी-भारी लगता है
2. रिश्तों में आप कैसा महसूस करते हैं?
- सहज रहता हूं
- थोड़ा तालमेल बैठाता हूं
- खुद को दबाना पड़ता है
3. रात को सोते समय दिमाग क्या करता है?
- धीरे-धीरे शांत होता है
- उथल-पुथल, फिर नींद
- विचारों की भीड़ होती है
4.पैसे और भविष्य की कितनी चिंता ?
- है, लेकिन तनाव नहीं
- कभी-कभी भारी
- इसी में डूबा रहता हूं
5. खाली समय मिलने पर आप क्या करते हैं?
- आराम करता हूं
- फोन/टीवी देखता हूं
- बेचैनी महसूस करता हूं
6. अपनी तुलना दूसरों से कितनी चार करते हैं?
- शायद ही कभी
- कभी-कभी
- अक्सर करते हैं।
7. आप खुद पर कितना भरोसा करते हैं?
- ज्यादातर फैसलों में
- कुछ ही मामलों में
- बहुत कम भरोसा है
8. जब कुछ चिगड़ जाता है, तो क्या करते हैं?
- समाधान खोजता हूं
- देर से संभलता हूं
- बिल्कुल टूट जाता हूं
9. अपनी गलतियों को लेकर आप कैसे हैं?
- सीखकर आगे बढ़ता
- खुद को कोसता हूं
- बहुत परेशान रहता हूं
10. इस पल, अंदर से कैसा महसूस कर रहे हैं?
- ठीक-ठाक, स्थिर
- थोड़ा उलझा हुआ
- पस्त हो चुका है
पहलाः मुझे प्रकृति के करीब रहना है
जापान में 20 साल हुए शोध बताते हैं हजारों वर्ष मनुष्य जंगल, घास, खेत, पेड़-पौधों के बीच रहा। इसलिए दिमाग हरे रंग को सुरक्षा, भोजन, आश्रय का संकेत मानता है। ये शांति देता है। पेड़ हवा में फाइटोनसाइडूस तत्व छोड़ते हैं। ये तनाव घटाते हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
क्या करें? रोज कुछ मिनट पेड़, आसमान, नदी, पहाड़ या हरियाली देखें। ग्रीन स्पेस में 10-20 मिनट वॉक करें।
दूसराः मुझे अपने रिश्ते संभालने हैं
हजारों दंपतियों पर वर्षों स्टडी करने वाले जॉन गॉटमैन कहते हैं- गुस्से को लंबे समय तक पकड़कर रखने से ये मन में जम जाता है। दूरी बढ़ती है। गलतफहमियां पनपती हैं। प्यार घटता है। और सालों बाद सिर्फ पछतावा होता है।
क्या करें? लिखकर छोड़ दें कि किसने चोट पहुंचाई, क्या हुआ, आपको कैसा लग रहा है? या दो मिनट मौन रहकर खुद से कहें, इतनी ताकत दें कि मैं इस गुस्से को पकड़कर न रखें।
तीसराः मुझे रोज अपना जुनून जीना है
स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी कहती है- पसंदीदा काम करते समय हम पूरी तरह डूब जाते हैं। चिंता भूल जाते हैं। समय का अहसास खो देते हैं। इस दौरान दिमाग बोटा तरंगों (चिंता) से अल्फा तरंगों (शांति) की ओर जाता है। यही तरंगें ध्यान में भी दिखती हैं, इसलिए सुकून देती हैं।
क्या करें? जुनून को समय दें, भले ही 5-10 मिनट हों। हफ्ते में 1 बार डीप पेशन टाइम रखें यानी ज्यादा वक्त दें।
IMPORTANT LINK
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOU TUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |


























