फार्मर आईडी जल्दी बनवाए | नहीं तो नहीं मिलेगा कोई भी सब्सिडी या रूपया:-सरकार द्वारा किसानों के लिए फार्मर आईडी (Farmer Registry ID) को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य सभी किसान योजनाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले के 17 प्रखंडों में करीब 75 प्रतिशत किसान फार्मर आईडी के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
इस लेख में आपको फार्मर आईडी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी—समस्या, कारण, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, स्टेटस चेक और समाधान।
फार्मर आईडी पर अंचल कार्यालय का ग्रहण 17 प्रखंडों के 75 प्रतिशत किसान भटक रहे
सरकार की ओर से किसान हित में फार्मर आईडी की पहल की गई है। लेकिन अंचल कार्यालय के झोल के चलते जिले के 17 प्रखंडों के करीब 75 फीसदी किसान फार्मर आईडी बनाने के लिए दर दर भटक रहे है। अंचल कार्यालय ने इनके कागजात दुरुस्त नहीं किए है और नहीं जमाबंदी कायम की है। जब तक जमाबंदी वर्तमान किसान के नाम पर नहीं होगी उनका फार्मर आईडी बनना मुश्किल है।
अन्नदाता परेशान आवेदन के बाद भी कागजात अपडेट नहीं होने पर कड़ाके की ठंड में वापस हो रहे रैयत
व्यापक पैमाने पर 2025 के सितंबर माह में राजस्व महाअभियान चलाकर दस्तावेज, जमांबदी सहित कई प्रकार की त्रुटियों के सुधार के लिए गांव गांव शिविर का आयोजन किया गया था। लाखों रक्तों ने सुधार का आवेदन भी दिया था। लेकिन, अंचल कार्यालय की नाकामी की वजह से रैयतों के कागजात दुरुस्त नहीं किए जा सके। अब जब फार्मर आईडी बनाने का समय निर्धारित हुआ और किसान उसके लिए शिविरों में पहुंचने लगे तो उनके सामने जमाबंदी वाली समस्या जस की तस बनी दिख रही है।
ठंड में लोग काम छोड़ शिविर तक पहुंच रहे हैं और उनसे कहा जाता है कि
आपका कागजात ही दुरूस्त नहीं है। इससे उनको निराशा तो हाथ लगती ही है साथ ही अंचल कर्मियों पर क्रोध भी आता है। यहां बता दें कि फार्मर आईडी के लिए पहले 10 जनवरी तक का समय दिया गया था। लेकिन लोगों की समस्याओं को देखते हुए अब 21 जनवरी तक बढ़ाया गया है।
फार्मर आईडी के लिए लोगों की समस्याओं को देखते हुए अब 21 जनवरी तक बढ़ाया गया समय
जानिए.. किसानों का दर्द
ठकराहां कड़ाके की ठंढ में 3 किलोमीटर से ठकराहां पहुंचे मैनेजर यादव ने बताया कि 20 दिन पहले खाता खेसरा सुधार के लिए परिमार्जन किया था। ऑनलाइन नहीं होने से वापस होना पड़ रहा है। कुशीनगर के बभनौली से आए 60 वर्षीय फिरंगी प्रसाद ने कहा पूर्वजों के नाम पर जमाबंदी सुधार के लिए आवेदन किया हूं। ऑनलाइन नहीं होने से आना बेकार हो गया। बगहा-2: हरनाटांड़ के रमेश महतो, चन्द्रभान काजी ने बताया कि कहा जा रहा कि जमीन पूर्वजों के नाम है आईडी नहीं बनेगा।
रमेश कुंअर ने बताया कि
ऑनलाइन रसीद कट रही है। ऐप पर खेसरा दूसरे का बता रहा, जिससे पंजीयन नहीं हुआ। मझौलिया : रमपुरवा महनवा के हसमत अली, बसरा के अनवर आलम, केशोवन के विनोद यादव, शंभू ठाकुर, हरि पकड़ी के बाबू लाल प्रसाद, बैठनिया के लालबाबू साह बोले जमीन पूर्वजों के नाम पर है। कर्मी पंजीयन नहीं कर रहे। चनपटिया : महना कुली के संतोष सिंह ने बताया कि परिमार्जन का आवेदन किया था, नहीं हुआ।
किसानों को हो रही समस्याओं का समाधान
जिले के वरीय पदाधिकारी ने समस्याओं के समाधान बताए :-
- प्रश्न:- बहुत किसानों का मोबाइल व आधार एक दूसरे से लिंक नहीं है
- उत्तर :- जिन किसानों का मोबाइल व आधार लिंक नहीं है। उनका कैंप में ही फेस डिटेक्टर से काम हो जाएगा। वैसे लिंक करवा लेने से सुविधा होगी।
- प्रश्न:- हर किसान की जमाबंदी नहीं है। जिनकी जमाबंदी है तो उनकी रसीद पर खाता व खेसरा नंबर अंकित नहीं है।
- उत्तरः- जमीन से संबंधित कागजात को अध्ययन करवाना अनिवार्य है। कैंप में सीओ कार्यालय के कर्मी रहते हैं। उनके सारी जानकारी उपलब्ध कर लें। फार्मर आईडी के लिए किसानों के नाम से जमाबंदी अनिवार्य है।
- प्रश्नः- बकेट लिस्ट में किसानों का नाम नहीं
- उत्तरः- वंचित किसानों की लिस्ट आने वाली है।
- प्रश्नः- बकेट लिस्ट में नाम रहने एवं मोबाइल व आधार लिंक रहने के बावजूद फार्मर आईडी नहीं बन रहा है।
- उत्तरः- आधार, जमाबंदी व बकेट लिस्ट में एक नाम, खाता व खेसरा नंबर होना चाहिए।
- प्रश्नः- फार्मर आईडी बनाने के लिए क्या और कोई विकल्प है।
- उत्तर:- हां। कैंप में जाना संभव नहीं है तो किसान सीएससी में जाकर या स्वयं के मोबाइल से विभाग की बेवसाइट पर जाकर स्वयं कर सकते हैं।
आवेदन सुधार के लिए रैयतों को आवश्यक कागजात प्रस्तुत करना होगा। सभी सीओ को कहा गया है कि जरूरी कागजातों को लेने के बाद यथा शीघ्र कार्रवाई करें। आईडी कार्ड बनाने में दिक्कत नहीं हो इसके लिए शिविर में राजस्व कर्मचारी को रखा गया है व उसका निष्पादन कराया गया है। राजीव रंजन सिन्हा, एडीएम, पश्चिम चंपारण।
फार्मर आईडी क्या है और क्यों जरूरी है?
फार्मर–आईडी किसानों की एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जिसके जरिए सरकार किसान से जुड़ी सभी योजनाओं को सीधे लाभार्थी से जोड़ती है।
फार्मर आईडी के मुख्य फायदे
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan)
- फसल बीमा योजना
- खाद-बीज व कृषि उपकरणों पर सब्सिडी
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
- केंद्र व राज्य सरकार की सभी नई योजनाएं
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि भविष्य में फार्मर आईडी के बिना किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आवेदन के बाद भी फार्मर आईडी अपडेट क्यों नहीं हो रही?
कई किसानों ने बताया कि उन्होंने सभी दस्तावेज जमा कर दिए, फिर भी महीनों से आवेदन Pending है।
आम वजहें
- आधार और जमीन रिकॉर्ड में नाम की गड़बड़ी
- खतौनी/खसरा में गलत जानकारी
- ऑनलाइन डेटा एंट्री में त्रुटि
- नेटवर्क या सिस्टम फेल होना
फार्मर आईडी नहीं बनी तो क्या नुकसान होगा?
यदि समय रहते फार्मर आईडी नहीं बनी तो किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है—
- PM-Kisan की किस्त रुक सकती है
- फसल बीमा का लाभ नहीं मिलेगा
- खाद-बीज सब्सिडी बंद हो सकती है
- भविष्य की सरकारी योजनाओं से बाहर हो सकते हैं
यानी फार्मर आईडी नहीं तो सरकारी लाभ नहीं।
फार्मर आईडी के लिए आवेदन कैसे करें? (Farmer ID Apply Process)
तरीका 1: अंचल कार्यालय से आवेदन (सबसे सामान्य)
- अपने नजदीकी अंचल कार्यालय / प्रखंड कार्यालय जाएं
- “फार्मर आईडी / किसान रजिस्ट्री” काउंटर पर संपर्क करें
- सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें
- कर्मचारी ऑनलाइन एंट्री करेंगे
- आवेदन रसीद / आवेदन संख्या प्राप्त करें
- सत्यापन पूरा होने पर फार्मर आईडी जारी होगी
इसमें आमतौर पर 7 से 21 दिन लग सकते हैं।
तरीका-2: ऑनलाइन आवेदन (जहाँ सुविधा उपलब्ध हो)
- राज्य के किसान रजिस्ट्री / फार्मर आईडी पोर्टल पर जाएं
- New Farmer Registration पर क्लिक करें
- मोबाइल नंबर से OTP द्वारा लॉगिन करें
- व्यक्तिगत व भूमि विवरण भरें
- आधार लिंक करें
- फॉर्म सबमिट कर आवेदन संख्या सुरक्षित रखें
ऑनलाइन आवेदन के बाद भी अंचल कार्यालय द्वारा सत्यापन जरूरी होता है।
फार्मरआईडी के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जमीन का रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी)
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
ध्यान रखें:-
सभी दस्तावेजों में नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि एक जैसी होनी चाहिए।
फार्मर आईडी का स्टेटस कैसे चेक करें?
- किसान रजिस्ट्री / फार्मर आईडी पोर्टल खोलें
- “Check Status” विकल्प चुनें
- आवेदन संख्या या मोबाइल नंबर डालें
- OTP दर्ज करें
- स्क्रीन पर स्टेटस देखें
यदि लंबे समय तक स्टेटस Pending रहे, तो अंचल कार्यालय से संपर्क करें।
फार्मर आईडी आवेदन में होने वाली सामान्य गलतियां
- गलत या अधूरी जानकारी भरना
- आधार और जमीन रिकॉर्ड में नाम अलग होना
- गलत मोबाइल नंबर देना
- दस्तावेज पूरे न लगाना
इन गलतियों से बचें, तभी आवेदन जल्दी स्वीकृत होगा।
समस्या होने पर किसान क्या करें?
- आवेदन की रसीद सुरक्षित रखें
- अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत दें
- प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें
- जरूरत पड़े तो जिला जन-शिकायत केंद्र में आवेदन करें
निष्कर्ष (Conclusion)
फार्मर आईडी सरकार की एक अहम योजना है, लेकिन अंचल कार्यालयों की अव्यवस्था ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो लाखों किसान सरकारी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
इसलिए सभी किसानों से अपील है कि जल्द से जल्द फार्मर आईडी के लिए आवेदन करें, दस्तावेज सही रखें और अपने आवेदन की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
किसान आईडी / Farmer Registry
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| किसान आईडी / फार्मर रजिस्ट्री आधिकारिक पोर्टल | https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh |
| Farmer Registry Login | https://bhfr.agristack.gov.in |
| आधार कार्ड आधिकारिक वेबसाइट | https://uidai.gov.in |
| बिहार भूमि (जमाबंदी देखे) | https://biharbhumi.bihar.gov.in |
| PM किसान सम्मान निधि पोर्टल | https://pmkisan.gov.in |
| कृषि विभाग बिहार | https://dbtagriculture.bihar.gov.in |
| राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार | https://biharbhumi.bihar.gov.in |
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