एक दिन भी पीएफ कटा तो आजीवन पेंशन मिलेगा- देखें नया स्किम

By: arcarrierpoint

On: Thursday, January 15, 2026 7:57 PM

एक दिन भी पीएफ कटा तो आजीवन पेंशन मिलेगा- देखें नया स्किम
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एक दिन भी पीएफ कटा तो आजीवन पेंशन मिलेगा- देखें नया स्किम:-अगर आप नौकरी करते हैं या कभी किसी प्राइवेट कंपनी, फैक्ट्री, दुकान या संस्थान में काम किया है और एक दिन भी आपका पीएफ (PF) कटा है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले कर्मचारियों को आजिवन पेंशन का लाभ मिलता है, जिसे EPS-95 (Employees’ Pension Scheme) कहा जाता है।

  • पीएफ क्या है
  • पीएफ कैसे कटता है
  • पीएफ और पेंशन में क्या अंतर है
  • एक दिन पीएफ कटने पर पेंशन कैसे मिलेगी
  • नया स्कीम / नया नियम क्या कहता है
  • पेंशन कितनी मिलेगी
  • आवेदन कैसे करें

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की योजना कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी) के तहत पंजीकृत कर्मचारी ने नामांकन के बाद एक दिन भी नौकरी की तो उसकी नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार पेंशन का हकदार होगा।

भले ही इंप्लॉय एनरोलमेंट स्कीम के तहत नामांकित कर्मचारी का पिछली सेवा के दौरान का अंशदान जमा न किया गया हो। इसके लिए शर्त है कि नियोक्ता बीते वर्षों का अपने हिस्से का अंशदान जमा कर दे। ईपीएफओ किसी भी संस्थान में काम करने वाले सभी नए-पुराने कर्मचारियों को ईपीएफओ को इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कैंप लगा रहा है।

ईपीएफओ से जुड़े किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के तहत पारिवारिक पेंशन का लाभमिलता है। यह पेंशन एक साथ नहीं, बल्कि क्रमवार पात्र सदस्यों को दी जाती है।

सबसे पहले मृत कर्मचारी की पत्नी या पति को आजीवन या पुनर्विवाह तक पारिवारिक पेंशन दी जाती है। अधिकतम दो बच्चों को 25 वर्ष की आयु तक (या पुत्री के मामले में विवाह तक) पेंशन का प्रावधान है। यदि माता-पिता का निधन हो चुका हो तो बच्चों को अनाथ पेंशन, जो सामान्य बाल पेशन से दोगुनी है, मिलती है। पत्नी-पति और बच्चे न होने की स्थिति में पेंशन माता-पिता को दी जाती है।

अपने सभी नए पुराने कर्मचारियों का नामांकित करा लें। भले ही अप्रैल तक ही ईईसी नामांकन का लाभ मिलेगा, लिहाजा संस्थान वर्षों से किसी संस्थान में काम करने के दौरान पीएफ सुविधाओं से वंचित रहे हों। एक दिन भी पीएफ अंशदान कटा तो मृत्यु की स्थिति में परिजनों को पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा।

पेंशन राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन और सेवा अवधि पर निर्भर करती है। वर्तमान में पारिवारिक पेंशन की न्यूनतम राशि एक हजार रुपये प्रतिमाह तय है। सामान्यतः यह राशि ढाई हजार से साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह तक होती है। बच्चों को मिलने वाली पेंशन, विधवा/विधुर पेंशन का 25 प्रतिशत प्रति बच्चा होती है। पारिवारिक पेंशन कर्मचारी की मृत्यु की तारीख के अगले दिन से देय मानी जाती है। सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद आमतौर पर एक से तीन माह में पेंशन शुरू हो जाती है।

ईपीएफओ की पेंशन के लिए फॉर्म-10डी भरना अनिवार्य है। इसके अलावा पीएफ राशि के लिए फॉर्म-20 और ईडीएलआई बीमा लाभ के लिए फॉर्म-5 आईएफ जमा करना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफओ रिकॉर्ड में परिवार और नामांकन की जानकारी अपडेट होने से लाभ मिलने में देरी से बचा जा सकता है।

ईपीएफओ ईसीसी के तहत पीएफ सुविधाओं सुविधाआ का लाभ नौकरी करने वाले हर कर्मचारी को मिले, इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों में संगठनों के सहयोग से कैंप लगा रहा है। इसके तहत संस्थान के नियोक्ताओं और कर्मचारियों को जानकारी दी जा रही है। इस सुविधा की जानकारी देने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में कैंप लगाए जा रहे हैं।

  • 02 बच्चों को 25 वर्ष की आयु तक पेंशन का प्रावधान है
  • 25 फीसदी पेंशन प्रति बच्चे के हिसाब से दी जाती है पारिवारिक पेंशन में

PF यानी Provident Fund एक सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) चलाती है।
इसका मकसद कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है।

सरल शब्दों में –

आपकी सैलरी का कुछ हिस्सा हर महीने कटता है और उतना ही हिस्सा कंपनी देती है। यह पैसा EPFO के पास जमा होता है।

जब आप किसी ऐसे संस्थान में नौकरी करते हैं जहाँ 20 या उससे अधिक कर्मचारी होते हैं, तो वहां PF लागू होता है।

  • कर्मचारी की सैलरी से: 12%
  • कंपनी की तरफ से: 12%

कंपनी के 12% में से

  • 8.33% → पेंशन (EPS) में जाता है
  • बाकी हिस्सा PF अकाउंट में

यही वजह है कि एक दिन भी पीएफ कटने पर पेंशन का रिकॉर्ड बन जाता है

EPS-95 (Employees’ Pension Scheme 1995), EPFO की पेंशन योजना है।

इस स्कीम के तहत:-

  • कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन
  • 58 साल की उम्र के बाद कर्मचारी को पेंशन
  • विधवा, बच्चे और माता-पिता को भी लाभ

हाँ, बिल्कुल मिलेगी।

नए और स्पष्ट नियमों के अनुसार:-

  1. अगर कर्मचारी का नामांकन (Nomination) EPFO में है
  2. और एक दिन भी EPS में योगदान हुआ है
    तो कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को पारिवारिक पेंशन मिलेगी।

यह पेंशन आजिवन या पात्रता अवधि तक मिलती है।

  • ₹1,000 प्रति माह (सरकार द्वारा तय)
  • ₹7,000 से ₹7,500 तक (सेवा अवधि और वेतन पर निर्भर)
  • कर्मचारी की कुल सेवा अवधि
  • अंतिम वेतन
  • EPS में योगदान

अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो:-

  • आजिवन या पुनर्विवाह तक पेंशन
  • 25 वर्ष की आयु तक
  • अधिकतम दो बच्चों को
  • अगर पत्नी/बच्चे नहीं हैं तो
  • एक दिन की नौकरी भी वैध मानी जाएगी
  • पुराने और नए सभी कर्मचारियों को लाभ
  • EPFO रिकॉर्ड डिजिटल किया गया
  • ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग सुविधा
  • नामांकन अपडेट अनिवार्य

अगर आपने नामांकन अपडेट नहीं किया, तो परिवार को पेंशन मिलने में परेशानी हो सकती है।

  • परिवार को आसानी से पेंशन
  • कोई कानूनी झंझट नहीं
  • ऑनलाइन दावा जल्दी निपटता है

EPFO पोर्टल पर लॉगिन कर के e-Nomination जरूर करें।

  • Form-10D → मासिक पेंशन के लिए
  • Form-20 → PF क्लेम
  • Form-5IF → EDLI बीमा के लिए
  • नजदीकी EPFO ऑफिस
  • या ऑनलाइन EPFO पोर्टल से
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (अगर फैमिली पेंशन)
  • सेवा प्रमाण / UAN
  • फोटो
  • नामांकन विवरण
  • प्राइवेट नौकरी करने वाले
  • फैक्ट्री / कंपनी कर्मचारी
  • सुरक्षा गार्ड, हेल्पर, ड्राइवर
  • जिनकी नौकरी छूट चुकी है
  • जिनके घर में कमाने वाले की मृत्यु हो गई हो

अगर आपने या आपके परिवार के किसी सदस्य ने एक दिन भी नौकरी की है और पीएफ कटा है, तो यह मानकर न बैठें कि कोई फायदा नहीं मिलेगा।
EPS-95 स्कीम के तहत आजिवन पेंशन का अधिकार बनता है।

समय रहते EPFO रिकॉर्ड, UAN और नामांकन जरूर चेक करें।

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