नए साल में सभी शिकवे-गिले भूलकर ऐसे करें नई शुरुआत

जो बीत गया, उसे दिल से जाने दें। नई शुरुआत के लिए मन हल्का होना जरूरी है।

माफ करना कमजोरी नहीं, यह रिश्तों को बचाने की ताकत है।

जो मिला, उसके लिए आभार रखें। आभार से ही संतोष जन्म लेता है।

पुरानी गलतियों से सीख लें, नए लक्ष्य तय करें और आगे बढ़ें।

शिकवे छोड़ें,मुस्कान अपनाएँ— यही है नए साल का असली संकल्प।

खुद से भी माफी माँगिए। मन की शांति, सबसे बड़ी जीत है।

परिवार और अपनों के साथ नए साल की शुरुआत करें।

आज से ही शुरुआत करें। शिकवे छोड़ें—खुशियाँ अपनाएँ।