बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर के विधार्थियो को मिलेगा ₹2 लाख – देखिए लिस्ट

By: arcarrierpoint

On: Thursday, September 10, 2026 6:48 PM

बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर के विधार्थियो को मिलेगा ₹2 लाख - देखिए लिस्ट
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बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर के विधार्थियो को मिलेगा ₹2 लाख -:- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार सरकार की ओर से बिहार बोर्ड के टॉपर्स को ₹2 लाख तक का नकद पुरस्कार, लैपटॉप खरीदने के लिए ₹51,000, मेडल और प्रशस्ति-पत्र दिया गया है।

9 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित सम्मान समारोह में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की टॉपर सूची में स्थान प्राप्त करने वाले कुल 168 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टॉपर्स को पुरस्कार प्रदान किए।

इस पोस्ट में आगे आपको बिहार बोर्ड टॉपर बनने की प्रक्रिया, कितने अंक पर टॉपर बन सकते हैं, किस रैंक पर कितना पुरस्कार मिलता है, लैपटॉप के लिए कितनी राशि मिलती है और टॉपर्स को मिलने वाली छात्रवृत्ति की पूरी जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 168 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। लोक सेवक आवास स्थित ‘नेक संवाद’ सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने मेडल, प्रशस्ति पत्र और सांकेतिक चेक प्रदान किए। इस कदौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व की व्यवस्था में बदलाव का बड़ा ऐलान किया।

अब तक रिजल्ट आने के कई महीनों बाद नवंबर-दिसंबर में टॉपर्स का सम्मान होता था, लेकिन अगले साल से परीक्षा परिणाम घोषित होने के ठीक एक महीने के भीतर सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, ताकि छात्रों को समय पर प्रोत्साहन मिल सके। इसको लेकर हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है।

समारोह में मैट्रिक और इंटर के तीनों संकाय (विज्ञान, कला, वाणिज्य) एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम के शीर्ष स्थान पाने वाले मेधावियों को 2 लाख रुपए तक नकद राशि और लैपटॉप के लिए सभी को अलग से 51 रुपए दिए गए। मुख्यमंत्री ने सभी टॉपर्स और उनके अभिभावकों के साथ भोजन किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों को लेकर बातचीत की। कहा कि छात्रों को अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान और सुझाव देने के लिए ‘सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत की गई है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, न बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, शिक्षा सचिव राजीव रौशन और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 700 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूलों में विशेष कोचिंग शुरू होगी। छात्रों के लिए लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर की व्यवस्था होगी। कहा कि जो पूर्ववर्ती छात्र अपने विद्यालय और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए योगदान देना चाहते हैं, उनका स्वागत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए 1,000 उद्योगों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिससे युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनें। कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 200 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है। इससे उसका पुराना गौरव वापस लौटेगा।

  • प्रथम स्थान:- 2 लाख रुपए
  • द्वितीय स्थान:- 1.50 लाख रुपए
  • तृतीय स्थान:- 1 लाख रुपए
  • इंटर चतुर्थ व पंचम स्थान:- 30,000
  • मैट्रिक चतुर्थ से दशम स्थान:- 20,000

मुख्यमंत्री ने राज्य के 38 प्रतिशत कम बारिश के बावजूद राज्य में उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। कहा कि केवल राहत व बचाव कार्य तक सीमित रहने के बजाय जल-चक्र और प्राकृतिक प्रवाह तंत्र को ठीक कर इसका दीर्घकालिक समाधान निकाला जाएगा।

बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹2,00,000 का नकद पुरस्कार दिया जाता है। वहीं दूसरे स्थान पर आने वाले विद्यार्थी को ₹1,50,000 तथा तीसरे स्थान वाले विद्यार्थी को ₹1,00,000 का पुरस्कार दिया जाता है।

इसके अलावा टॉपर्स को रैंक के अनुसार अन्य पुरस्कार भी दिए जाते हैं। पूरी प्राइज लिस्ट नीचे दी गई है।

रैंकइंटरमीडिएट पुरस्कारमैट्रिक पुरस्कार
प्रथम स्थान₹2,00,000₹2,00,000
द्वितीय स्थान₹1,50,000₹1,50,000
तृतीय स्थान₹1,00,000₹1,00,000
चतुर्थ स्थान₹30,000₹20,000
पंचम स्थान₹30,000₹20,000
छठा स्थान₹20,000
सातवां स्थान₹20,000
आठवां स्थान₹20,000
नौवां स्थान₹20,000
दसवां स्थान₹20,000
ध्यान दें:- इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान के विद्यार्थियों को ₹30,000-₹30,000 तथा मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान तक के विद्यार्थियों को ₹20,000-₹20,000 दिए जाते हैं।

सिर्फ नकद पुरस्कार ही नहीं, बल्कि बिहार बोर्ड की टॉपर सूची में शामिल विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अतिरिक्त ₹51,000 की राशि भी दी जाती है।

इसके साथ विद्यार्थियों को:-

  • मेडल
  • प्रशस्ति-पत्र
  • रैंक के अनुसार नकद पुरस्कार
  • लैपटॉप खरीदने के लिए ₹51,000
  • आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
    • जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

बिहार बोर्ड टॉपर कैसे बनते हैं?

बिहार बोर्ड में केवल परीक्षा में सबसे अधिक अंक प्राप्त कर लेना ही टॉपर बनने की अंतिम प्रक्रिया नहीं है। परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के बाद जब कुछ विद्यार्थियों के अंक सबसे अधिक पाए जाते हैं, तो उन्हें संभावित टॉपर के रूप में शॉर्टलिस्ट किया जाता है।

इसके बाद बोर्ड द्वारा टॉपर्स का अलग से सत्यापन किया जाता है।

सबसे पहले विद्यार्थी को मैट्रिक या इंटर की बोर्ड परीक्षा में अधिक से अधिक अंक प्राप्त करने होते हैं। लिखित परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के बाद सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संभावित टॉपर्स के रूप में चिन्हित किया जाता है।

संभावित टॉपर्स की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और अंकों का मिलान किया जाता है, ताकि मूल्यांकन में किसी प्रकार की गलती न रह जाए।

संभावित टॉपर्स को बिहार बोर्ड मुख्यालय, पटना बुलाया जाता है। यहां उनकी पहचान और परीक्षा प्रदर्शन का सत्यापन किया जाता है।

विद्यार्थी की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में लिखी गई हैंडराइटिंग का मिलान वेरिफिकेशन के दौरान लिखवाई गई लिखावट से किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि परीक्षा वास्तव में उसी विद्यार्थी ने दी है।

इसके बाद विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों से उनके विषय और सिलेबस से संबंधित प्रश्न पूछते हैं। इस प्रक्रिया से विद्यार्थी की विषय पर वास्तविक पकड़ को जांचा जाता है।

वेरिफिकेशन और आवश्यक जांच पूरी होने के बाद बिहार बोर्ड द्वारा अंतिम मेरिट/टॉपर सूची तैयार की जाती है और उसी के आधार पर रैंक तथा पुरस्कार निर्धारित किए जाते हैं। इसलिए बिहार बोर्ड का टॉपर बनने के लिए अच्छे अंक के साथ-साथ विषय की वास्तविक समझ और अपनी उत्तर पुस्तिका के प्रदर्शन का सत्यापन भी महत्वपूर्ण होता है।

कितने अंक लाने पर बिहार बोर्ड टॉपर बन सकते हैं?

बिहार बोर्ड में टॉपर बनने के लिए कोई एक निश्चित अंक या प्रतिशत पहले से तय नहीं होता। टॉपर की रैंक उस वर्ष विद्यार्थियों के प्रदर्शन और प्राप्त अंकों के आधार पर निर्धारित होती है।

उदाहरण के तौर पर 2026 में इंटरमीडिएट के विज्ञान संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंक यानी 96.20 प्रतिशत प्राप्त किए। वहीं कला संकाय में निशु कुमारी ने 479 अंक यानी 95.80 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। कॉमर्स में अदिति कुमारी ने 480 अंक यानी 96 प्रतिशत के साथ पहला स्थान हासिल किया।

मैट्रिक 2026 में पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन परवीन ने 492 अंक यानी 98.40 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया।इससे स्पष्ट है कि टॉपर बनने के लिए केवल पास या प्रथम श्रेणी पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने संकाय/परीक्षा में सबसे बेहतर प्रदर्शन करना होता है।

इंटरमीडिएट में विज्ञान, कला और वाणिज्य जैसे संकायों के आधार पर टॉपर सूची तैयार की जाती है। 2026 में व्यावसायिक पाठ्यक्रम के टॉपर्स को भी सम्मान योजना में शामिल किया गया है।

संकायप्रथम स्थानअंकप्रतिशत
विज्ञानआदित्य प्रकाश अमन48196.20%
कलानिशु कुमारी47995.80%
वाणिज्यअदिति कुमारी48096.00%

बिहार बोर्ड टॉपर्स को मिलेगी छात्रवृत्ति

टॉपर विद्यार्थियों के लिए सरकार की ओर से देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति भी जारी है।

इंटरमीडिएट के टॉपर्स को सामान्य स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान ₹2,500 प्रति माह की छात्रवृत्ति मिल सकती है। तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम के लिए इसकी अवधि अलग निर्धारित है। वहीं मैट्रिक के टॉप-10 विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं और 12वीं के दौरान ₹2,000 प्रति माह छात्रवृत्ति देने का प्रावधान बताया गया है।

2026 में कुल 168 विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

बिहार सरकार द्वारा 9 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित सम्मान समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की टॉपर सूची में स्थान प्राप्त करने वाले कुल 168 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ मेडल, प्रशस्ति-पत्र और लैपटॉप के लिए ₹51,000 की राशि दी गई।

विद्यार्थियों के लिए जरूरी बात

अगर आप भी बिहार बोर्ड मैट्रिक या इंटर परीक्षा में टॉपर बनना चाहते हैं तो सिर्फ ज्यादा से ज्यादा प्रश्न याद करने के बजाय पूरे सिलेबस की मजबूत तैयारी, उत्तर लिखने का सही तरीका, समय प्रबंधन और प्रत्येक विषय में अच्छे अंक पर ध्यान देना चाहिए।

बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए पुरस्कार राशि में बड़ा प्रोत्साहन दिया है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ₹2 लाख, दूसरे को ₹1.50 लाख और तीसरे स्थान वाले विद्यार्थी को ₹1 लाख मिलते हैं। इसके अलावा सभी सम्मानित टॉपर्स को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹51,000, मेडल और प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाता है।

इसलिए यदि आप भी बिहार बोर्ड की अगली परीक्षा में टॉपर बनने का लक्ष्य रखते हैं तो अभी से विषयवार तैयारी शुरू करना और बोर्ड के पैटर्न के अनुसार उत्तर लिखने का अभ्यास करना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा।

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