कार या बाइक लेने की सोच रहे हैं- तो यहाँ मिल रहा है सबसे सस्ता:-अगर आप नई कार, पुरानी सेकेंड-हैंड गाड़ी, बाइक या इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहद फायदेमंद है। ऑटोमोबाइल मार्केट में इस समय भारी छूट, एक्सचेंज बोनस, कैश डिस्काउंट, फाइनेंस ऑफर और सरकारी सब्सिडी मिल रही है, जिससे कम बजट में भी बढ़िया वाहन खरीदा जा सकता है।
नई और सस्ती एसयूवी खरीदने का सही मौका
दिसंबर का महीना कम बजट में एसयूवी खरीदने का अच्छा मौका दे रहा है। स्कोडा कुशाक, जीप कंपास और अन्य लोकप्रिय मॉडल्स पर बड़ी छूट मिल रही है, और ग्राहक जनवरी में कीमत बढ़ने से पहले इसका पूरा फायदा उठा सकते हैं।
कार बाजार
एसयूवी सेगमेंट में इस महीने ग्राहकों के लिए कई बड़े ऑफर पेश किए गए हैं। अलग-अलग मॉडलों पर लाखों रुपये तक की छूट दी जा रही है, जिससे खरीदारी का यह मौका विशेष बन रहा है। आइए जानें, कौन सी एसयूवी पर मिल रही है आकर्षक छूट-
बड़ी छूट वाले एसयूवी मॉडल
सबसे बड़ा डिस्काउंट स्कोडा कुशाक पर मिल रहा है, जिसमें कंपनी 3.25 लाख रुपये तक की छूट दे रही है। कुशाक में 1.0-लीटर और 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन विकल्प हैं। जीप कंपास पर 2.55 लाख रुपये की छूट मिल रही है। इसमें 2.0-लीटर डीजल इंजन और फोर-व्हील ड्राइव का विकल्प भी मिलता है।
फॉक्सवैगन टाइगुन भी दिसंबर में 2 लाख रुपये तक की छूट के साथ उपलब्ध है।
बजट एसयूवी पड़ेगी और सस्ती
अगर आप 15 लाख रुपये तक की एसयूवी देख रहे हैं तो होंडा एलिवेट इस महीने 1.76 लाख रुपये तक की छूट के साथ उपलब्ध है। बजट सेगमेंट में निसान मैग्नाइट पर 1 लाख से 1.36 लाख रुपये तक की राहत मिल रही है। ऑफ-रोडिंग पसंद है, तो मारुति सुजुकी जिम्नी इस दिसंबर 1 लाख रुपये तक के कैश डिस्काउंट के साथ आ रही है। हुंडई एक्सटर पर 85,000 रुपये तक की बचत संभव है और यह पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्पों में उपलब्ध है।
प्रीमियम मॉडल्स पर भी मौका
एमजी हेक्टर पर 90,000 रुपये तक की छूट मिल रही है, जिसमें कैश डिस्काउंट और अन्य फायदे शामिल हैं। मारुति फ्रॉक्स भी 78,000 रुपये तक की छूट के साथ खरीदी जा सकती है, यह कंपनी की एकमात्र एसयूवी है, जिसमें 100एचपी वाला टर्बो पेट्रोल इंजन मिलता है। इसके अलावा, स्कोडा कायलाक और टाटा हैरियर पर भी दिसंबर में 75,000 रुपये तक के ऑफर मिल रहे हैं।
ध्यान रहेः- ऑफर समय के साथ व डीलर और शहर के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए नजदीकी शोरूम या आधिकारिक वेबसाइट से पूरी जानकारी अवश्य लें।
समझदारी से खरीदें पुरानी गाड़ी
आजकल पुरानी कार खरीदना नई कार की तुलना में किफायती विकल्प बन गया है, लेकिन सही जानकारी न हो तो धोखाधड़ी का खतरा रहता है। इसलिए सेकंड हैंड कार लेते समय आरसी, इंश्योरेंस जैसे जरूरी दस्तावेजों समेत कुछ अहम बातों पर ध्यान देकर अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं-
अगर आप इस्तेमाल की गई गाड़ी खरीद रहे हैं, तो वाहन की मौजूदा हालत सहित कई पहलुओं पर गौर करना जरूरी है। पुरानी गाड़ी तभी भरोसेमंद और किफायती साबित होगी, जब आप सही जानकारी और सावधानी से खरीदारी करें।
बाहरी और अंदरूनी जांच
कार की बॉडी में डेंट, जंग या पेंट के रिपेयर निशान देखें। सीट, डैशबोर्ड, स्टीयरिंग समेत इंटीरियर की हालत भी जांचें। इंजन स्टार्ट कर उसकी आवाज सुनें, ऑयल लीकेज और पाइप-बेल्ट्स की स्थिति देखें। संभव हो तो एक्सपर्ट मैकेनिक से कंप्रेशन टेस्ट भी करवाएं।
ओनरशिप और वीआईएन
कार खरीदने से पहले व्हीकल आईडेंटिफिकेशन (वीआईएन) नंबर से जांच लें कि कार किनके पास थी और किसी एक्सीडेंट में शामिल तो नहीं रही है। डील के बाद आरटीओ में नाम ट्रांसफर कराएं और इंश्योरेंस अपने नाम पर अपडेट करवाएं। यह भी देखें कि रोड टैक्स भरा हुआ है और कोई फाइन तो बकाया नहीं है।
मार्केट प्राइस जानें
पुरानी कार की कीमत उसकी उम्र, कंडीशन, मॉडल और बाजार की मांग पर तय होती है। इसलिए गाड़ी की हालत के अनुसार ही दाम तय करें, ऑनलाइन मंच से सही कीमत जानकर मोलभाव करें। अगर कीमत बहुत कम लगे, तो किसी छुपी खराबी की आशंका को नजरअंदाज न करें।
ओडोमीटर पर ध्यान दें
कार कितनी चली है, यानी उसका माइलेज कीमत तय करने में अहम होता है। ओडोमीटर यानी किलोमीटर रीडिंग को कार की घिसावट और सर्विस रिकॉर्ड से मिलाकर देखें, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ का अंदेशा न रहे।
भरोसेमंद सेलर से खरीदें
रजिस्टर्ड डीलर, भरोसेमंद सेलर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही सेकंड हैंड कार खरीदें। सर्विस हिस्ट्री देखें, जिससे पता चले कि समय-समय पर सर्विस कराई है या नहीं। अनजान लोगों से डील न ही करें और डीलर से वारंटी या सर्विस पैकेज के बारे में भी पूछें।
इसके अलावा, कार खरीदते समय टेस्ट ड्राइव जरूर करें ताकि ब्रेक, सस्पेंशन और ड्राइविंग अनुभव का अंदाजा लगे।
अगर खरीदें पुरानी ईवी
- तय करें कि रोजाना कितनी दूरी और एक बार चार्ज में कितनी रेंज चाहिए।
- टैक्स में छूट या स्थानीय रियायतें हो सकती हैं। इसकी जानकारी रखें।
- चार्जिंग पोर्ट और केबल देखें कि जंग लगा न हों या ढीले कनेक्शन न हों।
- वारंटी और मेंटेनेंस चेक करें, सर्विस /सॉफ्टवेयर अपडेट देखें।
- बैटरी की स्थिति और चार्ज क्षमता जांचें।
अब हर युवा को एक इलेक्ट्रिक दोपहिया चाहिए। तकनीक में लगातार हो रहे सुधार और किफायती विकल्पों के चलते भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया की लोकप्रियता बढ़ रही है। इस साल इनके बिक्री आंकड़ों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। बढ़ते प्रदूषण ने फिर इन वाहनों की बिक्री को बढ़ा दिया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया में कौन से विकल्प उपलब्ध हैं और क्या है |
इलेक्ट्रिक दोपहिया के बढ़ते दीवाने
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते प्रभाव की बात करें, तो अनुमानतः 2030 तक भारत दुनिया में ईबी का सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। इस वर्ग के वाहनों में भी दोपहिया का राज है। इस साल की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के कुल रजिस्ट्रेशन में 50 फीसदी टू-कीलर हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का प्रतिशत कहीं ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि साल के अंत तक यह सेगमेंट 8 से 10 फीसदी की प्रगति दिखाएगा।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया की शुरुआत 1980-81 में ‘कोमल’ मोपेड़ से कही जा सकती है। हालांकि यह कंपनी कुछ समय बाद बंद हो गई। साल 2006 में गो बाइक्स के कमर्शियल इलेक्ट्रिक स्कूटर ने भी चचां बटोरी। हीरो इलेक्ट्रिक और एवन जैसे ब्रांडों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन ये शुरुआती स्तर पर ही थे। साल 2016 में एथर एनर्जी का स्मार्ट ई-स्कूटर एथर एस340 एक अहम पड़ाव साबित हुआ। कह सकते हैं कि इसने उम्मीद जगाई कि इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर से बेहतर भी हो सकता है।
अब कौन सी कंपनियां आगे
भारत के सरकारी पोर्टल ‘वाहन’ के अनुसार देश में कुल मिलाकर 150 से ज्यादा छोटी-बड़ी ओईएम कंपनियां इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में रजिस्टर कर चुकी हैं। इनमें से बहुत सी कंपनियां क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। बता दें कि ओईएम से मतलब ओरिजनल इक्विपमेंट मेन्यूफैक्चरर से है, ऐसी कंपनियां अपने वाहन को पूरी तरह खुद डिजाइन करती हैं और बनाती हैं, न कि अलग-अलग कलपुर्जे बाहर से लेकर केवल जोड़ती हैं।
दिग्गज कंपनियां
ई-टूकीलर के बाजार में लेगेसी ओईएम यानी पुरानी नामी कंपनियों की १० फीसदी तक की हिस्सेदारी कही जा सकती है। इस साल दिसंबर की शुरुआत तक टीवीएस और बजाज के हाथों में कमान रही है। अन्य ओईएम में बजाज, हीरो मोटोकॉर्प, यामाहा, एलएमएल, काइनेटिक आदि गिने जाते हैं।
स्टार्टअप नई कंपनियों में ओला इस सेगमेंट की अगुवाई कर रही है। इसके अलावा एधर एनजी, ओकिनावा, ऍपियर, हीरो इलेक्ट्रिक, रिवर मोविलिटी जैसे कई नाम हैं।
कितनी तरह के ई-दोपहिया
इलेक्ट्रिक स्कूटर पुराने डीजल-पेट्रोल स्कूटरों में इलेक्ट्रिक मोटर का प्रयोग करके इन्हें पेश किया गया। बैटरी पैक आमतौर पर सीट के नीचे या फर्श के नीचे लगा होता है। इनको गति 45 किमी/घंटा से अधिक मिलेगी। इन्हें चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण अनिवार्य है।
प्रमुख मॉडल
ओला एसवन प्रो, एथर 450 एक्स, टीवीएस आईक्यूच, बजाज चेतक, हीरो विडा यौवन जैसे प्रमुख मॉडल हैं।
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल
यह सेगमेंट उन उपभोक्ताओं के लिए है, जो पारंपरिक मोटरसाइकिल का अनुभव इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ चाहते हैं। ई-मोटरसाइकिल की मोटर जाहिर तौर पर ज्यादा शक्तिशाली होगी। सभी हाई परफॉर्मस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण अनिवार्य है।
प्रमुख मॉडल
रिवॉल्ट आरवी 400, अल्ट्रा वायलट एफ77, ओवेन रोर।
इलेक्ट्रिक साइकिलें
इन्हें साइकिल की श्रेणी में रखा जाता है। इनमें पेडल होते हैं और मोटर भी दी जाती है। इनकी रेंज भले ही 80 किलोमीटर तक की मिल रही हो, अधिकतम गति सीमा 25 किमी/घंटा तक सीमित होती है। अगर इससे ज्यादा हुई, तो लाइसेंस और नंबर प्लेट का नियम लागू होता है। इसीलिए मोटर की शक्ति 250 वाट से अधिक नहीं मिलती है। ये फिटनेस पसंदलोगों के लिए बेहतर होती हैं या किशोरों और छात्र वर्ग के लिए काम की साबित होती है।
प्रमुख मॉडल
इस क्षेत्र में प्रमुख मॉडल हीरो लेक्ट्रो, ई मोटोरॉड, मोटोवोल्ट नाईटी चन आदि।
विकसित होती बैटरी
भारत में टू-व्हीलर के मामले में रिमूवेबल, फिक्स्ड और स्वैपेचल बैटरी के अलावा भी कई नए प्रयोग हो रहे हैं। अब बैटरी ऐजए सर्विस का विकल्प कुछ स्कूटरों में मिलता है, जिससे दोपहिया सस्ता पड़ता है। वहीं, लेड एसिड बैटरियों आमतौर पर शुरुआती सस्ते ई-टूीलर में इस्तेमाल होती हैं, तो लिथियम आयन बैटरी मिडरेंज की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर में इस्तेमाल की जा रही हैं।
कुछ उच्च प्रदर्शन की ई-बाइक में निकिल मैंगनीज कोबाल्ट बैटरी का उपयोग किया जा रहा है, जैसे एथर एनजी और ओला के स्कूटरों में इनका उपयोग हो रहा है। वाहीं लिथियम फेरो फॉस्फेट बैटरियां ज्यादा सुरक्षित होती हैं और लंबे समय तक टिकती हैं। रिवर इंडी स्कूटर और ओवेन रोर कंपनी अपने सभी मॉडलों में इसका उपयोग कर रही है।
बेहतर बैटरियों के कारण अब कुछ स्कूटरों और मोटरसाइकिलों की गति 60 किमी/घंटा और रेंज 80 किमी से ज्यादा भी हुई है।
ओला या एथर जैसे स्मार्ट स्कूटर 115 किमी/घंटा की टॉप स्पीड और 150 किमी तक की रेंज से आगे पहुंच चुके हैं। कीमतों पर नजर एंट्री लेवल ई-स्कूटर जैसे ओला मिम और बुलूविन 40-55 हजार रुपये तक में मिलते हैं, जबकि आधुनिक स्मार्ट स्कूटर जैसे एथर रिज्टा और टीबीएस आईक्यूच 1.5 लाख रुपये तक में उपलब्ध है। ई-साइकिलें भी 28-50 हजार रुपये की रेंज में मिल जाती हैं।
क्यों हो रहे लोकप्रिय
भारत में ही बन रहे है, जिससे लागत घट रही है। भविष्य में कीमतें और कम होने की उम्मीद है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में ये किफायती है। कुछ में स्मार्ट फीचर्स जैसे एप कनेक्टिविटी, चौरी का अलर्ट और बैटरी ट्रैकिंग मिलती है। चार्जिंग पॉइंट बढ़ रहे है और बैटरी स्वैपिंग की सुविधा भी विकसित हो रही है। सरकारी रियायतें, आसान लोन, बेहतर होती बैटरी तकनीक आदि इन्हें और आकर्षक बना रहे हैं।
बजट के हिसाब से क्या खरीदें?
| बजट | सबसे अच्छा विकल्प |
|---|---|
| ₹1–2 लाख | सेकेंड-हैंड बाइक |
| ₹3–5 लाख | सेकेंड-हैंड कार / नई बाइक |
| ₹5–8 लाख | नई हैचबैक / EV स्कूटर |
| ₹8–15 लाख | SUV / फैमिली कार |
एक्सपर्ट सलाह
- जल्दबाज़ी में निर्णय न लें
- ऑफर की तुलना जरूर करें
- EMI कैलकुलेशन पहले करें
- भविष्य के खर्च (मेंटेनेंस, चार्जिंग) समझें
निष्कर्ष
अगर आप कार या बाइक लेने की सोच रहे हैं, तो यह समय सबसे सस्ता और सही है। चाहे नई कार हो, पुरानी गाड़ी या इलेक्ट्रिक दोपहिया—हर सेगमेंट में जबरदस्त ऑफर चल रहे हैं। सही जानकारी और थोड़ी समझदारी से आप हजारों–लाखों रुपये बचा सकते हैं।
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