हेलिकॉप्टर से पूरे बिहार का करें सैर – देखिए कहाँ का है कितना किराया | यहाँ से बुक करें टिकट

By: arcarrierpoint

On: Tuesday, July 14, 2026 8:07 PM

हेलिकॉप्टर से पूरे बिहार का करें सैर - देखिए कहाँ का है कितना किराया | यहाँ से बुक करें टिकट
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हेलिकॉप्टर से पूरे बिहार का करें सैर – देखिए कहाँ का है कितना किराया | यहाँ से बुक करें टिकट:-बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की शुरुआत कर दी है। अब पर्यटक हेलिकॉप्टर और छोटे विमान के माध्यम से बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों की हवाई यात्रा कर सकेंगे। पहले चरण में राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर के लिए नियमित सेवाएं शुरू की जा रही हैं, जबकि पटना शहर के ऊपर Joy Ride (हवाई सैर) का भी आनंद लिया जा सकेगा। ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है और व्यावसायिक उड़ानें 18 जुलाई 2026 से शुरू होंगी।

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026
शुरुआतजुलाई 2026
उड़ान शुरू18 जुलाई 2026
बुकिंग शुरू13 जुलाई 2026
संचालनप्रत्येक शनिवार एवं रविवार
प्रस्थान स्थलबिहार हेंगर, पटना एयरपोर्ट
यात्रा माध्यमहेलिकॉप्टर एवं छोटे विमान
बुकिंगबिहार पर्यटन विभाग की वेबसाइट

बिहार सरकार ने हेलिकॉप्टर और छोटे विमानों से राज्य के पर्यटन स्थलों की यात्रा की नयी अनोखी योजना शुरू की है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति पर्यटन निगम के काउंटर पर या बेवसाइट पर बुकिंग करा कर पटना, राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर की हवाई सैर कर सकेगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 की शुरुआत की.

आम जनता के लिए यह सेवा 18 जुलाई से शुरू हो जायेगी. इससे सूबे के खूबसूरत स्थलों तक पर्यटक हवाई मार्ग से पहुंच सकेंगे. पटना शहर के नजारे को भी हेलिकॉप्टर से निहारने के लिए भी विशेष सुविधा शुरू हुई है. पहले दिन ही सभी सीटें बुक हो गयीं. कार्यक्रम में सीएम नै बिहार पर्यटन नीति 2023 के अंगर्गत हितधारकों को डमी चेक व मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना के तहत लाभुकों को प्रमाणपत्र दिया.

राज्य सरकार ने हेलिकॉप्टर सेवा के लिए एक निजी कंपनी से करार किया है. हेलिकॉप्टर सेवा का उपयोग देशी या विदेशी दोनों तरह के पर्यटक कर सकेंगे. हेलिकॉप्टर और छोटे वायुयान के माध्यम से सूबे की वादियों, नदियों और ऐतिहासिक धरोहरों का हवाई मार्ग से अवलोकन करते हुए राजगीर, कैमूर और वाल्मिकीनगर तक का सफर कर सकेंगे, सभी हवाई सेवाएं फिलहाल सप्ताह में दो दिन सिर्फ शनिवार और रविवार को संचालित होगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में सरकार द्वारा प्रति टिकट पर्याप्त अनुदान दिये जाने से यह सुविधा आम लोगों की पहुंच में होगी. 13 जुलाई से बुकिंग प्रारंभ हो गयी है. 18 जुलाई से हर शनिवार व रविवार को नियमित हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन किया जायेगा. उन्होंने पर्यटन विभाग से आग्रह किया कि वे एयर टूरिज्म का और विस्तार करें, इसके लिए निजी हितधारकों को भी इससे जोड़े.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब केवल इतिहास और आस्था की भूमि नहीं, बल्कि आधुनिक पर्यटन का एक सशक्त केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. बिहार को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर स्थापित करना है. यह योजना राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नये युग की शुरुआत करेगी और आम नागरिकों को किफायती दरों पर हवाई पर्यटन की सुविधा मिलेगी. कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता एवं पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने भी संबोधित किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का हर नागरिक राज्य का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर है. उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि वे अपने व्यवहार, आतिथ्य और बिहार की समृद्ध संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन स्थलों का सकारात्मक प्रचार-प्रसार करें. सीएम ने कहा, पटना में दो बड़े होटल बनाये जा रहे हैं, जिससे अच्छी रॉयलिटी मिलने वाली है.

भगवान बुद्ध से जुड़े स्थल राजगीर और बोधगया, भगवान महावीर से जुड़े लघुआर और वैशाली, सोनपुर में विराजमान बाबा हरिहरनाथ, मा मुंडेश्वरी माता का मंदिर सहित हमारी धार्मिक विरासत, वाल्मीकिनगर, भीमबांध जंगल, नालंदा विवि, मगध का स्वर्णिम अतीत सहित हमारी सभ्यता-संस्कृति को देश- दुनिया को दिखाना है. बिहार म्यूजियम देश का सबसे अच्छा म्यूजियम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे देखा है. बापू टॉवर को भी बाहर से आनेवाले लोग देखते है और इसकी प्रशंसा करते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ से सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे की परिकल्पना की जा रही है. पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी.

राज्य के इको टूरिज्म के लिए 29 चेकडैम व 274 तालाब, पोखर, झील व आर्द्रभूमि को पीपीपी मोड पर विकसित किया जायेगा. पहाड़ों पर एडवेंचर्स स्पोटर्स और वाटर स्पोटर्स के माध्यम से पर्यटकों को बिहार की प्रकृति सौदर्यता के साथ रोमांच की नयी दुनिया की सैर करायी जायेगी. ये बातें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन डॉ रामचंद्र प्रसाद ने कहीं, वह सोमवार को एक होटल में इको टूरिज्म पर आयोजित इन्वेस्टर्स मीट को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सभी इको टूरिज्म वाले स्थानों पर होटल, रेस्टूरेंट, मार्केटिंग से लेकर बस सेवा भी शुरू की जायेगी.

राजगीर, करमचट समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों को पीपीपी मोड में विकसित किया जायेगा. भीमबांध वाइल्डलाइफ सेंचुरी के लिए आरएफपी जारी किया जा चुका है. विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) अरविंदर सिंह ने कहा कि रोहतास, करमचट (दुर्गावती जलाशय), मुंडेश्वरी, धुआकुंड, राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी व रोपवे, ककोलत जलप्रपात, वीटीआर, भीमबांध, कुशेश्वर स्थान और ढोल पहाड़ी जैसे कई स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा चुका है. इको टूरिज्म में निवेश करने वाली कंपनियों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधा देने के लिए इको टूरिज्म सेल बनाया जायेगा.

रूट (Route)प्रति व्यक्ति किराया
पटना → वाल्मीकिनगर₹5,000
पटना → कैमूर₹6,000
पटना → राजगीर₹4,000
पटना शहर (Joy Ride/हवाई भ्रमण)₹2,100

पर्यटकों को अब बिहार की खूबसूरती आसमान से निहारने का रोमांच मिलेगा. पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने सोमवार से बहुप्रतीक्षित ‘हेली टूरिज्म सेवा’ शुरू कर दी है. 18 जुलाई से हेलिकॉप्टर राजगीर की पहाड़ियों, कैमूर की मनमोहक वादियों, मां मुडेश्वरी धाम की ऐतिहासिक भव्यता और वाल्मीकिनगर के घने जंगलों की सैर करायेगा. यह नयी पहल पर्यटकों को बिहार के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव का अनूठा बर्ड्स-आई व्यू देगी और राज्य में पर्यटन को नयी उड़ान देने की दिशा में अहम कदम साबित होगी.

बिहार के पर्यटन क्षेत्र में सोमवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया. बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने अपनी बहुप्रतीक्षित हेली टूरिज्म (हेलिकॉप्टर टूरिज्म) सेवा की शुरुआत कर दी. इसकी पहली उड़ान 18 जुलाई से शुरू होगी. इस सेवा के माध्यम से घरेलू और विदेशी पर्यटक घंटी की लंबी सड़क यात्रा के बजाय कुछ ही मिनटों में आसमान से बिहार की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे.

पहले चरण में राजगीर की पहाड़ियां, कैमूर का मां मुंडेश्वरी धाम और वाल्मीकिनगर के हरे-भरे जंगलों को इस सेवा से जोड़ा गया है. इसके अलावा, स्थानीय लीगों और पर्यटकों के लिए पटना में सप्ताहांत पर ‘हेलिकॉप्टर ज्वॉय राइड’ की सुविधा भी मिलेगी, जिससे गंगा नदी, गोलघर और गांधी मैदान का विहंगम दृश्य देखा जा सकेगा. ध्यान देने योग्य बात यह है कि पटना-वाल्मीकिनगर सेवा एक अक्तूबर से शुरू होगी, क्योंकि सितंबर तक वाल्मीकिनगर रिजर्व क्षेत्र बंद रहता है. यह सेवा कम समय में अधिक घूमने वाले पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी.

यात्रा के दौरान पर्यटक इन पांच बातों का रखें ध्यान

पर्यटन विभाग ने निजी ऑपरेटर के साथ मिलकर किराया इस तय किया है कि हेली टूरिज्म आम पर्यटकों की पहुंच में रहे. सुरक्षा के उच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए इस सेवा के लिए आधुनिक द्वि-इंजन (ट्विन इंजन) हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जायेंगा, प्रत्येक हेलिकॉप्टर में पायलट और क्रू के अलावा अधिकतम पांच यात्री यात्रा कर सकेंगे. इस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी मेसर्स स्वानदान एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गयी है.

हेलीकॉप्टर में केवल पांच सीटें होने के कारण पर्यटकों को यात्रा की निर्धारित तिथि से कम से कम तीन से सात दिन पहले एडवांस बुकिंग कराने की सलाह दी गयी है. सीटों की उपलब्धता के आधार पर ही बुकिंग की पुष्टि होगी. विभाग ने यात्रियों से सभी सुरक्षा नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है, क्योंकि हेलिकॉप्टर यात्रा सामान्य विमान सेवा से अलग होती है.

हेलीकॉप्टर के सुरक्षित संचालन के लिए वजन का संतुलन बेहद महत्वपूर्ण होता है. इसलिए बुकिंग के समय प्रत्येक यात्री को अपना सही वजन दर्ज करना होगा. सामान्य तौर पर प्रति यात्री 70 से 80 किलोग्राम का औसत वजन माना गया है. निर्धारित सीमा से अधिक वजन होने पर सुरक्षा कारणों से यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती. प्रत्येक यात्री को केवल एक छोटा हैंडबैग ले जाने की अनुमति होगी.

दि बीएसटीडीसी की ओर से किसी कारणवश उड़ान रद्द य की जाती है, तो यात्रियों को टिकट की पूरी राशि वापस कर दी जायेगी. वहीं, यदि यात्री स्वयं बुकिंग रद्द करते हैं, तो प्रकाशित रद्दीकरण नीति के अनुसार धनवापसी होगी. प्रस्थान की तिथि जितनी नजदीक होगी, रिफंड की राशि उतनी ही कम होगी. यात्रियों को निर्धारित रिपोर्टिंग समय से कम से कम 30 मिनट पहले हेलिपैड पर पहुंचना होगा.

बोडिंग के समय वही मूल पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा, जिसका विवरण बुकिंग के दौरान दिया गया था. इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आइडी, पासपोर्ट या अन्य वैध सरकारी पहचान पत्र मान्य होंगे. हेली टूरिज्म सेवा पूरी तरह मौसम और दृश्यता पर निर्भर है. खराब मौसम या किसी तकनीकी कारण से उड़ान रद्द या पुनर्निर्धारित (री-शेड्यूल) की जा सकती है.

हेली टूरिज्म सेवा 66 का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को अपनी यात्रा पहले से तय करनी होगी. फिलहाल पटना से वाल्मीकिनगर, कैमूर और राजगीर के लिए हेलिकॉप्टर निर्धारित दिनों में ही संचालित होगा. उदाहरण के तौर पर, शनिवार को जाने वाले पर्यटक रविवार को और रविवार को जाने वाले सोमवार को हेलिकॉप्टर से लौट सकेंगे. यदि कोई पर्यटक उसी दिन वापस आना चाहता है, तो उसे बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की सड़क परिवहन सेवा या अन्य उपलब्ध साधनों का उपयोग करना होगा. सुमन कुमार, प्रबंधक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम

‘हेली टूरिज्म सेवा’ बिहार के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच को तेज, सुगम और सुविधाजनक बनायेगी. इससे पर्यटक कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे, जिससे राज्य में पर्यटन को नयी गति मिलेगी. साथ ही होटल, परिवहन, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन-आधारित सेवाओं में रोजगार एवं व्यवसाय के नये अवसर भी सृजित होंगे. प्रकाश चंद्र, महासचिव, टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ बिहार

किन-किन जगहों की होगी हवाई यात्रा?

पहले चरण में पर्यटक निम्नलिखित स्थानों की यात्रा कर सकेंगे—

  • पटना → राजगीर
  • पटना → कैमूर (मां मुंडेश्वरी क्षेत्र)
  • पटना → वाल्मीकिनगर
  • पटना शहर का Joy Ride

इन सेवाओं का उद्देश्य धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

कितना है किराया?

रूटप्रति व्यक्ति किराया
पटना → वाल्मीकिनगर₹5,000
पटना → कैमूर₹6,000
पटना → राजगीर₹4,000
पटना शहर Joy Ride₹2,100
राज्य सरकार प्रत्येक टिकट पर सब्सिडी भी दे रही है, जिससे यात्रियों को कम कीमत पर यह सुविधा मिल रही है।

पटना Joy Ride की जानकारी

यदि आप केवल पटना शहर का हवाई नज़ारा देखना चाहते हैं तो Joy Ride आपके लिए है।

  • प्रति व्यक्ति किराया – ₹2,100
  • उड़ान अवधि – लगभग 30 मिनट
  • संचालन – शनिवार एवं रविवार
  • एक उड़ान में अधिकतम 5 यात्री

उड़ानों का संभावित समय

रूटप्रस्थानवापसी
पटना → राजगीरसुबह 9:30 बजेसुबह 10:30 बजे
पटना → वाल्मीकिनगरसुबह 10:00 बजेसुबह 11:00 बजे
पटना → कैमूरसुबह 11:00 बजेदोपहर 12:45 बजे

ऑनलाइन टिकट कैसे बुक करें?

यदि आप हेलिकॉप्टर यात्रा करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें—

  1. Step :- बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. Step :- Heli Tourism Booking विकल्प चुनें।
  3. Step :- अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पहचान पत्र की जानकारी भरें।
  4. Step :- यात्रा की तारीख एवं गंतव्य (राजगीर/कैमूर/वाल्मीकिनगर/Joy Ride) चुनें।
  5. Step :- ऑनलाइन भुगतान करें।
  6. Step :- बुकिंग सफल होने पर ई-टिकट डाउनलोड करें तथा यात्रा वाले दिन पहचान पत्र के साथ रिपोर्ट करें।

यात्रा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?

यात्रियों को निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना होगा—

  • निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचें।
  • वैध फोटो पहचान पत्र साथ रखें।
  • सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी।
  • अधिक वजन का सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
  • मौसम खराब होने पर उड़ान का समय बदला जा सकता है।
  • हेलिकॉप्टर स्टाफ के सभी निर्देशों का पालन करें।

एक बार में कितने लोग यात्रा कर सकते हैं?

  • प्रत्येक उड़ान में अधिकतम 5 पर्यटक बैठ सकेंगे।
  • सीटें पहले आओ-पहले पाओ (First Come First Serve) के आधार पर उपलब्ध होंगी।
  • पहले सप्ताह की कई उड़ानों की सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं।

बिहार पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा

इस योजना से—

  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व तक पहुंच आसान होगी।
  • कैमूर और राजगीर जैसे स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
  • बिहार का पर्यटन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आकर्षक बनेगा।

आगे किन स्थानों को जोड़ा जाएगा?

सरकार भविष्य में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी हेली-टूरिज्म नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। साथ ही ईको-टूरिज्म के लिए कई डैम और तालाबों को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बिहार सरकार की मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। अब पर्यटक केवल कुछ घंटों में राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर जैसी प्रसिद्ध जगहों की हवाई यात्रा कर सकेंगे। यदि आप बिहार को एक नए अंदाज़ में देखना चाहते हैं, तो यह सेवा आपके लिए एक शानदार अनुभव साबित हो सकती है।

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