बीपीएससी टीआरई-4 | नया सिलेबस जारी- प्री और मेंस निगेटिव मार्किंग भी -:- बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए TRE-4 को लेकर बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा TRE-4.0 के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान विज्ञापन के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की जानी है और ऑनलाइन आवेदन 1 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लिए जाएंगे।
इस बार TRE-4 की परीक्षा में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा बदलाव निगेटिव मार्किंग से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहली बार प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे। साथ ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पांचवां विकल्प ‘E’ भी शामिल किया गया है।
शिक्षक भर्ती:- 32388 पदों पर चयन को दो परीक्षाएं होंगी
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (टीआरई-4.0) का विज्ञापन जारी कर दिया। विद्यालय शिक्षक भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या 14/2026) के तहत 32388 पदों पर नियुक्ति होगी। इसके लिए एक से 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन लिये जाएंगे। पहली बार परीक्षा दो चरणों (प्रारंभिक और मुख्य) में होगी।
टीआरआई-4 के लिए बीपीएससी ने जारी किया विज्ञापन, एक सितंबर से होगा आवेदन
आयोग के अनुसार, चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क एक से 29 सितंबर तक जमा किए जाएंगे। आयोग की वेबसाइट www.bpsc.bihar.gov.in पर भर्ती संबंधित जानकारियां हैं। आवेदन का लिंक 30 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा। सर्वाधिक रिक्तियां उच्च माध्यमिक (कक्षा 11वीं-12वीं) में 16,101 हैं। प्राथमिक विद्यालय (कक्षा एक से पांच) में 3,847, मध्य विद्यालय (कक्षा छह से आठ) में 8,563 तथा माध्यमिक (कक्षा नौवीं-दसवीं) में 3,877 पद रिक्त हैं।
दोनों परीक्षाओं की होगी भूमिका
पहली बार अभ्यर्थियों को पीटी और मेंस से गुजरना होगा। चयन प्रक्रिया में दोनों परीक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आयोग के विज्ञापन में इसका जिक्र है। इससे पहले शिक्षक भर्ती के तीन चरणों में एक ही परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों चयन हुआ था। प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों से मुख्य परीक्षा के लिए अलग से आवेदन लिये जाएंगे। सभी पदों के लिए न्यूनतम उम्र सीमा की गणना एक अगस्त, 2026 तथा अधिकतम उम्र सीमा की गणना एक अगस्त, 2024 को आधार मानकर की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण का लाभ बिहार के निवासी को ही मिलेगा। शिक्षक भर्ती परीक्षा में पहली बार गलत उत्तर पर निगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान किया गया है।
रिक्त पदों की संख्या 33274 हो जाएगी
टीआरई-4 की रिक्तियों में 886 नये पद जुड़ेंगे। यानी अब शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या 33274 हो जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तिवारी ने बताया कि टीआरई 4 के तहत पहले से स्वीकृत 32388 पदों के अतिरिक्त कई विषयों एवं भाषाओं में 886 नए पद जोड़े जाने की प्रक्रिया की गई है। इनमें मगही, मैथिली, ललित कला, प्राकृत सहित आठ भाषा व विषयों में 810 पद, जबकि कृषि शिक्षकों के लिए 76 पद शामिल हैं।
पहली बार प्रारंभिक परीक्षा, निगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान
प्रारंभिक परीक्षा
कुल दो घंटे की होगी और इसमें 150 सवाल वस्तुनिष्ठ प्रकृति के बहुविकल्पीय पूछे जाएंगे, जो प्रत्येक एक-एक अंक के होंगे। पीटी में गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग मिलेगा। प्रत्येक गलत जवाब के लिए एक तिहाई निगेटिव मार्किंग का प्रावधान होगा। इस बार विकल्प ‘ई’ का भी प्रावधान किया गया है। जो अभ्यर्थी कोई उत्तर नहीं देना चाहते हैं, वे यह विकल्प चुन सकते हैं।
मुख्य परीक्षा
वही शामिल होंगे, जो पीटी में न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करेंगे। सभी पदों के लिए ली जाने वाली मुख्य परीक्षा वस्तुनिष्ठ एवं बहु विकल्पीय होगी। इसमें 150 सवाल पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। मुख्य परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) में नकारात्मक अंकन का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक अनुत्तरित प्रश्न पर नकारात्मक अंकन करते हुए एक तिहाई अंक की कटौती होगी। साक्षात्कार नहीं होगा।
886 पद अतिरिक्त जोड़े जाएंगे
तीन चरणों में अब तक हुई भर्ती
| शिक्षक भर्ती चरण | अब तक हुई भर्ती |
|---|---|
| TRE-1 | 1,20,336 |
| TRE-2 | 86,557 |
| TRE-3 | 87,774 |
एसटीईटी-2026 के अभ्यर्थियों को भी आवेदन का मौका
बीपीएससी ने प्राथमिक, मध्य विद्यालय, माध्यमिक और विशेष विद्यालय शिक्षक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों के अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग पात्रता निर्धारित की है। एसटीईटी-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को भी टीआरई-4 में आवेदन का मौका मिलेगा। इससे बड़ी संख्या में नए अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा। एसटीईटी-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थी भीआवेदन कर सकेंगे। हालांकि, उन्हें पीटी से पहले एसटीईटी-2026 उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
विद्यालय अध्यापक बहालीः- किस पद पर कितनी रिक्तियां
प्राथमिक विद्यालयः कक्षा 1 से 5 (कुल पद 3,847)
| विषय | पद |
|---|---|
| सामान्य | 3,065 |
| उर्दू | 757 |
| बंगला | 25 |
| कुल | 3,847 |
मध्य विद्यालय – कक्षा 6 से 8 कुल (पद 8,563)
| विषय | पद |
|---|---|
| विज्ञान एवं गणित | 2,188 |
| अंग्रेजी | 929 |
| संस्कृत | 1,225 |
| सामाजिक विज्ञान | 1,190 |
| हिंदी | 1,096 |
| उर्दू | 935 |
| कुल | 8,563 |
माध्यमिक कक्षा 9 से 10 (कुल पद 3,877)
| विषय | पद |
|---|---|
| सामाजिक विज्ञान | 756 |
| अंग्रेजी | 696 |
| उर्दू | 660 |
| गणित | 570 |
| विज्ञान | 463 |
| हिंदी | 361 |
| संस्कृत | 322 |
| शारीरिक शिक्षा | 47 |
| संगीत | 2 |
| कुल | 3,877 |
उच्च माध्यमिक कक्षा 11 से 12 (कुल पद 16,101)
| विषय | पद |
|---|---|
| रसायनशास्त्र | 3,811 |
| मनोविज्ञान | 1,775 |
| भौतिकी | 1,758 |
| अंग्रेजी | 1,358 |
| वनस्पति | 1,176 |
| उर्दू | 970 |
| संस्कृत | 746 |
| हिंदी | 739 |
| संगीत | 736 |
| इतिहास | 696 |
| गणित | 657 |
| जंतु विज्ञान | 449 |
| गृह विज्ञान | 418 |
| कंप्यूटर | 407 |
| राजनीति विज्ञान | 267 |
| अर्थशास्त्र | 138 |
| कुल | 16,101 |
कुल पदः 32388 पद
टीआरई-4: गलत जवाब पर एक तिहाई अंक कटेंगे
बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में कई बदलाव किये हैं। पहली बार टीआरई-4.0 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है।
पहली बार निगेटिव मार्किंग का प्रावधान, वस्तुनिष्ठ सवालों के जवाब को पांचवां विकल्प ‘ई’ होगा, उत्तर नहीं देने पर इसका चयन करना होगा
अब तक की परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग नहीं थी। परीक्षा 150 अंकों की वस्तुनिष्ट होगी। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई अंक काटने का प्रावधान होगा। शिक्षक भर्ती में पहली बार जवाब के लिए पांच विकल्प होगा। वस्तुनिष्ठ सवालों के जवाब को पांचवां विकल्प ‘ई’ होगा। उत्तर नहीं देने पर इसका चयन करना होगा।
न्यूनतम अर्हतांक भी तय
प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन विषय की होगी, जिसके सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, इतिहास, सामान्य भूगोल एवं मानसिक योग्यता वाले सवाल होंगे। पीटी में सामान्य श्रेणी के लिए 40%, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34% तथा एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला के लिए 32% न्यूनतम अर्हता अंक लाना अनिवार्य होगा।
महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए देय 04% क्षैतिज आरक्षण सहित निर्धारित न्यूनतम अर्हतांक 32% मात्र बिहार राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थियों को ही देय होगा।
पीटी के प्राप्तांक व अधिमानता में प्राप्त अंक के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या कुल रिक्तियों की ढाई से दस गुनी होगी। पीटी, मेंस के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हतांक प्राप्त करने के बाद ही दोनों चरणों में अधिमानता का अंक जोड़ा जाएगा।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि
टीआरई-4 से शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और बेहतर होगी व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सरकार के प्रयासों को और गति मिलेगी।
मेंस के मुख्य तथ्य
- 150 अंकों की परीक्षा होगी। पहली से पांचवी कक्षा में 30 अंक भाषा में लाना अनिवार्य होगा।
- छठी से आठवीं में तीन भाग होगा। पहले पेपर में भाषा में 30 अंक लाना अनिवार्य होगा। भाग दो 40 अंक और भाग तीन 80 अंको का होगा।
- माध्यमिक विद्यालय में तीन भाग होगा। पहला पेपर भाषा को होगा। इसमें 150 में 30 अंक लाना होगा। दूसरा पेपर 40 अंकों का सामान्य अध्ययन और 80 अंकों का विषय से परीक्षा होगी|
- उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन भाग होगा। पहला पेपर भाषा का होगा। इसमें 150 में 30 अंक लाना होगा। दूसरा पेपर 40 अंको का सामान्य अध्ययन और 80 अंकों का विषय से परीक्षा होगी।
[ ऐसे तैयार होगी मेधा सूची ]
वर्ग 1 से 5 तक के अध्यापक के लिए
मुख्य परीक्षा के प्राप्तांक (भाग-II) के आधार पर आयोग सफल अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची तैयार करेगा। भाग- II (सामान्य अध्ययन) के प्राप्तांक समान होने की स्थिति में भाषा (अर्हता) (भाग-1) विषय के प्राप्तांक के अनुसार मेधा क्रम तय होगा। भाषा (अर्हता) (भाग-1) विषय में भी प्राप्तांक समान होने की स्थिति में उम्र व उम्र समान होने पर देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नाम वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जायेगी।
6 से 8, 9 से 10, एवं 11 से 12 के अध्यापक के लिए
मुख्य परीक्षा के कुल प्राप्तांक (भाग- I॥ एवं III) के आधार पर आयोग सफल अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची तैयार करेगा। कुल प्राप्तांक (भाग-॥ एवं III) समान होने की स्थिति में चयनित विषय (भाग- III) का प्राप्तांक व चयनित विषय में समान अंक होने की स्थिति में भाषा (अर्हता) (भाग-1) विषय के प्राप्तांक के अनुसार मेधा-क्रम निर्धारित होगा। भाषा (अर्हता) (भाग-1) विषय में भी प्राप्तांक समान होने की स्थिति में उम्र तथा उम्र में समानता होने पर देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नाम वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जायेगी।
पीटी से पहले एसटीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य
बीपीएससी ने चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (टीआरई-4.0) के लिए जारी विज्ञापन में अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी स्पष्ट तौर पर जानकारी दी है। जिन अभ्यर्थियों के पास शैक्षणिक योग्यता है और उनका प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है व वे एसटीईटी-2026 में शामिल होने वाले हैं, वे भी विद्यालय अध्यापक के पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।
हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक परीक्षा से पहले एसटीईटी 2026 उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। एसटीईटी में उत्तीर्ण नहीं होने की स्थिति में उन्हें पीटी का प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थियों को एसटीईटी में शामिल होने का प्रमाण, प्रवेश पत्र और परीक्षा से संबंधित अन्य मूल प्रमाणपत्र आयोग द्वारा सत्यापन के लिए मांगे जाने पर उपलब्ध कराने होंगे।
पात्रता परीक्षाओं के संबंध में निर्देश
प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पद के लिए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रथम पत्र या बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रथम पत्र में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मध्य विद्यालय के लिए सीटीईटी के द्वितीय पत्र अथवा बीटीईटी के द्वितीय पत्र में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
प्राथमिक विद्यालय के लिए सीटीईटी या बीटीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य
माध्यमिक विद्यालय और विशेष विद्यालय शिक्षक के लिए एसटीईटी के प्रथम पत्र तथा उच्च माध्यमिक शिक्षक के लिए द्वितीय पत्र में उत्तीर्ण होना जरूरी है। वर्ष 2012 से पहले नियुक्त उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य नहीं होगा।
TRE-4 में 886 पद और जुड़ेंगे
शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के लिए पहले 32,388 पदों पर नियुक्ति की जानकारी दी गई थी। अब इसमें अलग-अलग विषय एवं भाषाओं के 886 अतिरिक्त पद जोड़े जाने की प्रक्रिया की गई है।
इस तरह रिक्त पदों की संख्या बढ़कर लगभग 33,274 हो जाएगी।
इन अतिरिक्त पदों में अलग-अलग भाषाओं और विषयों के पद शामिल हैं। अखबार में दी गई जानकारी के अनुसार मगही, मैथिली, ललित कला, प्राकृत सहित अन्य भाषा एवं विषयों के पद भी जोड़े गए हैं।
ध्यान दें कि BPSC के परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 के लिए पहले अलग कुल रिक्ति आंकड़ा दर्ज किया गया था, इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम पद संख्या के लिए आयोग की नवीनतम विज्ञप्ति/संशोधन को ही मानना चाहिए।
BPSC TRE-4 में पहली बार निगेटिव मार्किंग
TRE-4 परीक्षा में इस बार अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करते समय विशेष सावधानी रखनी होगी।
प्रारंभिक परीक्षा में:–
- परीक्षा वस्तुनिष्ठ यानी MCQ आधारित होगी।
- कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे।
- कुल 150 अंक होंगे।
- परीक्षा की अवधि 2 घंटे बताई गई है।
- गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक की निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है।
- पहली बार प्रश्नपत्र में पांचवां विकल्प ‘E’ शामिल किया गया है।
- यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है तो निर्धारित तरीके से विकल्प का चयन कर सकेगा।
मुख्य परीक्षा में भी निगेटिव मार्किंग
मुख्य परीक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मुख्य परीक्षा में भी वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे और गलत उत्तर के लिए अंक काटे जाने का प्रावधान है।
इसलिए TRE-4 की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को केवल अधिक से अधिक प्रश्न हल करने के बजाय सटीक उत्तर देने की रणनीति अपनानी होगी।
TRE-4 परीक्षा में तीन प्रमुख भाग
कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 10 और कक्षा 11 से 12 के शिक्षक पदों के लिए परीक्षा में मुख्य रूप से तीन हिस्से रहेंगे:-
| भाग | विषय | अंक |
|---|---|---|
| भाग-1 | भाषा | 30 अंक |
| भाग-2 | सामान्य अध्ययन | 40 अंक |
| भाग-3 | संबंधित विषय | 80 अंक |
| कुल | — | 150 अंक |
BPSC TRE-4 भाषा का सिलेबस
भाषा पेपर को इस बार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभ्यर्थियों को भाषा की मूल समझ के साथ-साथ व्याकरण और comprehension पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
भाषा में शामिल प्रमुख टॉपिक्स
- हिंदी भाषा एवं व्याकरण
- अंग्रेजी भाषा एवं व्याकरण
- उर्दू भाषा
- बंगला भाषा
- शब्द ज्ञान
- पर्यायवाची शब्द
- विलोम शब्द
- संधि एवं समास
- उपसर्ग एवं प्रत्यय
- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया
- काल
- वचन एवं लिंग
- वाक्य शुद्धि
- अशुद्ध वाक्यों का सुधार
- रिक्त स्थान की पूर्ति
- मुहावरे एवं लोकोक्तियां
- गद्यांश आधारित प्रश्न
- भाषा बोध
- शब्दों का सही प्रयोग
- वर्तनी
- वाक्य संरचना
कक्षा 1 से 5 के अभ्यर्थियों के लिए भाषा में न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा।
सामान्य अध्ययन का सिलेबस
TRE-4 के सामान्य अध्ययन वाले भाग में अभ्यर्थियों से केवल सामान्य ज्ञान के प्रश्न ही नहीं बल्कि गणित, तर्कशक्ति, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन से भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
सामान्य अध्ययन में ये टॉपिक्स महत्वपूर्ण हैं:-
1. प्राथमिक गणित
- संख्या पद्धति
- जोड़, घटाव, गुणा और भाग
- भिन्न
- दशमलव
- प्रतिशत
- अनुपात एवं समानुपात
- औसत
- लाभ एवं हानि
- साधारण ब्याज
- समय एवं कार्य
- समय, चाल एवं दूरी
- आयु आधारित प्रश्न
- क्षेत्रफल
- परिमाप
- आयतन
- ज्यामिति
- प्रारंभिक बीजगणित
2. तर्कशक्ति
- संख्या श्रृंखला
- अक्षर श्रृंखला
- समानता
- वर्गीकरण
- कोडिंग-डिकोडिंग
- दिशा ज्ञान
- रक्त संबंध
- क्रम एवं रैंकिंग
- आकृति आधारित प्रश्न
- तार्किक निष्कर्ष
- कथन एवं निष्कर्ष
3. सामान्य विज्ञान
- भौतिक विज्ञान की मूल अवधारणाएं
- रसायन विज्ञान की सामान्य जानकारी
- जीव विज्ञान
- मानव शरीर
- पोषण एवं स्वास्थ्य
- पौधे एवं जंतु
- पर्यावरण
- दैनिक जीवन में विज्ञान
- वैज्ञानिक उपकरण एवं आविष्कार
- जल, वायु एवं प्रदूषण
4. सामाजिक विज्ञान
- भारतीय इतिहास
- बिहार का इतिहास
- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
- स्वतंत्रता आंदोलन
- भारतीय संविधान
- लोकतंत्र
- शासन व्यवस्था
- नागरिक शास्त्र
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- बिहार की अर्थव्यवस्था
- कृषि
- उद्योग
- जनसंख्या
- सामाजिक विकास
5. भूगोल
- भारत का भौतिक भूगोल
- बिहार का भूगोल
- नदियां
- पर्वत एवं पठार
- जलवायु
- मिट्टी
- कृषि
- प्राकृतिक संसाधन
- जनसंख्या
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- मानचित्र संबंधी सामान्य जानकारी
6. सामान्य जागरूकता एवं करेंट अफेयर्स
- राष्ट्रीय घटनाक्रम
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम
- बिहार की महत्वपूर्ण घटनाएं
- सरकारी योजनाएं
- शिक्षा से जुड़ी योजनाएं
- खेल
- पुरस्कार एवं सम्मान
- महत्वपूर्ण नियुक्तियां
- विज्ञान एवं तकनीक
- महत्वपूर्ण दिवस
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठन
संबंधित विषय का सिलेबस सबसे महत्वपूर्ण
कक्षा 6 से 8, 9 से 10 तथा 11 से 12 के शिक्षक पदों के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय का पेपर सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।
इस भाग में उम्मीदवार जिस विषय के शिक्षक पद के लिए आवेदन करेंगे, उसी विषय से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
कक्षा 6 से 8 के लिए
विषय के अनुसार तैयारी करनी होगी। प्रमुख विषयों में शामिल हैं:-
- विज्ञान एवं गणित
- अंग्रेजी
- हिंदी
- उर्दू
- संस्कृत
- सामाजिक विज्ञान
- इतिहास
- भूगोल
- अन्य निर्धारित विषय
कक्षा 9 से 10 के लिए
माध्यमिक शिक्षक पद के लिए विषयवार तैयारी करनी होगी।
प्रमुख विषय
- हिंदी
- अंग्रेजी
- संस्कृत
- उर्दू
- गणित
- विज्ञान
- सामाजिक विज्ञान
- इतिहास
- भूगोल
- भौतिक विज्ञान
- रसायन विज्ञान
- जीव विज्ञान
- शारीरिक शिक्षा
- संगीत
- अन्य अधिसूचित विषय
कक्षा 11 से 12 के लिए
उच्च माध्यमिक शिक्षक पद के लिए विषय का स्तर अधिक गहरा होगा।
विवरण के अनुसार प्रमुख विषयों में शामिल हैं:-
- रसायन शास्त्र
- मनोविज्ञान
- भौतिकी
- अंग्रेजी
- वनस्पति विज्ञान
- उर्दू
- संस्कृत
- हिंदी
- संगीत
- इतिहास
- गणित
- जंतु विज्ञान
- गृह विज्ञान
- कंप्यूटर
- राजनीति विज्ञान
- अर्थशास्त्र
- अन्य निर्धारित विषय
अर्थात PGT अभ्यर्थियों को अपने संबंधित स्नातकोत्तर स्तर के विषय की मजबूत तैयारी करनी होगी।
प्राथमिक शिक्षक के लिए परीक्षा पैटर्न
कक्षा 1 से 5 के शिक्षक पद के अभ्यर्थियों के लिए भाषा और सामान्य अध्ययन की तैयारी विशेष रूप से जरूरी है।
प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों के लिए सामान्य अध्ययन में प्राथमिक गणित, सामान्य विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भूगोल, पर्यावरण अध्ययन, तर्कशक्ति और सामान्य जागरूकता जैसे हिस्से महत्वपूर्ण रहेंगे।
भाषा वाले भाग में हिंदी/अंग्रेजी तथा निर्धारित अन्य भाषा से जुड़े प्रश्नों की तैयारी करनी होगी।
मुख्य परीक्षा के लिए कैसे तैयार करें?
इस बार केवल प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करके रुकना सही रणनीति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को शुरुआत से ही मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी करनी चाहिए।
मुख्य परीक्षा में:-
- भाषा
- सामान्य अध्ययन
- संबंधित विषय
- तीनों पर पकड़ मजबूत करनी होगी।
मुख्य परीक्षा में भी वस्तुनिष्ठ प्रश्न और निगेटिव मार्किंग का प्रावधान होने के कारण Accuracy सबसे महत्वपूर्ण होगी।
पांचवां विकल्प ‘E’ क्यों महत्वपूर्ण है?
BPSC की ओर से MCQ आधारित परीक्षाओं में पांचवां विकल्प ‘E’ शामिल करने की घोषणा की गई है। आयोग की वेबसाइट पर भी पांचवें उत्तर विकल्प ‘E’ को लेकर महत्वपूर्ण सूचना उपलब्ध है।
इसका मतलब यह है कि अभ्यर्थियों को OMR भरते समय केवल सही उत्तर चुनने पर ही ध्यान नहीं देना है, बल्कि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना हो तो निर्धारित नियम के अनुसार सही विकल्प भरना भी जरूरी होगा।
OMR में गलती करने पर अभ्यर्थी को नुकसान हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले इस नियम को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
TRE-4 में शिक्षक पदों की संख्या
वर्तमान भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 32,388 पद घोषित किए गए हैं। पदों का स्तरवार विवरण इस प्रकार है:
| शिक्षक स्तर | पद |
| कक्षा 1 से 5 | 3,847 |
| कक्षा 6 से 8 | 8,563 |
| कक्षा 9 से 10 | 3,877 |
| कक्षा 11 से 12 | 16,101 |
| कुल | 32,388 |
886 अतिरिक्त पदों का क्या होगा?
TRE-4 के रिक्त पदों में अब अलग-अलग विषय और भाषाओं के 886 अतिरिक्त पद जोड़ने की जानकारी सामने आई है।
अखबार में दी गई जानकारी के अनुसार:-
- मगही
- मैथिली
- ललित कला
- प्राकृत
- अन्य भाषाएं
- कृषि शिक्षा
- अन्य विषय
- के लिए भी पद जोड़े जा रहे हैं।
इन 886 पदों को जोड़ने के बाद संबंधित रिक्तियों का आंकड़ा 33,274 तक पहुंचने की बात कही गई है।
टीआरई-4 अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी बदलाव
इस बार अभ्यर्थियों को इन बदलावों को विशेष रूप से याद रखना चाहिए:-
- 1. पहली बार प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग
- 2. मुख्य परीक्षा में भी निगेटिव मार्किंग
- 3. गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटने का प्रावधान
- 4. MCQ में पांचवां विकल्प ‘E’
- 5. उत्तर नहीं देने की स्थिति में निर्धारित विकल्प का इस्तेमाल
- 6. भाषा पेपर को गंभीरता से लेना होगा
- 7. कक्षा 6 से 12 के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय के 80 अंक महत्वपूर्ण
- 8. सामान्य अध्ययन में गणित, रीजनिंग, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भूगोल और करेंट अफेयर्स पर फोकस
- 9. मुख्य परीक्षा के लिए शुरुआत से तैयारी करना बेहतर रहेगा
TRE-4 परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
निगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण तैयारी की रणनीति भी बदलनी होगी।
रोजाना की तैयारी में शामिल करें:-
- 2 घंटे विषयवार पढ़ाई
- 1 घंटा सामान्य अध्ययन
- 30 मिनट भाषा
- 30 मिनट करेंट अफेयर्स
- रोज MCQ प्रैक्टिस
- सप्ताह में कम से कम 1 मॉक टेस्ट
- गलत प्रश्नों की अलग कॉपी बनाएं
- पुराने प्रश्नपत्र हल करें
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मॉक टेस्ट में केवल ज्यादा प्रश्न हल करने की कोशिश न करें। Accuracy और Time Management दोनों पर काम करें।
परीक्षा की तारीख भी ध्यान रखें
BPSC के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 परीक्षा के लिए 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 की अवधि दर्ज है और परिणाम नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। हालांकि अंतिम परीक्षा कार्यक्रम के लिए आयोग की नवीनतम सूचना को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
अभ्यर्थी कहां से आधिकारिक अपडेट देखें?
TRE-4 से जुड़ी अधिसूचना, परीक्षा कार्यक्रम, सिलेबस, प्रश्नपत्र और अन्य आधिकारिक जानकारी BPSC की वेबसाइट के Syllabus, Advertisement और Candidate Corner सेक्शन में देखी जा सकती है।
निष्कर्ष
BPSC TRE-4.0 इस बार अभ्यर्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। 32,388 पदों की वर्तमान भर्ती, अतिरिक्त 886 पदों की जानकारी, नया परीक्षा पैटर्न, पांचवां विकल्प E और सबसे महत्वपूर्ण निगेटिव मार्किंग परीक्षा को पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।
इसलिए अभ्यर्थियों को अब केवल सिलेबस पढ़ने के बजाय सिलेबस + PYQ + मॉक टेस्ट + Accuracy + Negative Marking Strategy के साथ तैयारी करनी चाहिए।
विशेष रूप से कक्षा 6 से 12 के अभ्यर्थियों को अपने संबंधित विषय के 80 अंकों वाले भाग पर सबसे ज्यादा फोकस करना चाहिए, जबकि सभी स्तरों के अभ्यर्थियों को भाषा और सामान्य अध्ययन की तैयारी मजबूत रखनी होगी।
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