अब घर बैठे बन रहा है पासपोर्ट – पासपोर्ट ऑफिस जाने की झंझट खत्म:-देश में पासपोर्ट सेवा को डिजिटल और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2035 तक देश के हर नागरिक को ई-पासपोर्ट दिया जाएगा, जिसमें आपकी पूरी जानकारी एक सुरक्षित चिप में स्टोर रहेगी। पहले ही 80 लाख से ज्यादा ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं, और आने वाले वर्षों में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। सबसे खास बात यह है कि आने वाले समय में पासपोर्ट बनवाने के लिए पासपोर्ट ऑफिस जाने की झंझट काफी कम हो जाएगी, क्योंकि कई सेवाएँ घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझेंगे:-
- ई-पासपोर्ट क्या है?
- घर बैठे पासपोर्ट कैसे बनेगा?
- प्रक्रिया में क्या बदलेगा?
- सुरक्षा और सुविधाएँ क्या होंगी?
- आम नागरिक के लिए इसका क्या फायदा है?
ई-पासपोर्ट क्या है?
ई-पासपोर्ट सामान्य पासपोर्ट जैसा ही दिखता है, लेकिन इसमें एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है। इस चिप में पासपोर्ट धारक की सभी जरूरी जानकारी सुरक्षित एन्क्रिप्शन के साथ स्टोर रहती है।
इसमें शामिल होते हैं:-
- आपका नाम, जन्म तिथि, पता
- पासपोर्ट नंबर और वैधता
- बायोमेट्रिक जानकारी
- फोटोग्राफ
- सुरक्षा मानक और ऑथेंटिकेशन डेटा
ई-पासपोर्ट के अंदर की चिप को पढ़ने के लिए विशेष सिस्टम लगे रहते हैं, जो किसी भी फर्जीवाड़े की तुरंत पहचान कर सकते हैं। इससे फर्जी पासपोर्ट, गलत पहचान और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।
देश में 2035 तक सभी कोई-पासपोर्ट मिलेगा
देश में 2035 तक सबको ई-पासपोर्ट मिलेगा, जिसमें समस्त डेटा एक चिप में होगा। देश मेंई-पासपोर्ट बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
ई-पासपोर्ट की खूबी यह है कि
कोई भी व्यक्ति अब दो पासपोर्ट नहीं बना सकेगा, क्योंकि बायोमैट्रिक जांच के बाद ही ई-पासपोर्ट जारी किया जाता है।
पासपोर्ट विभाग के सचिव अरुण कुमार चटर्जी ने कहा कि
पहले पासपोर्ट बनाने के दौरान बायोमैट्रिक लिए जाते थे, लेकिन उनके मिलान की व्यवस्था नहीं थी। लेकिन अब यदि कोई व्यक्ति पासपोर्ट केंद्र पर बायोमैट्रिक देता है तो सर्वर में मौजूदा डेटा से उसका मिलान किया जाएगा। यदि पहले से वहां डेटा मौजूदा है तो वह पकड़ में आ जाएगा। यह प्रक्रिया आधार बनाने जैसी हो गई है। इसलिए एक व्यक्ति के लिए अब दो पासपोर्ट बनाना संभव नहीं होगा।
80 लाख से ज्यादा जारी किए जा चुके, पूरा डाटा एक चिप में होगा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस साल मई से देश में ई-पासपोर्ट बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। अब तक 80 लाख ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।
100 देशों ने ई-पासपोर्ट सेवा
अबतक 100 देशों नेई-पासपोर्ट बनाना शुरू कर दिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत 2025 तक सभी को ई-पासपोर्ट बनाने अनिवार्य होंगे।
भारतीय मिशनों ने अबतक 62 हजार ई-पासपोर्ट जारी किए
हर साल 1.5 करोड़ और रोजाना 50 हजार पासपोर्ट बनते हैं। दुनिया भर में स्थित 202 भारतीय दूतावासों/मिशनों में पासपोर्ट बनाने की सुविधा है। वहां भी पूरी तरह से ई-पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। अब तक 62 हजार ई-पासपोर्ट विदेशों में भारतीय नागरिकों को जारी हुए हैं।
क्या है ई-पासपोर्ट
ई-पासपोर्ट सामान्य पासपोर्ट जैसा ही होता है, लेकिन इसके आखिरी से पहले पेज पर एक सूक्ष्म चिप होती है। इसमें समस्त बायोमैट्रिक, फेसियल इमेज, डिजिटल सिग्नेचर और डेमोग्राफिक डेटा स्टोर रहता है। जबकि सामान्य पासपोर्ट में यह नहीं होता।
स्वदेशी चिप से लैस
ई-पासपोर्ट में जो चिप लगाई जा रही है वह देश में ही बनी है। चिप और इसके आपरेटिंग सिस्टम का विकास आईआईटी कानपुर ने किया है।
धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
ई-पासपोर्ट में आंकड़े सुरक्षित होते हैं, जिससे धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाने पर रोक लगेगी|
देश में पासपोर्ट केंद्र
- 37 क्षेत्रीय पासपोर्ट दफ्तर हैं, पासपोर्ट बनाने के लिए मोबाइल वैन सेवा भी है
- 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र और 451 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र
मियाद खत्म होने तक सामान्य पासपोर्ट मान्य
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों का सामान्य पासपोर्ट है, वह उसकी वैधता तक चलता रहेगा। सामान्य पासपोर्ट धारकों को ई-पासपोर्ट बनाने की जरूरत नहीं है।
वैधता समाप्ति पर आठ माह पहले मिलेगा अलर्ट
ई-पासपोर्ट मियाद खत्म होने से आठ महीने पहले पासपोर्ट धारक को नवीनीकरण के लिए एसएमएस के जरिये अलर्ट भेजेगा। फिलहाल ई-पासपोर्ट बनाने की फीस नहीं बढ़ाई गई।
क्या अब घर बैठे बनेगा पासपोर्ट?
जी हाँ — सरकार पासपोर्ट प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल बनाने पर काम कर रही है। आने वाले वर्षों में पासपोर्ट बनवाने के बहुत से चरण घर बैठे पूरे किए जा सकेंगे:-
- ऑनलाइन आवेदन
- ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपलोड
- ऑनलाइन फीस भुगतान
- डिजिटल वेरिफिकेशन
- अपडेट, बदलाव और स्टेटस ट्रैकिंग
वर्तमान में भी पासपोर्ट की अधिकांश सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध हैं, लेकिन अब सरकार इन्हें और आसान, उपयोगी और पूरी तरह डिजिटल करने जा रही है।
आने वाले चरणों में वीडियो-आधारित पहचान सत्यापन (Video KYC) जैसी सुविधाएँ भी शामिल हो सकती हैं।
ई-पासपोर्ट के फायदे
1. सुरक्षा 10 गुना अधिक
डेटा एन्क्रिप्शन, डिजिटल सिग्नेचर और चिप वेरिफिकेशन से फ्रॉड लगभग असंभव हो जाएगा।
2. एयरपोर्ट पर तेज वेरिफिकेशन
ई-गेट पर पासपोर्ट स्कैन होते ही यात्री की पहचान तुरंत सत्यापित हो जाएगी।
3. दस्तावेजों में कम दिक्कत
अब कई दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा।
4. ऑनलाइन प्रोसेस ज्यादा आसान
घर बैठे आवेदन से समय और धन दोनों की बचत।
5. अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप
दुनिया में जहां भी ई-पासपोर्ट होते हैं, भारत का पासपोर्ट उन्हीं मानकों पर फिट बैठेगा।
2035 तक क्या बदल जाएगा?
सरकार की योजना के अनुसार:-
- हर पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होगा
- डेटा एक सुरक्षित चिप में होगा
- पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटलाइज्ड
- पासपोर्ट ऑफिस विजिट 50–70% तक कम
- फ्रॉड और डुप्लिकेट पासपोर्ट लगभग खत्म
यह कदम भारत को डिजिटल पहचान के नए युग की ओर ले जाएगा।
निष्कर्ष
2035 तक देश में हर नागरिक को ई-पासपोर्ट मिलने से पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया काफी आसान, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। चिप आधारित पासपोर्ट से न केवल हवाई सफर तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि घर बैठे पासपोर्ट बनाने की सुविधा भी व्यापक रूप से बढ़ेगी। यह बदलाव भारत को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का एक बड़ा कदम है।
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