बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर का कॉपी मूल्यांकन शुरू- तीन बार चेक होगा कॉपी

By: arcarrierpoint

On: Friday, February 27, 2026 8:14 PM

बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर का कॉपी मूल्यांकन शुरू- तीन बार चेक होगा कॉपी
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बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर का कॉपी मूल्यांकन शुरू- तीन बार चेक होगा कॉपी:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) एवं इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इस वर्ष बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए तीन स्तर (Three Layer Checking System) लागू किया है।

इस फैसले का सीधा लाभ लाखों विद्यार्थियों को मिलने वाला है, क्योंकि अब कॉपी जांच में गलती होने की संभावना बेहद कम हो जाएगी।

बिहार बोर्ड की इंटर वार्षिक परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 27 फरवरी से शुरू होगा, जो 10 मार्च तक चलेगा। होली के कारण 3 और 4 मार्च को मूल्यांकन प्रतिदिन एक ही पाली में सुबह 9 से कार्य स्थगित रहेगा। मूल्यांकन शाम 5 बजे तक होगा। आवश्यकता पड़ने पर परीक्षकों को शाम 6 बजे तक कार्य करना होगा। सभी परीक्षक, सुपरवाइजर एवं संबंधित कर्मियों को सुबह 8 बजे तक निर्धारित मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है। बोर्ड ने कहा कि जिस दिन कॉपियों का मूल्यांकन किया जाएगा, उसी दिन संबंधित अंक ऑनलाइन अपलोड करना होगा। समिति के अनुसार इंटर परीक्षा के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों और कर्मियों ने अपने-अपने केंद्रों पर योगदान दे दिया है।

मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2 से 13 मार्च तक चलेगा। बोर्ड ने विषयवार परीक्षक एवं प्रधान परीक्षकों की नियुक्ति की है। उनका नियुक्ति पत्र समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर है। समिति ने संबंधित एमपीपी को निर्देश दिया है कि वे नियुक्ति-पत्र का वितरण सुनिश्चित करें और चयनित परीक्षकों को निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से योगदान देने के लिए निर्देशित करें।

होली पर्व के कारण कुछ दिनों तक मूल्यांकन कार्य स्थगित भी रहेगा।

इंटर की ढाई लाख कॉपियों की जांच शुक्रवार से शुरू होगी। जिले में इसके लिए पांच मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन के बाद तीन स्तर पर अंक देखे जाएंगे।

मूल्यांकन को लेकर बिहार बोर्ड ने निर्देश दिया है कि केंद्र पर चेकर-मेकर की जांच के बाद ही अंतिम अंक मान्य होगा। अगर इन दोनों के चढ़ाए गए अंक में अंतर आया तो सुपरवाइजर इसकी जांच करेंगे। इस बार इंटर की कॉपियों की जांच के लिए जिले में 1300 परीक्षक लगाए गए हैं। गुरुवार देर शाम तक 60-70 फीसदी परीक्षकों ने योगदान दे दिया था। कॉपी जांच के लिए किसी केन्द्र पर 20 तो कहीं 29 काउंटर बनाए गए हैं। केंद्रों पर 20 चेकर-मेकर लगाए गए हैं।

बोर्ड ने सभी प्रधान परीक्षकों को निर्देश दिया है कि उन्हें विशेष ध्यान रखना है कि कोई भी खंड अमूल्यांकित नहीं रह जाए। बच्चों ने जवाब सही लिखा है तो पूरा अंक दें। किसी परीक्षार्थी को 90 फीसदी से अधिक अंक आता है तो भी उसकी कॉपी जांच के लिए बोर्ड कार्यालय नहीं भेजना है। पहले 90% से अधिक अंक आने पर कॉपियों को बोर्ड के पास भेजा जाता था।

बोर्ड ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकित कॉपियों के साथ अंक तालिका पृष्ठ पर भी सह परीक्षक, प्रधान परीक्षक के हस्ताक्षर के साथ कोड संख्या भी अंकित रहेगा। डीईओ अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि मूल्यांकन सुबह नौ बजे से शुरू होगा। आठ बजे तक सभी को केन्द्र पर पहुंच जाना होगा। योगदान नहीं करने वाले परीक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस बार बिहार बोर्ड ने उत्तर पुस्तिका जांच की नई व्यवस्था लागू की है:-

  • विषय शिक्षक द्वारा कॉपी की पहली जांच।
  • प्रत्येक प्रश्न का अंक निर्धारित मानक के अनुसार दिया जाएगा।
  • दिए गए अंकों का मिलान किया जाएगा।
  • टोटलिंग (Total Marks) की पुनः जांच।
  • अंतिम सत्यापन।
  • अंक अपलोड से पहले अंतिम अनुमोदन।

यदि अंक देने में अंतर पाया जाता है, तो कॉपी दोबारा जांची जाएगी।

बिहार बोर्ड ने निर्देश दिया है कि:-

  • 90% से अधिक अंक प्राप्त कॉपियों को अलग से जांचा जाएगा।
  • टॉपर सत्यापन प्रक्रिया के तहत पुनः मूल्यांकन।
  • गलत तरीके से अधिक अंक देने पर कार्रवाई संभव।

इससे फर्जी टॉपर विवाद की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

बोर्ड के नए नियम के अनुसार:-

  • जिस दिन कॉपी जांच होगी,
  • उसी दिन अंक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

इससे रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

बिहार के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर:-

  • CCTV कैमरा
  • बायोमेट्रिक उपस्थिति
  • कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग
  • मोबाइल प्रतिबंध

जैसी व्यवस्था लागू की गई है।

परीक्षकों को सुबह 8 बजे तक केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।

बोर्ड के निर्देशानुसार:-

  • प्रत्येक मूल्यांकन की गई कॉपी पर परीक्षक का हस्ताक्षर रहेगा।
  • कोड नंबर अंकित किया जाएगा।
  • बिना हस्ताक्षर वाली कॉपी अमान्य मानी जाएगी।

इस वर्ष:-

  • हजारों शिक्षकों की नियुक्ति मूल्यांकन कार्य में की गई है।
  • प्रत्येक जिले में कई मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।
  • प्रतिदिन हजारों कॉपियों की जांच की जा रही है।

मूल्यांकन शेड्यूल को देखते हुए संभावित तिथि:-

बिहार बोर्ड देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने के लिए जाना जाता है।

बिहार बोर्ड हर वर्ष की तरह इस बार भी:-

  • ग्रेस मार्क्स नीति लागू करेगा।
  • 1–5 अंक से फेल छात्रों को राहत मिल सकती है।
  • रिजल्ट प्रतिशत सुधारने के लिए विशेष समीक्षा।
  1. कॉपी मूल्यांकन
  2. अंक ऑनलाइन अपलोड
  3. टॉपर वेरिफिकेशन
  4. रिजल्ट प्रोसेसिंग
  5. बोर्ड अनुमोदन
  6. रिजल्ट जारी

रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र:-

  • Roll Code
  • Roll Number

की मदद से ऑनलाइन रिजल्ट देख सकेंगे।

  • गलत मार्किंग की संभावना कम
  • तीन बार कॉपी जांच
  • पारदर्शी सिस्टम
  • जल्दी रिजल्ट
  • टॉपर विवाद खत्म
  • रिजल्ट से पहले अफवाहों पर ध्यान न दें।
  • आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी लें।
  • मार्कशीट डाउनलोड करने के बाद अंक अवश्य मिलान करें।
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