कार में ये 10 सुरक्षा कवच वो भी इतनी कम प्राइस वाले कार में – जल्दी देखें

By: arcarrierpoint

On: Saturday, January 17, 2026 8:48 PM

कार में ये 10 सुरक्षा कवच वो भी इतनी कम प्राइस वाले कार में - जल्दी देखें
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कार में ये 10 सुरक्षा कवच वो भी इतनी कम प्राइस वाले कार में – जल्दी देखें:-भारत में कारों की सुरक्षा आधुनिक तकनीक के आने से बढ़ चुकी है। जैसे, कभी फिसलन भरी सड़क पर कार चलाना सूझबूझ की बात थी, तो अब इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल ने इसे आसान बना दिया है। छह एयरबैग की महंगी सुविधा बजट कारों में अब आम हो गई है। ये सब शौकिया सुविधाएं भर नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। कारों में कौन से हैं जरूरी दस सुरक्षा फीचर और सुरक्षित कारों के बारे में पढ़ें आज

बीते साल कार विक्री में 15 फीसदी खरीदारों ने अपनी कारों में सेफ्टी फीचर्स पर ज्यादा ध्यान दिया। वहीं, जाटो डायनेमिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जेनरेशन-जी खरीदार कार सुरक्षा की आधुनिक अडास सूट जैसी तकनीकों के दीवाने है। उपभोक्ताओं में यह बदलाव वाहनों की बढ़ती संख्या, पहले की तुलना में वाहनों की अपेक्षाकृत अधिक गति और निजी सुरक्षा के प्रति बढ़‌ती जागरूकता के कारण कहा जा सकता है।

मजबूत और सुरक्षा फीचर्स वाली कार होना हर हाल में समझदारी है। हालांकि, नई कारों में सुरक्षा के लिहाज से आपको कई तरह के फीचर्स मिलेंगे। उसके अनुसार ही दाम भी होंगे। कौन से हैं सबसे जरूरी सुरक्षा फीचर्स जानिए वहां, ताकि आपकी खरीदारी ही किफायती|

सक्रिय सुरक्षा फीचर्स कार को सुरक्षित रखते है और दुर्घटना की संभावना कम करते हैं। ये संभावित खतरों के लिए, वाहन के एक या अधिक पाहलुओं की लगातार निगरानी करते हैं। सामान्य सक्रिय सुरक्षा फीचर्स में शामिल हैं-एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक स्टेथिलिटी कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, लेनडिपार्चर वार्निंग सिस्टम।

कुछ सुरक्षा फीचर्स दुर्घटना के दौरान काम के साबित होते हैं और बचाव के लिए बहुत कारगर होते हैं। इसीलिए इन्हें पैसिव फीचर्स कहा जा सकता है। ये टक्कर के प्रभाव को कम करके यात्रियों की रक्षा करते हैं। इन सुरक्षा फीचर्स में सीटवेल्ट, एयरबैग, आइसोफिक्स माउंट जैसी सुविधा शामिल हैं।

जहां पुरानी कारों में कोई एयरबैग नहीं होता था, चहीं आधुनिक कारों में अब फ्रंट, साइड और कर्टेन एयरबैमा जैसे कई एयरबैग्स आते हैं। भारत में नए सुरक्षा मानकों के बाद, कई चजट और मिड-रेंज कारों में भी इन्हें शामिल किया जाने लगा है। कुछ मांगी कारों में नी-एयरबैग्स यानी घुटनों की सुरक्षा के लिए भी एयरबैग दिए जाते हैं। कार खरीदें, तो छह एयरबैग वाले मॉडल की सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना जाएगा। भारत में किआ सेल्टोस, सोनेट, टाटा की नेक्सन, पंच, हुंडई और मारुति की लगभग सभी छोटी कारों में छह एअस्वैग मिल रहे हैं।

एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे आपात स्थिति में ड्राइवर का बाहन पर बेहतर नियंत्रण रहता है। यह ईबीडी यानी इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन का ही एक आधुनिक रूप है। पहले की कारों में ईबीडी केवल आगे और पीछे के पहियों के बीच ब्रेक फोर्स बोटता था।

दुर्घटना की स्थिति में यह फीचर किसी अनहोनी की आशंका को 50 फीसदी तक कम कर देता है। पीछे की सीट बेल्ट को लेकर अभी भी लोगों में कम जागरुकता है। एक अध्ययन कहता है कि केवल 7 फीसदी लोग पीछे की सीट की बेल्ट का उपयोग करते हैं। खरीदारों को प्री-टेंशनर्स और लोड लिमिटर्स वाली सीटबेल्ट देखनी चाहीए। ये कार सीटबेल्ट में रेस्टेंट सिस्टम का हिस्सा होते है।

इस तकनीक में यदि कार का रडार या कैमरा वह भांप लेता है कि टक्कर होने वाली है, तो यह सीटवेल्ट को पहले ही कस लेता है। इस तरह यह यात्री को सही स्थिति में ले आता है। इसके अलावा डायनेमिक सीटबेल्ट रिमाइंडर का चलन भी कारों में बढ़ रहा है। कुछ प्रीमियम कारों में अब ऐसी सीटवेल्ट आही है, जो टक्कर के समय एक छोटे एयरबैग की तरह फूल जाती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) के कारों में अनिवार्य होने से भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 30 फीसदी से ज्यादा की कमी आ सकती है। इसे इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल प्रोग्राम के तौर पर भी जाना जाता है। यह सिस्टम जरूरत पड़ने पर हर पहिये पर अपने आप स्थिति अनुसार अलग-अलग ब्रेक लगाता है, ताकि गाड़ी फिसलने न पाए। यह फीचर तब बहुत काम आता है, जब सड़क पर पानी, कीचड़ या बर्फ हो और गाड़ी के नियंत्रण से बाहर जाने का डर ती। वर्तमान में यह बीएन कैप के तहत किसी भी कार की बेहतर सेफ्टी रेटिंग के लिए एक अनिवार्य फीचर है।

यह सेंसर और कैमरों का उपयोग करके ड्राइबर को उन क्षेत्रों (ब्लाइंड स्पॉट) में वाहनों के प्रति सचेत करता है, जहां ड्राइवर की सीधी नजर नहीं पहुंच पाती। कारों में आमतौर पर इसे अड़ास सूट में शामिल किया जा रहा है। कुछ बजट कारों मेंइसे ‘लेन वॉच कैमरा’ के नाम से भी दिया जाता है, जहां मिरर के नीचे लगा कैमरा सीधे आपकी स्क्रीन पर बगल का दृश्य दिखाता है।

ये फीचर्स ड्राइवर को तंग जगहों पर वाहन पार्क करने में मदद करते हैं। आजकल ज्यादातर कारों में रियर कैमरा और सेसर आते हैं, जबकि कुछ में भेटकैमरा भी मिलता है। दोनों ही पकार मेरेट्रो-फिट के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें आप किसी भी कार में अलग से लगवा सकते हैं। भारत में इन्हें लगवाने का खर्च एक बेसिक सेंसर किट के लिए लगभग 1,000 रुपये से शुरू होता है और एक अच्छे कैमरा च स्क्रीन सिस्टम के लिए 5,000 से 15,000 रुपये तक जा सकता है।

यह सिस्टम वाहनों और पैदल यात्रियों से होने वाली संभावित टक्कर को भांप लेता है। यदि ड्राइवर समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो यह अपने आप बैंक लगा देता है। यह फोचर आपातकालीन स्थितियों में अत्यंत उपयोगी साचित होता है, जहां तुरंत कार्रवाई की जरूरत होती है।

कार के ढांचे की मजबूती भी जरूरी है। मजबूत शीट मेटल, मजबूत पिलर और ‘क्रम्पल जोन’ वाली चोंडी टक्कर को सहन कर लेती है और अंदर बैठे यात्री सुरक्षित रहते हैं। ग्लोबल एनकप और भारत एनकैप के आंकड़ों के आधार पर कहें, तो टाटा नेक्सन और महिंद्रा की कारें इस संदर्भ में लोकप्रिय हैं। हाल ही में मारुति सुजुकी न्यू डिजायर को 5 सेफ्टी रेटिंग मिली है।

ये चाइल्ड सीट को सुरक्षित रूप से लगाने के लिए मानक एंकर हैं, जो दुर्घटना की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रखते हैं। रिया शर्मा

टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) ड्राइवर को तब सचेत करता है, जब टायरी में हवा का दबाव कम या ज्यादा होता है। यह फीचर वाहन की स्थिरता और ईंधन दक्षता के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। ये टायर की लाइफ के लिए भी जरूरी होता है। यह वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा ही लगाया जाता है। हालांकि, इसे बाद में बाजार से भी खरीदा जा सकता है। बाजार में ब्रांड के अनुसार यह 500 से लेकर 5000 तक की सेज में आ रहे हैं।

6.26 लाख रुपये (एक्स शोरूम) की शुरुआती कीमत वाली सब-कॉम्पैक्ट सेहान को भारत एनकैप में 5-स्टार रेटिंग मिली है। इसमें छह एयरवेग, ईबीडी, हिल-होल्ड असिस्ट, आइसोफिक्स चाइल्ड सीट माउंट और सभी सीटबेल्ट के लिए रिमाइंडर जैसे सुरक्षा फीचर्स है।

6.30 लाख (एक्स-शोरूम) रुपये की शुरुआती कीमत वाली टाटा ऑल्ट्रीज टाटा मोटर्स के ‘ALFA’ आर्किटेक्चर पर बनी है और छह एयरबैग, ईएससी और सभी सीटों के लिए डी-पॉइंट सीटबेल्ट से लैस है।

8.15 लाख की शुरुआती कीमत वाली इस कार को बीएनकैप से 5-स्टार रेटिंग मिली है। छह एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल-स्टार्ट असिस्ट और उच्ब वेरिएंट में 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं।

न्यू जेनरेशन होड़ा अमेज की कीमत 7.47 लाख रुपये से शुरू होती है। छह एयरबैग, आइसोफिक्स चाइल्ड सीट पंकर, ईएससी और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे मानक फीचर मिलते हैं।

स्कोड़ा कायलाक छह एयरबैग, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल-होल्ड असिस्ट और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स से लैस है।

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