20-20 हजार रूपया इस दिन आएगा सबके खाते में – राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार शुरू करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बड़ी घोषणा की गई है। सरकार ने लगभग 40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरा कर लिया है, जिनमें से पात्र महिलाओं को जल्द ही 20-20 हजार रुपये की पहली किस्त उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे स्वयं रोजगार कर सकें और परिवार की आय बढ़ा सकें।
सूबे की 40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरा, 20-20 हजार जल्द मिलेंगे
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में दस-दस हजार प्राप्त करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरा हो गया है। इनमें जिन महिलाओं के रोजगार अच्छे चल रहे हैं, उन्हें जल्द ही 20-20 हजार रुपये दूसरी किस्त के रूप में दिये जाएंगे। जीविका की ओर से इसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
इस योजना के तहत राज्य की एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए दस-दस हजार रुपये दिये गये हैं। अब इन सभी महिलाओं का सर्वे किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि कितनों ने रोजगार शुरू किया है। जीविका से मिली जानकारी के अनुसार 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया गया है। जीविका को जिलों से मिली सूचना के अनुसार सर्वे में यह जानकारी सामने आयी है कि दस-दस हजार रुपये प्राप्त 70 प्रतिशत महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू किया है।
1.81 करोड़ महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए दस-दस हजार मिले
इनमें जिन महिलाओं का रोजगार बेहतर चल रहा है, उन्हें उक्त योजना के अंतर्गत और दो-दो लाख रुपये की मदद सरकार देगी। मालूम हो कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में पांच किस्तों में राशि भुगतान का प्रावधान है। पहली किस्त के रूप में दस-दस हजार रुपये दिये जा चुके हैं। अब, दूसरी किस्त में 20 हजार रुपये मिलेंगे, जिसमें पांच हजार रुपये का अंशदान लाभुकों के द्वारा भी किया जाना है। वहीं, तृतीय और चौथे किस्त में क्रमशः 40 हजार और 80 हजार सरकार लाभुक को देगी। इन दोनों चरणों में भी लाभुक को अपनी ओर से दस हजार और 20 हजार की राशि अंशदान के रूप में देनी होगी।
फल-सब्जी पकोड़े की दुकानें भी खोलीं
जीविका की ओर से जिलों में कराये जा रहे सर्वे में यह बात भी सामने आयी है कि सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन का व्यवसाय शुरू किया है। इनमें महिलाओं ने गाय, बकरी और मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का साधन बना रही है। वहीं, फल-सब्जी और किराने की दुकान, कपड़े की सिलाई, चाय-पकौड़े की दुकाने और ब्यूटी पार्लर का रोजगार महिलाओं ने शुरू किया है। पदाधिकारी बताते हैं कि जैसे-जैसे सर्वे का कार्य पूरा होता जाएगा, महिलाओं को अगली किस्त की राशि दी जाएगी।
महिला रोजगार योजना क्या है?
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए कुल 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। यह राशि पांच किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त के रूप में महिलाओं को 20,000 रुपये दिए जाएंगे।
सरकार द्वारा राज्य भर में लगभग 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया गया है। इस सर्वे में यह पता लगाया गया कि कौन-कौन महिलाएं पहले से रोजगार कर रही हैं और किन्हें सहायता की आवश्यकता है।
40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरा
- करीब 70% महिलाओं ने छोटे स्तर पर रोजगार शुरू किया है
- सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन का व्यवसाय शुरू किया है
- इसके अलावा कई महिलाएं
- सिलाई
- फल-सब्जी दुकान
- पकौड़ी या नाश्ते की दुकान
- डेयरी
- छोटा व्यापार
जैसे काम कर रही हैं।
पैसा कब आएगा?
सरकार द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद अब पात्र महिलाओं को जल्द ही पहली किस्त 20-20 हजार रुपये देने की तैयारी की जा रही है। संभावना है कि जल्द ही सभी लाभुक महिलाओं के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। जैसे ही भुगतान प्रक्रिया शुरू होगी, उसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और जिला स्तर पर दी जाएगी।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा:
- जिनका नाम सर्वे में शामिल है
- जो स्वरोजगार करना चाहती हैं
- जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है
- जो राज्य की स्थायी निवासी हैं
- जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है
कुल मिलने वाली सहायता राशि
इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को कुल ₹2,10,000 तक की सहायता दी जाती है, जो 5 चरणों में वितरित होती है।
प्रथम चरण
- प्रथम चरण में ₹10,000 की सहायता राशि महिला के बैंक खाते में सितम्बर 2025 से ट्रांसफर है।
- अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिलाएँ लाभान्वित हो चुकी हैं। शेष आवेदकों को 31 मार्च 2026 तक राशि भेज दी।
द्वितीय चरण
द्वितीय चरण में ₹20,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता।
तृतीय चरण
तृतीय चरण में ₹40,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता।
चतुर्थ चरण
चतुर्थ चरण में ₹80,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता।
पांचवां चरण
पांचवें चरण में ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं पैकेजिंग इत्यादि हेतु ₹60,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता ।
किन कामों के लिए मिल सकता है पैसा?
इस योजना से महिलाएं कई प्रकार का छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं, जैसे:
- पशुपालन (गाय, बकरी, मुर्गी पालन)
- सिलाई-कढ़ाई सेंटर
- फल-सब्जी की दुकान
- पकौड़ी / नाश्ता दुकान
- किराना दुकान
- डेयरी व्यवसाय
- छोटा घरेलू उद्योग
जरूरी दस्तावेज
महिला रोजगार योजना का लाभ लेने के लिए निम्न दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
आवेदन कैसे करें?
अगर आपके क्षेत्र में इस योजना का सर्वे हुआ है तो आपको अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। सर्वे में शामिल पात्र महिलाओं को स्वतः योजना का लाभ दिया जाएगा। यदि किसी जिले में आवेदन प्रक्रिया शुरू होती है तो आवेदन:
- पंचायत स्तर
- ब्लॉक कार्यालय
- ऑनलाइन पोर्टल
के माध्यम से किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक
आधिकारिक वेबसाइट – जल्द जारी
योजना जानकारी – जल्द उपलब्ध
आवेदन लिंक – जल्द शुरू होगा
(नोट: जैसे ही सरकार द्वारा आधिकारिक लिंक जारी किया जाएगा, यहां अपडेट कर दिया जाएगा।)
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