स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा शुरू- इन इन बातों का रखें ख्याल

By: arcarrierpoint

On: Thursday, January 15, 2026 9:34 AM

स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा शुरू- इन इन बातों का रखें ख्याल
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स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा शुरू- स्नातक (UG) पार्ट-1 की परीक्षा शुरू हो चुकी है। यह परीक्षा उन लाखों छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पहली बार विश्वविद्यालय स्तर की लिखित परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा से अलग, स्नातक की परीक्षा का पैटर्न, नियम और अनुशासन थोड़ा सख्त होता है। ऐसे में अगर छात्र पूरी तैयारी और सही जानकारी के साथ परीक्षा में शामिल होते हैं, तो अच्छे अंक प्राप्त करना आसान हो जाता है।

बीआरएबीयू में गुरुवार से स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा शुरू होंगी. इसे पहले जारी एडमिट कार्ड में हुई तकनीकी त्रुटियों ने छात्र-छात्राओं को अधर में लटका दिया है. विवि के दिये गये प्रवेशपत्र में कई गंभीर गलतियां हैं. परीक्षार्थियों के नाम बदलने के साथ ही सबसे प्रमुख समस्या विषयों का बदल जाना भी है. कई छात्रों के एडमिट कार्ड पर एमडीसी पेपर में हिंदी की जगह दर्शनशास्त्र अंकित कर दिया गया है.

कुछ छात्राओं के एइसी पेपर में त्रुटियां पायी गयी हैं. इसके अलावा, दर्जनों विद्यार्थियों के नाम व अन्य विवरणों में भी गलतियां हैं. मंगलवार को सीतामढ़ी, वैशाली व अन्य दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र समाधान के लिए विवि पहुंचे थे. परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे इन छात्रों को सुधार के लिए एडमिट कार्ड सेक्शन और फिर वहां से यूएमआइएस भेज दिया गया. छात्र इस बात को लेकर चिंतित हैं कि परीक्षा में महज दो दिन शेष हैं और अब तक उनके प्रवेशपत्र ही सही नहीं हो पाये हैं.

स्नातक व पीजी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हो रहे पेंडिंग रिजल्ट को रोकने के लिए विवि ने पहली बार वीक्षकों की जवाबदेही तय की है. नयी गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा कक्ष में तैनात शिक्षक उत्तर पुस्तिका व एडमिट कार्ड पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेंगे, जब तक वे छात्र द्वारा ओएमआर शीट पर भरी गयी एंट्री व गोलों की पूरी तरह जांच नहीं कर लें. अक्सर छात्र नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन व प्रश्न पत्र आईडी भरने में गलती करते हैं. इससे कंप्यूटर रीडिंग के दौरान रिजल्ट अटक जाता है. अब वीक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी गोले नीले या काले पेन से सही ढंग से भरे गये हों. इसके अलावा, अनुपस्थित छात्रों के नाम के आगे लाल कलम से एबीएस अंकित करना अनिवार्य होगा. परीक्षा के तुरंत बाद केंद्राधीक्षकों को मेमो ऑनलाइन भेजने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि डेटा प्रोसेसिंग में देरी नहीं हो.

विशेष सहायता की मांग. इसी बीच, समावेशी शिक्षा की संवेदनशीलता का मामला भी सामने आया है. वैशाली के एक कॉलेज के दृष्टिबाधित छात्र ऋतिक राज ने परीक्षा नियंत्रक को आवेदन देकर परीक्षा के दौरान लेखक अतिरिक्त समय व बड़े अक्षरों वाले प्रश्न पत्र की मांग की है. विवि प्रशासन के लिए 1.53 लाख परीक्षार्थियों के साथ इस परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराना बड़ी चुनौती है.

बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए 22 जनवरी को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय में केंद्राधीक्षकों की बैठक होगी. डीइओ कार्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, इस प्रशिक्षण में केंद्राधीक्षकों को परीक्षा के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों, कॉपियों के रख-रखाव व बोर्ड के नये नियमों से अवगत कराया जायेगा. परीक्षा के दौरान डेटा प्रबंधन व मोबाइल एप के प्रभावी उपयोग के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. केंद्रों पर प्रतिनियुक्त उन कंप्यूटर शिक्षकों का प्रशिक्षण 20 जनवरी को तय किया गया है, जो परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए एप का संचालन करेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी प्रतिनियुक्त कंप्यूटर शिक्षकों को इस सत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है, ताकि परीक्षा के दौरान तकनीक व रिपोर्टिंग से संबंधित किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े.

परीक्षा से पहले क्या तैयार रखें

परीक्षा में जाने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
आखिरी समय की जल्दबाजी से परेशानी होती है।

सबसे जरूरी दस्तावेज है एडमिट कार्ड
इसके बिना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलती।

एडमिट कार्ड के साथ पहचान पत्र जरूर रखें।
कॉलेज आईडी या आधार कार्ड मान्य होता है।

exam केंद्र समय से क्यों पहुंचें परीक्षा केंद्र देर से पहुंचना नुकसानदायक हो सकता है।
कई बार गेट समय से पहले बंद कर दिया जाता है।

छात्रों को कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचना चाहिए।
इससे जांच और सीट ढूंढने में आसानी होती है।

समय पर पहुंचने से मन भी शांत रहता है।

एडमिट कार्ड मिलने के बाद उसे ध्यान से पढ़ें।
नाम और रोल नंबर सही होना चाहिए।

विषय और परीक्षा तिथि जांच लें।
परीक्षा केंद्र का नाम भी देख लें।

अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत कॉलेज से संपर्क करें।

परीक्षा केंद्र पर सख्त जांच होती है।
मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है।

स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ भी मना होते हैं।
किताब या नोट्स ले जाना अपराध माना जाता है।

पकड़े जाने पर परीक्षा रद्द हो सकती है।

प्रश्न पत्र मिलते ही घबराएं नहीं।
सबसे पहले विषय का नाम जांचें।

निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
हर विश्वविद्यालय के निर्देश अलग हो सकते हैं।

निर्देश समझने के बाद ही लिखना शुरू करें।

उतर पुस्तिका भरते समय छात्रों को बेहद सावधान रहना चाहिए। रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, विषय कोड और अन्य जानकारी साफ-साफ और सही भरें। किसी भी प्रकार की गलती होने पर उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन रुक सकता है या कॉपी रद्द भी हो सकती है। यदि किसी जानकारी में संदेह हो, तो तुरंत परीक्षा कक्ष में मौजूद वीक्षक (Invigilator) से पूछें।

परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि उत्तर लिखने की रणनीति भी जरूरी होती है। सबसे पहले पूरे प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें। इसके बाद आसान प्रश्नों से उत्तर लिखना शुरू करें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और समय का सही उपयोग होता है। उत्तर साफ, स्पष्ट और क्रमवार लिखें। जहां जरूरी हो वहां हेडिंग और सब-हेडिंग का प्रयोग करें।

स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा में समय प्रबंधन बहुत जरूरी होता है। कई छात्र अच्छे से पढ़े होने के बावजूद समय की कमी के कारण पूरा पेपर नहीं लिख पाते। हर प्रश्न के लिए समय पहले से तय करें। ज्यादा समय किसी एक प्रश्न पर न लगाएं। अंत में उत्तर पुस्तिका को एक बार जरूर जांच लें।

परीक्षा में नकल करना या नकल का प्रयास करना गंभीर अपराध माना जाता है। विश्वविद्यालय की ओर से इस पर सख्त कार्रवाई की जाती है। यदि कोई छात्र नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसकी वर्तमान परीक्षा के साथ-साथ आगे की परीक्षाएं भी रद्द हो सकती हैं। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और किसी भी तरह की नकल से पूरी तरह बचें।

परीक्षा के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। परीक्षा से एक दिन पहले पर्याप्त नींद लें। ज्यादा देर तक जागकर पढ़ाई करने से बचें। परीक्षा के दिन हल्का और पौष्टिक भोजन करें। खाली पेट परीक्षा देने से कमजोरी महसूस हो सकती है।

जो छात्र पहली बार स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा दे रहे हैं, उनके मन में डर और घबराहट होना स्वाभाविक है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि परीक्षा ज्ञान को परखने का माध्यम है, डराने का नहीं। अपने ऊपर भरोसा रखें। जो पढ़ा है, वही शांत मन से लिखें।

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलती रहती हैं, जैसे परीक्षा रद्द होना, पेपर लीक या तारीख बदलना। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल विश्वविद्यालय, कॉलेज या आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा शुरू हो चुकी है।
यह परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है।
खासकर उन छात्रों के लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है, जो पहली बार विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा दे रहे हैं।

स्कूल और इंटर की परीक्षा से स्नातक की परीक्षा अलग होती है।
यहां नियम ज्यादा सख्त होते हैं।
जरा-सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है।

इसी कारण छात्रों को हर जरूरी बात पहले से जानना चाहिए।

स्नातक पार्ट-1 की परीक्षा छात्र जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सही तैयारी, सही जानकारी और शांत मन से परीक्षा देने पर सफलता निश्चित है। छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर छात्र न सिर्फ परीक्षा को आसान बना सकते हैं, बल्कि अच्छे अंक भी प्राप्त कर सकते हैं।

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