अब पीएचडी करने पर मिलेगा सबको ₹10 हजार प्रतिमाह | लड़का लड़की सबको सभी जाती को

By: arcarrierpoint

On: Sunday, September 27, 2026 1:17 PM

अब पीएचडी करने पर मिलेगा सबको ₹10 हजार प्रतिमाह | लड़का लड़की सबको सभी जाती को
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अब पीएचडी करने पर मिलेगा सबको ₹10 हजार प्रतिमाह | लड़का लड़की सबको सभी जाती को :- बिहार में पीएचडी और रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब पीएचडी करने वाले छात्रों को भी हर महीने ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने की तैयारी कर रही है। अभी तक ₹10,000 प्रतिमाह वाली मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप का लाभ मुख्य रूप से छात्राओं के लिए प्रस्तावित था, लेकिन अब छात्रों को भी इसमें शामिल करने की दिशा में काम शुरू किया गया है।

इस बदलाव के बाद बिहार में पीएचडी करने वाले लड़के और लड़कियां दोनों आर्थिक सहायता के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, छात्रों के लिए अंतिम योजना, पात्रता, चयन प्रक्रिया, आवेदन तिथि और अन्य शर्तें अभी सरकार की ओर से अंतिम रूप से घोषित नहीं की गई हैं।

बिहार सरकार उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार में छात्रों को भी पीएचडी शोध के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने पीएचडी करने वाले छात्रों को भी 10 हजार रुपए मासिक प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। फिलहाल चल रही मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप केवल छात्राओं के लिए है, जिसके तहत हर माह 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब इसी योजना का विस्तार करने की तैयारी है।

उच्च शिक्षा विभाग इसी तर्ज पर छात्रों के लिए भी अलग से या विस्तारित रूप में कार्ययोजना तैयार कर रहा है। योजना के मसौदे में प्रस्ताव है कि पीएचडी में शोध कर रहे छात्रों को भी हर महीने 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाए। पिछले दिनों बिहार लोकभवन की ओर से इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग को सुझाव दिया गया था और विस्तृत प्रस्ताव भी भेजा गया था। विभाग ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस संबंध में घोषणा कर सकती है।

विभाग फिलहाल पात्रता मानदंड, चयन प्रक्रिया, वार्षिक कोटा और राशि आवंटन के तंत्र को अंतिम रूप देने में जुटा है। उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद योजना की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इसके बाद पात्र छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया और चयन के मानदंड जारी किए जाने की संभावना है। जानकारों के अनुसार, पीएचडी एक लंबी और खर्चीली प्रक्रिया है। ऐसे में हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता से शोधार्थी अपने शोध कार्य पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। छात्रों को भी इस योजना में शामिल करने से राज्य में शोध और उच्च शिक्षा की संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एक हजार छात्राओं को हर माह 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है। बिहार में अगस्त 2026 से मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप लागू की गई है। इसके तहत प्रति वर्ष लगभग एक हजार छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को 4 वर्ष तक 10 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस प्रकार उन्हें कुल 4.8 लाख रुपये मिलेंगे।

बिहार सरकार उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए पीएचडी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में काम कर रही है।

पहले बिहार में नेट/JRF जैसी पात्रता के आधार पर मिलने वाली फेलोशिप और विश्वविद्यालय/UGC से मिलने वाली सहायता प्रमुख माध्यम थे। अब राज्य सरकार अपनी ओर से भी शोधार्थियों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था का विस्तार कर रही है।

2026 में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत करीब 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक ₹10,000 प्रतिमाह देने की योजना सामने आई है। अब उच्च शिक्षा विभाग इसी तरह छात्रों को भी ₹10,000 प्रतिमाह देने की कार्ययोजना तैयार कर रहा है।

इसे आसान भाषा में समझें:-

पहलेअब प्रस्तावित बदलाव
राज्य की ₹10,000 वाली नई बालिका PhD फेलोशिप छात्राओं पर केंद्रित थीछात्रों को भी ₹10,000 प्रतिमाह देने की तैयारी
लड़कियों के लिए अलग फेलोशिप की घोषणालड़कों को भी शामिल करने की कार्ययोजना
NET/JRF आदि के जरिए फेलोशिप पाने का विकल्पराज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त/अलग आर्थिक सहायता का प्रस्ताव
छात्राओं के लिए लगभग 1,000 सीटों का प्रस्तावछात्रों की संख्या/कोटा अभी तय होना बाकी
छात्राओं के लिए 4 वर्ष तक ₹10,000 प्रतिमाह का प्रस्तावछात्रों के लिए अवधि और अंतिम नियम अभी घोषित नहीं
आवेदन प्रक्रिया की अंतिम अधिसूचना जरूरीछात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी जारी नहीं

पहले JRF/NET वालों को ही क्यों मिलता था पैसा?

पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों के लिए लंबे समय से UGC-NET/JRF, CSIR-UGC और अन्य राष्ट्रीय फेलोशिप महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता के स्रोत रहे हैं।

बिहार में 2022 में भी एक प्रस्ताव/व्यवस्था सामने आई थी, जिसके तहत NET पास लेकिन UGC फेलोशिप नहीं पाने वाले शोधार्थियों को बिहार सरकार की ओर से ₹10,000 प्रतिमाह फेलोशिप देने की बात थी। उस व्यवस्था में शोधार्थी का बिहार के विश्वविद्यालय में पीएचडी में पंजीकृत होना भी महत्वपूर्ण शर्त थी और सहायता तीन वर्ष तक देने का प्रस्ताव था।

यानी उस समय फोकस मुख्य रूप से ऐसे शोधार्थियों पर था जो NET तो पास कर चुके थे, लेकिन उन्हें UGC की फेलोशिप नहीं मिल रही थी।
अब 2026 में राज्य सरकार शोध को बढ़ावा देने के लिए अपनी फेलोशिप योजनाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री बालिका PhD Fellowship में कितना पैसा मिलेगा?

मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार:-

  • फेलोशिप राशि: ₹10,000 प्रति माह
  • लाभार्थी: लगभग 1,000 चयनित छात्राएं
  • अवधि: 4 वर्ष
  • कुल संभावित सहायता: ₹4,80,000 प्रति छात्रा
  • चयन: विशेषज्ञ समिति/निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से
  • उद्देश्य: उच्च शिक्षा और शोध में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना

योजना के लिए ₹55 करोड़ का प्रावधान बताया गया है। शोध कार्य की प्रगति की निगरानी के बाद फेलोशिप की अगली राशि जारी किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

अब लड़कों को भी ₹10,000 कैसे मिलेगा?

26 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार उच्च शिक्षा विभाग पीएचडी कर रहे छात्रों को भी ₹10,000 प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी कर रहा है। यह सुझाव बिहार लोकभवन की ओर से उच्च शिक्षा विभाग को दिया गया था और विभाग ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।

लेकिन यहां एक बात बेहद जरूरी है:-

अभी यह स्पष्ट रूप से घोषित नहीं हुआ है कि:-

  1. कितने छात्रों का चयन होगा?
  2. ₹10,000 कितने वर्षों तक मिलेगा?
  3. क्या सभी विषयों के PhD विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा?
  4. क्या NET पास होना जरूरी होगा?
  5. क्या NET-JRF वालों को भी यह राशि मिलेगी?
  6. क्या UGC/CSIR/ICAR फेलोशिप लेने वाले विद्यार्थी पात्र होंगे?
  7. आय सीमा होगी या नहीं?
  8. जाति के आधार पर कोई अलग प्रावधान होगा या नहीं?
  9. बिहार के विश्वविद्यालय में ही PhD करना अनिवार्य होगा या नहीं?
  10. आवेदन ऑनलाइन होगा या विश्वविद्यालय के माध्यम से?

इन सभी बिंदुओं पर आधिकारिक नियम/गाइडलाइन का इंतजार करना होगा।

क्या General, EBC, BC, SC, ST सभी जातियों के विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे?

इस सवाल को लेकर अभी सावधानी जरूरी है।

छात्रों को ₹10,000 प्रतिमाह देने की प्रस्तावित व्यवस्था में लड़कों को शामिल करने की तैयारी की खबर सामने आई है, लेकिन अभी सरकार ने छात्रों के लिए अंतिम आवेदन नियम और श्रेणीवार पात्रता प्रकाशित नहीं की है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि General, EBC, BC, SC, ST सभी के लिए बिना किसी शर्त के आवेदन खुल चुका है।

अंतिम अधिसूचना में यदि कोई आरक्षण, विषयवार सीट, आय सीमा, विश्वविद्यालय संबंधी शर्त या अन्य पात्रता रखी जाती है तो वही मान्य होगी।

कौन-कौन विद्यार्थी संभावित रूप से पात्र हो सकते हैं?

अभी छात्रों के लिए अंतिम पात्रता जारी नहीं हुई है, इसलिए संभावित पात्रता को अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए।

संभावित रूप से योजना में ऐसे विद्यार्थी शामिल किए जा सकते हैं जो:-

  • बिहार में PhD कर रहे हों।
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में शोध के लिए पंजीकृत हों।
  • निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हों।
  • निर्धारित शोध प्रगति बनाए रखते हों।
  • सरकार द्वारा निर्धारित अन्य शर्तें पूरी करते हों।

NET/JRF, आयु सीमा, जाति, आय, विश्वविद्यालय और विषय से संबंधित वास्तविक शर्तें आधिकारिक अधिसूचना आने के बाद ही निश्चित मानी जाएंगी।

PhD Fellowship के लिए NET/JRF जरूरी होगा या नहीं?

अभी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।

पुरानी बिहार फेलोशिप व्यवस्था में NET पास लेकिन UGC फेलोशिप से वंचित शोधार्थियों को ₹10,000 प्रतिमाह देने का प्रस्ताव सामने आया था।

लेकिन 2026 में छात्रों को शामिल करने के लिए तैयार की जा रही नई कार्ययोजना के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए जब तक उच्च शिक्षा विभाग की अंतिम अधिसूचना नहीं आती, तब तक NET/JRF को अनिवार्य मानकर आवेदन की तैयारी करना सही नहीं होगा।

बिहार में एक और बड़ी PhD Fellowship भी प्रस्तावित है

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।

बिहार सरकार ने 2026 में मुख्यमंत्री Doctoral/Research Fellowship की भी योजना प्रस्तावित की है, जिसमें चयनित शोधार्थियों को विषय और श्रेणी के अनुसार आर्थिक सहायता देने की बात सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार इसमें हर वर्ष लगभग 650 शोधार्थियों को शामिल करने और ₹15,000 अथवा ₹8,000 प्रतिमाह की सहायता की अलग-अलग श्रेणियां प्रस्तावित हैं। इसमें NET/JRF आदि से जुड़ी अलग पात्रता भी बताई गई है।

इसलिए ₹10,000 वाली PhD सहायता और ₹15,000/₹8,000 वाली Doctoral Fellowship को एक ही योजना समझना गलत होगा।

योजना/प्रस्तावलाभार्थीराशिस्थिति
मुख्यमंत्री बालिका PhD Fellowshipचयनित छात्राएं₹10,000/माहयोजना के नियम/क्रियान्वयन की प्रक्रिया
छात्रों के लिए प्रस्तावित PhD सहायताPhD करने वाले छात्र₹10,000/माह प्रस्तावितकार्ययोजना/नियम तैयार होने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री Doctoral/Research Fellowshipचयनित शोधार्थीप्रस्तावित ₹15,000/₹8,000अलग फेलोशिप योजना

₹10,000 प्रतिमाह मिलने पर कुल कितनी राशि होगी?

यदि छात्रों के लिए भी वही 4 वर्ष की अवधि लागू की जाती है जो बालिका PhD Fellowship में प्रस्तावित है, तो गणना इस प्रकार होगी:-

₹10,000 × 12 महीने × 4 वर्ष = ₹4,80,000

लेकिन छात्रों के लिए चार वर्ष की अवधि अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुई है। इसलिए ₹4.80 लाख को फिलहाल छात्रों के लिए निश्चित लाभ नहीं माना जाना चाहिए।

बालिका PhD Fellowship में चार वर्ष और ₹4.80 लाख की सहायता का प्रस्ताव रिपोर्ट किया गया है।

शोध की प्रगति भी होगी महत्वपूर्ण

बालिका PhD Fellowship के प्रस्ताव में शोध कार्य की प्रगति की नियमित निगरानी की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार अगली किस्त जारी करने से पहले शोध की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

इससे साफ है कि यह सामान्य छात्रवृत्ति की तरह केवल प्रवेश लेने पर मिलने वाली राशि नहीं होगी; शोध कार्य की वास्तविक प्रगति भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

आवेदन कब से शुरू होगा?

उच्च शिक्षा विभाग छात्रों को भी ₹10,000 प्रतिमाह देने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है। इसके लिए अभी:-

  • आधिकारिक आवेदन तिथि
  • ऑनलाइन आवेदन लिंक
  • अंतिम तिथि
  • पात्रता
  • आवश्यक दस्तावेज
  • चयन सूची
  • छात्र संख्या/कोटा
  • भुगतान प्रक्रिया
    • जैसी जानकारी की आधिकारिक घोषणा बाकी है।

इसलिए सोशल मीडिया या किसी अनधिकृत वेबसाइट पर जारी किसी भी “आवेदन लिंक” पर तुरंत भरोसा न करें।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

अंतिम सूची विभाग की अधिसूचना में आएगी। सामान्य तौर पर PhD Fellowship आवेदन में निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:-

  • आधार कार्ड
  • बिहार का निवास प्रमाण-पत्र
  • जाति प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो
  • आय प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो
  • स्नातक की मार्कशीट
  • स्नातकोत्तर की मार्कशीट
  • NET/JRF प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो
  • PhD Admission/Registration Certificate
  • विश्वविद्यालय का प्रमाण-पत्र
  • शोध प्रस्ताव/Research Proposal
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी

नोट:- ऊपर दी गई सूची संभावित है; अंतिम दस्तावेज विभाग की आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार ही मान्य होंगे।

छात्रों के लिए यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?

पीएचडी के दौरान शोधार्थियों को लंबे समय तक अध्ययन, शोध, डेटा कलेक्शन, फील्ड वर्क, रिसर्च पेपर और थीसिस से जुड़े खर्च उठाने पड़ते हैं।

यदि बिहार सरकार छात्रों के लिए भी ₹10,000 प्रतिमाह की व्यवस्था लागू करती है, तो इससे उन शोधार्थियों को आर्थिक सहायता मिल सकती है जिन्हें किसी अन्य प्रमुख फेलोशिप का लाभ नहीं मिल रहा है।

सरकार की मौजूदा पहल का व्यापक उद्देश्य बिहार में उच्च शिक्षा, शोध और रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देना है।

सबसे जरूरी बात:- अभी क्या पक्का है और क्या प्रस्तावित?

जानकारीस्थिति
छात्राओं के लिए ₹10,000 प्रतिमाहयोजना में प्रस्तावित
छात्राओं की संख्या लगभग 1,000प्रस्तावित
छात्राओं को 4 साल तक सहायताप्रस्तावित
छात्राओं के लिए कुल ₹4.80 लाखप्रस्तावित गणना
लड़कों को भी ₹10,000 देने की तैयारीउच्च शिक्षा विभाग की कार्ययोजना
लड़कों की अंतिम पात्रताअभी जारी नहीं
सभी जातियों के लिए अंतिम नियमअभी जारी नहीं
आवेदन शुरूअभी नहीं
आवेदन की अंतिम तिथिघोषित नहीं
छात्रों के लिए निश्चित 4 साल की अवधिअभी घोषित नहीं
छात्रों का निश्चित कोटाअभी घोषित नहीं

बिहार में PhD करने वाले विद्यार्थियों के लिए 2026 में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अभी तक ₹10,000 प्रतिमाह वाली मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप छात्राओं पर केंद्रित थी, जिसमें करीब 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक ₹10,000 प्रतिमाह देने का प्रस्ताव है।

अब बिहार उच्च शिक्षा विभाग छात्रों को भी ₹10,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने की तैयारी कर रहा है। यानी आने वाले समय में लड़के भी इस सहायता के दायरे में आ सकते हैं।

हालांकि, “लड़का-लड़की, सभी जाति और सभी PhD विद्यार्थियों को ₹10,000 निश्चित रूप से मिलेगा” ऐसा दावा अभी नहीं किया जा सकता, क्योंकि छात्रों के लिए अंतिम नियम और आधिकारिक अधिसूचना अभी बाकी है।

जैसे ही बिहार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आधिकारिक नोटिफिकेशन, पात्रता, आवेदन लिंक और अंतिम नियम जारी किए जाएंगे, उसी के आधार पर आवेदन की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

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PhD Fellowship आवेदनअभी आधिकारिक आवेदन लिंक जारी नहीं
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