अब स्नातक में नामांकन के साथ ही कंपनी में काम करना होगा- मिलेगा पढाई का खर्चा

By: arcarrierpoint

On: Friday, May 29, 2026 8:41 PM

अब स्नातक में नामांकन के साथ ही कंपनी में काम करना होगा- मिलेगा पढाई का खर्चा
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अब स्नातक में नामांकन के साथ ही कंपनी में काम करना होगा- मिलेगा पढाई का खर्चा-:-बिहार के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब स्नातक (Graduation) की पढ़ाई केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही कंपनियों में काम करने और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें स्टाइपेंड (Stipend) भी दिया जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिलेगी।

राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद बिहार के विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को डिग्री के साथ रोजगार योग्य कौशल प्रदान करना है।

राज्य के छात्र-छात्राओं को अब स्नातक की पढ़ाई के साथ कंपनियों में काम करने का अनुभव और स्टाइपेंड भी मिलेगा। लोकभवन ने राज्य के विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) को मंजूरी दे दी है। यह नया पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-30 से लागू होगा। कुलाधिपति की मंजूरी के बाद राज्यपाल सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश भेज दिया है।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू किया जा रहा है, जिसमें पढ़ाई के साथ उद्योग आधारित प्रशिक्षण को जोड़ा गया है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 60 सीटें तय की गई हैं। पहले चरण में पटना विवि, पाटलिपुत्र विवि, तिलका मांझी भागलपुर विवि और बीआरए बिहार विवि मुजफ्फरपुर में यह योजना लागू होगी। तीन संकायों के तहत सात नए व्यावहारिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। वाणिज्य संकाय में बैंकिंग वित्तीय सेवाएं व बीमा, खुदरा संचालन, ई-कॉमर्स संचालन, मानव संसाधन संचालन, विज्ञान संकाय में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन और कला संकाय में सामग्री एवं रचनात्मक लेखन की पढ़ाई होगी।

इन कोर्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को तीसरे वर्ष में एक साल की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप करनी होगी। पांचवें और छठे छमाही सत्र में छात्र किसी पंजीकृत उद्योग, बैंक या कॉर्पोरेट संस्थान में ऑन-जॉब प्रशिक्षण लेंगे। इसके लिए 40 क्रेडिट अंक निर्धारित किए गए हैं। नई व्यवस्था में छात्रों को मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की सुविधा मिलेगी। पहले वर्ष के बाद निर्धारित इंटर्नशिप पूरी करने पर स्नातक प्रमाणपत्र मिलेगा। तीन साल की पढ़ाई और एक साल के व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ स्नातक डिग्री, जबकि चौथे वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर ऑनर्स या शोध सहित ऑनर्स डिग्री प्रदान की जाएगी।

बिहार बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से इंटर (2) उत्तीर्ण छात्र आवेदन कर सकेंगे। डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए गणित और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन के लिए जीव विज्ञान अनिवार्य होगा। अन्य पाठ्यक्रमों में किसी भी विषय के छात्र दाखिला ले सकेंगे। प्रवेश मेरिट सूची और बिहार सरकार की आरक्षण नीति के आधार पर होगा।

  • कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस:- बीएससी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
  • गंगा देवी महिला महाविद्यालय:- बीकॉम बीएफएसआई, बीएससी हेल्थकेयर मैनेजमेंट
  • जेडी वीमेंस कॉलेज:- बीकॉम बीएफएसआई, बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस
  • बीएन कॉलेज, पटना :- बीएससी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
  • मगध महिला कॉलेज :- बीएससी हेल्थकेयर मैनेजमेंट
  • पटना कॉलेज :- बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग तिलका मांझी भागलपुर विवि
  • भागलपुर नेशनल कॉलेज :- बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस, बीकॉम ई-कॉमर्स ऑपरेशंस, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर
  • राज नारायण कॉलेज :- बीकॉम बीएफएसआई, बीकॉम ई-कॉमर्स ऑपरेशंस, बीएससी मीडिया कम्युनिकेशन
  • राम सकल सिंह साइंस कॉलेज :- बीकॉम बीएफएसआई, बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस
  • लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज :- बीकॉम बीएफएसआई, बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग, बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस

बीआरए बिहर विवि में इस सत्र में स्नातक में दाखिले में देरी हो सकती है। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (यूएमआईएस) पर नामांकन के लिए हुए आवेदन को अब समर्थ पोर्टल पर भेजा जाएगा। लोकभवन ने इसका निर्देश दिया है। स्नातक में दाखिले लिए 25 मई तक आवेदन लिए गए थे। एक लाख 30 हजार छात्रों ने स्नातक में नामांकन के लिए आवेदन किया है।

सूत्रों ने बताया कि यूएमआईएस से सारा डाटा समर्थ पोर्टल पर भेजने के बाद मेरिट लिस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। पहली मेरिट लिस्ट निकलने के बाद फिर से नामांकन के लिए आवेदन का पोर्टल खोलने पर विचार किया जाएगा। लोकभवन ने सभी विश्ववविद्यालयों को समर्थ पोर्टल से ही दाखिले से लेकर परीक्षा तक कराने का निर्देश दिया है।

बीआरएबीयू में स्नातक में इस बार पौने तीन लाख सीटों पर दाखिला लिया जाना है। स्नातक में 160 कॉलेजों में नामांकन के लिए छात्रों ने आवेदन किया है।

उधर, बीआरएबीयू के वोकेशनल कोर्स में भी दाखिला अटका हुआ है। पहले वोकेशनल कोर्स का दाखिला भी यूएमआईएस से होना था, लेकिन वीसी के आदेश के बाद इसे भी अब समर्थ पोर्टल से किया जाना है।

वोकेशनल कोर्स के दाखिले में भी इस बारे देर होगी। समर्थ पोर्टल का पेमेंट गेटवे तैयार नहीं होने के कारण अभी दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सीसीडीसी प्रो. टीके डे का कहना है कि विवि ने अपनी सारी कार्रवाई कर ली है। अब समर्थ पोर्टल को दाखिले की प्रक्रिया करनी है। वोकेशनल कोर्स में पांच हजार सीटों पर दाखिला लिया जाना है। पिछले वर्ष वोकेशनल कोर्स में केंद्रीयकृत प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला लिया गया था।

आज के समय में केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं माना जाता। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास व्यावहारिक अनुभव और आवश्यक कौशल हो।

यह कार्यक्रम छात्रों को:-

  • पढ़ाई के दौरान अनुभव,
  • आर्थिक सहायता,
  • उद्योगों से संपर्क,
  • बेहतर रोजगार अवसर,
    • प्रदान करेगा।

इससे बिहार के छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

बिहार में शुरू होने जा रहा Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। अब छात्र केवल स्नातक की डिग्री ही नहीं बल्कि पढ़ाई के दौरान उद्योगों में काम करने का अनुभव और स्टाइपेंड भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी तथा युवाओं को भविष्य के लिए अधिक तैयार बनाया जा सकेगा।

यह योजना बिहार के लाखों छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ कमाई और बेहतर करियर का नया रास्ता खोल सकती है।

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