नए साल में सोना और चांदी में करें निवेश- 200% रिटर्न मिलेगा

By: arcarrierpoint

On: Monday, December 29, 2025 8:12 PM

नए साल में सोना और चांदी में करें निवेश- 200% रिटर्न मिलेगा
Google News
Follow Us

नए साल में सोना और चांदी में करें निवेश- 200% रिटर्न मिलेगा:-नया साल 2026 निवेशकों के लिए कई बड़े अवसर लेकर आ सकता है। हाल के वर्षों में सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने एक बार फिर इन दोनों कीमती धातुओं को चर्चा में ला दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सही रणनीति के साथ निवेश करने पर लंबी अवधि में भारी रिटर्न संभव है।

  • सोना और चांदी में निवेश क्यों फायदेमंद है
  • 200% रिटर्न का दावा कितना यथार्थ है
  • निवेश करने के सही तरीके
  • जोखिम और सावधानियां
  • छोटे निवेशक क्या रणनीति अपनाएं

भारतीय निवेशकों के लिए यह 2025 बेहद खास रहा, क्योंकि सोने और चांदी की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल के कारण उन्हें उम्मीद से बढ़कर मुनाफा मिला। दोनों ही धातुएं अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी कीमतों में यह तेजी अगले साल भी जारी रह सकती है और निवेशकों को तगड़ा रिटर्न मिल सकता है।

साल 2025 में सबसे शानदार प्रदर्शन चांदी ने किया। घरेलू बाजार में चांदी ₹2,42,000 प्रति किलो के पार निकल गई। 31 दिसंबर 2024 में इसके भाव 85, 851 रुपये प्रति किलोग्राम थे। इस तरह बीते एक साल में चांदी ने 167 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है। बीते एक सप्ताह में ही इसकी कीमतों में 28,000 रुपए प्रति किलो तक का तेज इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है लेकिन आपूर्ति सीमित हो गई है। इस वजह से उसकी कीमतों में लगातार तेज उछाल दर्ज किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी ने इतिहास रच दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर पहली बार 75 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्लिक स्तर पर मजबूत मांग और सीमित आपूर्ति के चलते चांदी में यह उछाल देखने को मिल रहा है। यह माहौल अगले साल भी जारी रहता है तो चांदी 100 डॉलर प्रति औस का स्तर छू सकती है। इस लिहाज से भारतीय बाजार में चांदी के दाम तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी में से किसी एक का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि निवेशक की जोखिम उठाने की क्षमता कितनी है। सोने में निवेश का मतलब है ज्यादा स्थिरता और संपत्ति को सुरक्षित रखना, क्योंकि सोना सुरक्षित विकल्प है। वहीं, चांदी में वृद्धि की संभावना ज्यादा है, लेकिन इसकी कीमतें अक्सर तेजी से ऊपर-नीचे होती है, जबकि सोना धीरे-धीरे और स्थिर तरीके से बढ़ता है। इसी वजह से दोनों का मिश्रण रखना बेहतर माना जाता है।

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ ने निवेश के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले एक साल में, गोल्ड ईटीएफ का कुल मूल्य (एयूएम) दोगुना होकर एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। वहीं, सिल्वर ईटीएफ का कुल मूल्काचार गुना बढ़कर 49,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। नवंबर 2025 तक गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ मिलकर कुल ईटीएफ एयूएम का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा थे।

  1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
  2. फेड की ब्याज दरों में कटौती
  3. चांदी की औद्योगिक मांग में उछाल
  4. केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की रिकॉर्ड खरीदारी

अनिश्चित वैश्विक माहौल में सोना स्थिरता का भरोसेमंद विकल्प बना रहा। सौने ने महज एक साल में करीब 78% का रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2024 को जहां सोना ₹78,950 प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह ₹61,900 की छलांग लगाकर ₹1.40 लाख के पार निकल गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि नए साल में सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5000 डॉलर प्रति औंस के पार निकल सकता है। इससे भारतीय बाजार में इसके दाम 1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच सकते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई ऐसे कारण सामने आए हैं, जिनसे कीमती धातुओं की मांग तेज हुई है।

  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
  • महंगाई में लगातार वृद्धि
  • युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव
  • शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
  • डॉलर की कमजोरी

ऐसे समय में निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित साधनों में लगाना पसंद करते हैं, और यहीं से सोना-चांदी की मांग बढ़ती है।

200% रिटर्न एक साल में मिलना बहुत दुर्लभ है।
लेकिन अगर 10–12 साल की लंबी अवधि को देखें तो इतिहास बताता है कि:-

  • 2014 में सोना लगभग ₹28,000/10 ग्राम था
  • 2025 में यह ₹78,000–80,000/10 ग्राम तक पहुंचा

यानी करीब 180–190% का रिटर्न

चांदी ने तो कई चरणों में इससे भी तेज़ छलांग लगाई है। इसलिए यह कहना ज्यादा सही होगा कि—

लंबी अवधि में, सही समय और सही तरीके से निवेश करने पर 200% तक का रिटर्न संभव हो सकता है।

  • सुरक्षित निवेशक → सोना
  • जोखिम लेने वाले → चांदी
  • समझदार निवेश → दोनों का संतुलन
  • सिक्का
  • बार
  • गहने

फायदा: असली संपत्ति
नुकसान: मेकिंग चार्ज, स्टोरेज रिस्क

  • शेयर बाजार के जरिए निवेश
  • स्टोरेज की चिंता नहीं

लंबी अवधि के लिए बेहतरीन विकल्प

  • सरकार द्वारा जारी
  • ब्याज + गोल्ड प्राइस का लाभ

सबसे सुरक्षित गोल्ड निवेश माना जाता है

  • मोबाइल ऐप से खरीद
  • कम राशि से शुरुआत

छोटे निवेशकों के लिए आसान

  • प्रोफेशनल मैनेजमेंट
  • डायवर्सिफिकेशन
  • हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश
  • जोखिम कम, औसत लागत घटती है
  • 60% सोना
  • 40% चांदी
  • ETF या डिजिटल गोल्ड
  • SGB + Gold ETF
  • चांदी ETF सीमित मात्रा में
  • SIP + SGB
  • 8–12 साल की होल्डिंग
  • कभी भी उधार लेकर निवेश न करें
  • केवल “तेजी की खबर” देखकर पैसा न लगाएं
  • पूरे पैसे को एक ही साधन में न डालें
  • लंबी अवधि का नजरिया रखें

विशेषज्ञों की राय में—

  • वैश्विक मंदी की आशंका
  • डॉलर पर दबाव
  • औद्योगिक चांदी की बढ़ती मांग

इन सभी कारणों से 2026–2030 का समय सोना और चांदी के लिए मजबूत माना जा रहा है।

  • 200% रिटर्न तुरंत नहीं, लेकिन लंबी अवधि में संभव
  • सोना = सुरक्षा
  • चांदी = अवसर
  • सही तरीका + धैर्य = बड़ा फायदा

अगर आप 2026 में निवेश शुरू करते हैं और 8–10 साल तक धैर्य रखते हैं, तो सोना-चांदी आपके पोर्टफोलियो को मजबूत बना सकते हैं।

ARATTAI CHANNELCLICK HERE
WHATSAPP CHANNELCLICK HERE
TELEGRAM CHANNELJOIN
YOU TUBE CHANNELSUBSCRIBE
For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

इन नौकरी में मिलता है IAS से ज्यादा सैलरी खाना खाने के बाद भूलकर भी न करें ये काम पैर में काला धागा पहनने के फायदे 2026 में लंच होने वाली सबसे सस्ती बाइक सुखी खांसी तुरंत होगा ठीक- बस ये आजमाएं