फार्मर आईडी के बिना नहीं मिलेगा किसान कोड का पैसा- जल्दी करें आवेदन:-सरकार द्वारा किसानों को मिलने वाली सभी सरकारी योजनाओं और किसान कोड (Kisan Code) के माध्यम से मिलने वाली राशि के लिए अब Farmer ID (फार्मर आईडी) अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों के पास Farmer ID नहीं है, उन्हें DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए मिलने वाला पैसा नहीं मिलेगा।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में लाखों किसानों का Farmer ID अब तक नहीं बन पाया है, जिससे उन्हें किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान और अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खासकर जिन किसानों के जमीन का बंटवारा (Partition) या नामांतरण (Mutation) पूरा नहीं हुआ है, उनके Farmer ID बनाने में सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है।
बंटवारे के बिना जमीन का नामांतरण नहीं हो रहा, फार्मर आईडी का काम धीमा
राज्य में फार्मर आईडी बनाने की रफ्तार धीमी है। अबतक 13,85,340 किसानों का ही आईडी कार्ड बना है। जबकि राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 75,01,563 है। फार्मर आईडी बनने की रफ्तार धीमी होने की मुख्य वजह पारिवारिक बंटवारा का नहीं होना है। पटना जिला प्रशासन के मुताबिक जबतक पारिवारिक बंटवारा समहति से नहीं होगा, तबतक पूर्वजों की जमीन का नामांतरण संभव नहीं है। इसी में मामला फंस रहा है। जिनका पारिवारिक बंटवारा है तो उनकी जमीन के नामांतरण में परेशानी नहीं है। जमीन का नामांतरण होने के बाद ही फार्मर आईडी बनेगी।
अबतक राज्य में 13.85 लाख तो पटना जिले में 1.8 प्रतिशत किसानों का बना कार्ड, बिना आईडी सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा
पटना जिले में 1,48,619 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा था। जबकि बीते शनिवार तक यहां 32,732 ही फार्मर आईडी बन पाई है। यह योजना का लाभ लेने वाले किसानों का 1.8 प्रतिशत है। बिना फॉर्मर आईडी किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। आईडी कार्ड बनवाने के लिए संबंधित किसान के नाम पर जमीन की रसीद अनिवार्य है।
3 जिलों में सबसे कम
तीन जिलों में 0.5 प्रतिशत से कम किसानों की आईडी बनी है। पूर्वी चंपारण में 443638 में से 47410, सीवान में 381727 में से 25964 और सारण में 500506 में से 31049 किसानों की आईडी बनी है।
छह जिलों में सबसे अधिक कार्ड बने
| जिला | सम्मान निधि का लाभ (किसान) | Farmer ID बने | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| कटिहार | 2,05,897 | 68,781 | 2.3% |
| पूर्णिया | 2,01,010 | 64,522 | 2.4% |
| बक्सर | 75,094 | 21,760 | 2.1% |
| लखीसराय | 49,123 | 12,601 | 2.8% (सबसे ज्यादा) |
| सहरसा | 2,28,185 | 53,426 | 2.2% |
| रोहतास | 1,90,101 | 40,555 | 2.0% |
कैंप लगाकर कार्ड बनाया जा रहा
फार्मर आईडी बनाने के लिए पहले 6 जनवरी से 11 जनवरी तक कैंप लगा। दूसरे चरण में 17 से 21 जनवरी तक कैंप लग रहा है। किसान खुद भी ऑनलाइन पोर्टल bhfr. agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/ से घर बैठे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर-18001801551 और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हेल्पलाइन नंबर- 18003456215 पर संपर्क कर सकते हैं।
खेती से जुड़े सरकारी लाभ के लिए किसान के नाम पर जमीन का दस्तावेज होना अनिवार्य है। पूर्वजों के नाम से जमीन है तो सबकी सहमति से आपसी बंटवारा कर सकते हैं। यदि सहमति से बंटवारा नहीं हो रहा तो सीओ के पास वंशावली के आधार पर नामांतरण के लिए आवेदन देंगे। सीओ सभी हिस्सेदारों की संयुक्त जमाबंदी दर्ज करेंगे। कोई कानूनी बाध्यता या हिस्सा से संबंधित विवाद होने पर सिविल कोर्ट में बंटवारा वाद दायर करना होगा। शिवाजी सिंह, रिटायर्ड सीओ, पटना
क्या है Farmer ID (फार्मर आईडी)?
Farmer ID किसानों की एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जिसे सरकार ने सभी कृषि योजनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए शुरू किया है।
Farmer ID के जरिए:-
- किसान की जमीन की जानकारी
- फसल का विवरण
- बैंक खाता
- आधार नंबर
- किसान कोड
सभी डाटा एक जगह सुरक्षित रहता है।
सीधे शब्दों में:-
Farmer ID = किसान की डिजिटल पहचान + किसान कोड की चाबी
किसान कोड क्या होता है?
किसान कोड एक ऐसा यूनिक नंबर है जिसके जरिए किसान को मिलने वाली सरकारी सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
लेकिन अब सरकार ने साफ कर दिया है कि:-
Farmer ID के बिना किसान कोड से पैसा ट्रांसफर नहीं होगा।
Farmer ID क्यों जरूरी कर दी गई है?
सरकार ने Farmer ID को अनिवार्य बनाने के पीछे कई अहम कारण बताए हैं:-
1. फर्जी लाभार्थियों पर रोक
एक ही जमीन पर कई लोग लाभ न लें, इसके लिए Farmer ID जरूरी है।
2. DBT में पारदर्शिता
सरकारी पैसा सही किसान के खाते में पहुंचे।
3. जमीन रिकॉर्ड से लिंक
खतियान, जमाबंदी और नामांतरण की सही जानकारी मिले।
4. सभी योजनाएं एक प्लेटफॉर्म पर
PM Kisan, फसल बीमा, अनुदान, सब्सिडी – सब Farmer ID से जुड़ी होंगी।
बंटवारे के बिना जमीन का नामांतरण क्यों नहीं हो रहा?
कई जिलों में यह समस्या सामने आई है कि पारिवारिक बंटवारा नहीं होने के कारण जमीन का नामांतरण अटका हुआ है।
जब तक नामांतरण नहीं होगा:-
- जमीन किसान के नाम दर्ज नहीं होगी
- Farmer ID नहीं बनेगी
- किसान कोड का पैसा नहीं मिलेगा
यही वजह है कि हजारों किसान अब भी सरकारी लाभ से वंचित हैं।
किन किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी?
- संयुक्त परिवार के किसान
- जिनकी जमीन अब भी पूर्वजों के नाम है
- जिनका बंटवारा कोर्ट या कागजों में लंबित है
- जिनके पास अपडेटेड जमाबंदी नहीं है
राज्य में Farmer ID की स्थिति (रिपोर्ट के अनुसार)
- राज्य में लगभग 13.85 लाख किसानों की Farmer ID बननी है
- अब तक केवल 1.8% किसानों की Farmer ID बन पाई है
- कई जिलों में Farmer ID बनाने की गति बेहद धीमी है
इसका सीधा असर किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं पर पड़ रहा है।
Farmer ID नहीं होने पर क्या-क्या नुकसान होगा?
अगर आपने समय रहते Farmer ID नहीं बनवाई तो:-
- किसान सम्मान निधि की किस्त अटक सकती है
- फसल बीमा का लाभ नहीं मिलेगा
- कृषि यंत्र अनुदान नहीं मिलेगा
- बीज और खाद सब्सिडी नहीं मिलेगी
- आप सरकारी रिकॉर्ड में “Active Farmer” नहीं माने जाएंगे
Farmer ID बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज
FarmerID के लिए निम्न दस्तावेज जरूरी हैं:-
- आधार कार्ड
- जमीन का दस्तावेज / जमाबंदी
- नामांतरण प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- खतियान / रसीद
ध्यान रखें:-
अगर जमीन आपके नाम नहीं है तो Farmer ID नहीं बनेगी।
Farmer ID कैसे बनवाएं? (ऑनलाइन प्रक्रिया)
Step-by-Step ऑनलाइन आवेदन
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
https://agristack.gov.in/farmer-registry/ - “Farmer Registration” पर क्लिक करें
- आधार नंबर और मोबाइल OTP से लॉगिन करें
- जमीन की जानकारी भरें
- जिला
- अंचल
- मौजा
- खाता / प्लॉट नंबर
- बैंक डिटेल भरें
- सभी दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
सफल आवेदन के बाद Farmer ID जनरेट हो जाएगी।
ऑफलाइन Farmer ID कैसे बनवाएं?
अगर ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो तो:-
- नजदीकी कृषि कार्यालय
- CSC सेंटर (जन सेवा केंद्र)
- किसान शिविर (Camp)
में जाकर Farmer ID बनवा सकते हैं।
Farmer ID के लिए कैंप कब लग रहे हैं?
सरकार द्वारा कई जिलों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां:-
- मौके पर Farmer ID बनाई जा रही है
- दस्तावेज सत्यापन किया जा रहा है
- नामांतरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है
किसान अपने जिले के कृषि कार्यालय से कैंप की तारीख जरूर पता करें।
नामांतरण की समस्या कैसे सुलझाएं?
अगर बंटवारे के कारण नामांतरण नहीं हो पा रहा है तो:-
- परिवार में आपसी सहमति से बंटवारा कराएं
- अंचल कार्यालय में आवेदन दें
- विवाद होने पर सिविल कोर्ट में वाद दायर करें
- नामांतरण पूरा होने के बाद Farmer ID के लिए आवेदन करें
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
- कृषि विभाग हेल्पलाइन: 18001801551
- राजस्व विभाग हेल्पलाइन: 18003456215
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप किसान हैं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो Farmer ID बनवाना अब विकल्प नहीं, मजबूरी बन चुका है।
Farmer ID के बिना किसान कोड का पैसा नहीं मिलेगा।
नामांतरण और जमीन से जुड़ी समस्याएं जल्द सुलझाएं।
समय रहते आवेदन करें, वरना आपकी किस्त अटक सकती है।
सलाह:- इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक शेयर करें, ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
IMPORTANT LINKS
| Arattai Group Join | CLICK HERE |
| Whatsapp Group Join | CLICK HERE |
| TELEGRAM | join |
| YOUTUBE | SUBSCRIBE |


























