Bihar Badh Sahayata Yojana 2026: पशु की मृत्यु होने पर ₹37,500 तक की सहायता, जानिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

By: arcarrierpoint

On: Friday, September 18, 2026 8:00 PM

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026
Google News
Follow Us

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 -:- बिहार में बाढ़, प्राकृतिक आपदा या सरकार द्वारा अधिसूचित स्थानीय आपदा के कारण पशुपालकों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है। खासकर बाढ़ के दौरान गाय, भैंस, बकरी, भेड़, बैल सहित अन्य पशुओं की मृत्यु होने पर पशुपालकों को आर्थिक नुकसान होता है।

ऐसे मामलों में बिहार सरकार के प्रावधान के तहत पशु की मृत्यु होने पर निर्धारित दर के अनुसार सहाय्य अनुदान दिया जा सकता है। उपलब्ध विभागीय सूचना के अनुसार दुग्धकारी पशु की मृत्यु पर ₹37,500 प्रति पशु, भारवाही पशु पर ₹32,000 प्रति पशु, जबकि बकरी, भेड़ और सूकर पर ₹4,000 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है।

इस लेख में हम आपको Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 के तहत मिलने वाली सहायता राशि, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, पशु का शव मिलने या नहीं मिलने पर क्या करना है और आवेदन की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में बताएंगे।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 – Overview

जानकारीविवरण
योजना/सहायता का नामBihar Badh Sahayata Yojana 2026
संबंधित विभागपशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार
सहायता का प्रकारबाढ़/आपदा के कारण पशु मृत्यु पर सहाय्य अनुदान
लाभार्थीआपदा के कारण पशुधन की वास्तविक क्षति झेलने वाले पात्र पशुपालक
दुग्धकारी पशु₹37,500 प्रति पशु
बकरी/भेड़/सूकर₹4,000 प्रति पशु
भारवाही पशु₹32,000 प्रति पशु
बछड़ा/खच्चर/गदहा/टट्टू₹20,000 प्रति पशु
पोल्ट्री₹100 प्रति पक्षी
पोल्ट्री अधिकतम सहायता₹5,000
आवेदननिर्धारित प्रपत्र एवं स्थानीय विभागीय प्रक्रिया के अनुसार
भुगतानजांच एवं स्वीकृति के बाद
आपदा कोषांग0612-2230942
पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान0612-2226049
उपरोक्त सहायता दरें विभागीय सूचना में दी गई हैं।

बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ अथवा अन्य अधिसूचित आपदा के कारण पशुओं की मृत्यु होने पर पात्र पशुपालकों को सहाय्य अनुदान देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य आपदा के कारण पशुधन खोने वाले पशुपालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

हालांकि, सहायता राशि प्राप्त करने के लिए केवल पशु की मृत्यु होना पर्याप्त नहीं है। पशु की मृत्यु और आपदा से हुई वास्तविक क्षति का सत्यापन संबंधित पदाधिकारी द्वारा किया जाना आवश्यक है। विभागीय सूचना में आवेदन एवं भुगतान की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।

पशु की मृत्यु पर कितनी सहायता मिलेगी?

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 के तहत पशु की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित है।

पशु की श्रेणीसहायता राशिनिर्धारित सीमा
गाय, भैंस, ऊंट, याक, मिथुन आदि दुग्धकारी पशु₹37,500 प्रति पशुअधिकतम 3 पशु
बकरी, भेड़ एवं सूकर₹4,000 प्रति पशुअधिकतम 30 पशु
बैल, ऊंट, घोड़ा आदि भारवाही पशु₹32,000 प्रति पशुअधिकतम 3 पशु
बछड़ा, खच्चर, गदहा एवं टट्टू₹20,000 प्रति पशुअधिकतम 6 पशु
पोल्ट्री₹100 प्रति पक्षीअधिकतम ₹5,000
ये दरें उपलब्ध विभागीय सूचना में प्रकाशित हैं।

यदि बाढ़ या निर्धारित आपदा के कारण पात्र गाय, भैंस अथवा अन्य निर्धारित दुग्धकारी पशु की मृत्यु होती है, तो ₹37,500 प्रति पशु की दर से सहायता का प्रावधान है।

इस श्रेणी में निर्धारित सीमा के अनुसार अधिकतम 3 पशुओं तक सहायता दी जा सकती है।

उदाहरण के लिए, यदि पात्रता और सत्यापन के बाद 2 दुग्धकारी पशुओं की क्षति स्वीकृत होती है, तो निर्धारित दर के अनुसार राशि ₹75,000 तक हो सकती है।

बाढ़ या अधिसूचित आपदा के कारण बकरी, भेड़ या सूकर की मृत्यु होने पर ₹4,000 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है।

इस श्रेणी में अधिकतम 30 पशुओं तक की निर्धारित सीमा है।

बैल, ऊंट, घोड़ा आदि भारवाही पशुओं की मृत्यु होने पर ₹32,000 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है।

इस श्रेणी में अधिकतम 3 पशुओं तक सहायता की सीमा दी गई है।

बाढ़/आपदा के कारण बछड़ा, खच्चर, गदहा या टट्टू जैसे निर्धारित पशुओं की मृत्यु होने पर ₹20,000 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है।

इस श्रेणी में अधिकतम 6 पशुओं तक सहायता मिल सकती है।

यदि आपदा के कारण पोल्ट्री की मृत्यु होती है तो निर्धारित दर के अनुसार ₹100 प्रति पक्षी की सहायता का प्रावधान है।

हालांकि पोल्ट्री के मामले में अधिकतम सहायता राशि ₹5,000 निर्धारित है।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 के लिए कौन पात्र है?

इस सहायता के लिए मुख्य रूप से ऐसे पशुपालक पात्र हो सकते हैं जिनके पशुओं की मृत्यु:-

  • बाढ़ के कारण हुई हो।
  • प्राकृतिक आपदा के कारण हुई हो।
  • सरकार द्वारा अधिसूचित स्थानीय आपदा के कारण हुई हो।
  • पशु की मृत्यु और क्षति का संबंधित अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जा सके।
  • आवेदक के पास घटना से संबंधित आवश्यक जानकारी/दस्तावेज उपलब्ध हों।

ध्यान दें:- सहायता का अंतिम निर्णय संबंधित विभागीय जांच और निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

बाढ़ में पशु की मृत्यु होने पर तुरंत क्या करें?

यदि बाढ़ के दौरान आपके पशु की मृत्यु हो जाती है, तो मामले को छिपाने या देर करने के बजाय जितनी जल्दी संभव हो संबंधित अधिकारी/पशु चिकित्सा पदाधिकारी को सूचना देना महत्वपूर्ण है।

विभागीय सूचना के अनुसार आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पशु के शव की उपलब्धता के आधार पर अलग हो सकती है।

ऐसी स्थिति में:-

  1. पशु की मृत्यु की सूचना संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी को दें।
  2. निर्धारित आवेदन प्रपत्र में जानकारी भरें।
  3. पशु का प्रकार और संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज करें।
  4. आवश्यक दस्तावेज/जानकारी उपलब्ध कराएं।
  5. संबंधित अधिकारी द्वारा पशु क्षति का सत्यापन कराया जाएगा।
  6. जांच के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी।

अगर बाढ़ में पशु का शव नहीं मिले तो क्या करें?

बाढ़ में कई बार पशु का शव पानी में बह जाता है या काफी दूर चला जाता है। ऐसी स्थिति में शव उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रक्रिया अलग हो सकती है।

ऐसे मामले में स्थानीय थाना में सनहा/FIR दर्ज कराने और उसकी प्रति के साथ संबंधित अंचलाधिकारी (CO) को आवेदन देने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

इसके बाद संबंधित अधिकारी/राजस्व कर्मी द्वारा वास्तविक क्षति की जांच की जा सकती है।

थाना → सनहा/FIR → CO कार्यालय → क्षति की जांच → रिपोर्ट → निर्धारित विभागीय कार्रवाई → स्वीकृति → भुगतान
अंतिम प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन और लागू सरकारी निर्देशों के अनुसार होगी।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 के लिए जरूरी Documents

आवेदन के समय निम्नलिखित जानकारी या दस्तावेज की आवश्यकता पड़ सकती है:-

  • पशुपालक का नाम
  • पूरा पता
  • मोबाइल नंबर
  • आधार कार्ड/आधार नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • मृत पशु का प्रकार
  • मृत पशुओं की संख्या
  • पशु की मृत्यु से संबंधित जानकारी
  • आपदा की घटना से संबंधित विवरण
  • पशु का शव उपलब्ध होने पर संबंधित जांच/पशु चिकित्सा रिपोर्ट
  • शव उपलब्ध नहीं होने पर सनहा/FIR की प्रति
  • अन्य आवश्यक दस्तावेज, यदि संबंधित अधिकारी द्वारा मांगे जाएं

विभागीय सूचना में आवेदन के साथ पशुपालक, पशु तथा मृत्यु के कारण से संबंधित विवरण देने का उल्लेख है।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 Apply कैसे करें?

इस सहायता के लिए आवेदन प्रक्रिया सामान्य ऑनलाइन फॉर्म जैसी नहीं है। उपलब्ध विभागीय सूचना के अनुसार निर्धारित प्रपत्र और स्थानीय विभागीय अधिकारियों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाती है।

  • Step 1:- सबसे पहले संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी को पशु की मृत्यु की सूचना दें।
  • Step 2:- निर्धारित आवेदन प्रपत्र प्राप्त करें।
  • Step 3:- आवेदन फॉर्म में पशुपालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पशु का प्रकार, संख्या और मृत्यु से संबंधित विवरण भरें।
  • Step 4:- आवश्यक दस्तावेज और संबंधित जानकारी आवेदन के साथ लगाएं।
  • Step 5:- निर्धारित स्थानीय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन अग्रसारित/जमा कराएं।
  • Step 6:- संबंधित अधिकारी द्वारा पशु क्षति का सत्यापन किया जाएगा।
  • Step 7:- जांच और स्वीकृति के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता राशि भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

यदि बाढ़ में पशु का शव नहीं मिल पाया है तो:-

  1. स्थानीय थाना में सनहा/FIR दर्ज कराएं।
  2. उसकी प्रति सुरक्षित रखें।
  3. संबंधित अंचलाधिकारी (CO) को आवेदन दें।
  4. सनहा/FIR की प्रति संलग्न करें।
  5. संबंधित अधिकारी द्वारा वास्तविक क्षति की जांच कराई जा सकती है।
  6. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय प्रक्रिया होगी।
  7. स्वीकृति के बाद सहायता राशि भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

क्या ऑनलाइन आवेदन होगा?

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 में आवेदन की प्रक्रिया को लेकर यह समझना जरूरी है कि यह सामान्य ऑनलाइन सरकारी योजना की तरह केवल पोर्टल पर फॉर्म भरने वाली प्रक्रिया नहीं है।

उपलब्ध विभागीय सूचना में निर्धारित प्रपत्र और संबंधित स्थानीय पदाधिकारियों के माध्यम से आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया बताई गई है। इसलिए अपने जिले में वर्तमान प्रक्रिया की जानकारी के लिए जिला पशुपालन कार्यालय, प्रखंड पशुपालन कार्यालय, पशु चिकित्सा पदाधिकारी या संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क करना उचित रहेगा।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 में सहायता राशि कब मिलेगी?

आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा पशु क्षति की जांच और सत्यापन किया जाता है। आवश्यक रिपोर्ट तैयार होने के बाद सक्षम स्तर से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होती है।

इसलिए भुगतान की वास्तविक तारीख जांच, दस्तावेज, सत्यापन और प्रशासनिक स्वीकृति पर निर्भर करेगी।

पशुपालक को आवेदन जमा करने के बाद संबंधित कार्यालय से अपने आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहना चाहिए।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 Important Contact Number

यदि आपको इस सहायता से संबंधित जानकारी चाहिए तो विभागीय सूचना में निम्न संपर्क नंबर दिए गए हैं:-

आपदा कोषांग, पशुपालन विभाग, बिहार, पटना
📞 0612-2230942

पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना
📞 0612-2226049

इसके अलावा अपने जिले के जिला पशुपालन कार्यालय, प्रखंड पशुपालन कार्यालय या संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।

Bihar Badh Sahayata Yojana 2026 के तहत बाढ़ अथवा निर्धारित आपदा के कारण पशुओं की मृत्यु होने पर पात्र पशुपालकों को पशु की श्रेणी के अनुसार आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। दुग्धकारी पशु के लिए ₹37,500, भारवाही पशु के लिए ₹32,000, बकरी/भेड़/सूकर के लिए ₹4,000 तथा निर्धारित अन्य पशुओं और पोल्ट्री के लिए अलग-अलग सहायता दरें दी गई हैं।

यदि आपके पशु की मृत्यु बाढ़ या किसी अधिसूचित आपदा के कारण हुई है, तो देरी किए बिना संबंधित पशु चिकित्सा पदाधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। शव उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में सनहा/FIR तथा संबंधित अंचल कार्यालय की प्रक्रिया का पालन करना महत्वपूर्ण हो सकता है।

Disclaimer:- इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध सरकारी विभागीय सूचना के आधार पर तैयार की गई है। सहायता राशि, पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन अथवा बाद के सरकारी निर्देशों के अनुसार परिवर्तन हो सकता है। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग/कार्यालय से नवीनतम जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

महत्वपूर्ण लिंक

Official DepartmentVisit Site
ARATTAI CHANNELCLICK HERE
WHATSAPP CHANNELCLICK HERE
TELEGRAM CHANNELJOIN
YOUTUBE CHANNELSUBSCRIBE

FAQ – Bihar Badh Sahayata Yojana 2026

यह बाढ़, प्राकृतिक आपदा या निर्धारित अधिसूचित आपदा के कारण पशुओं की मृत्यु होने पर पात्र पशुपालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहाय्य अनुदान देने से संबंधित सहायता व्यवस्था है।

निर्धारित प्रावधान के अनुसार पात्र दुग्धकारी पशु की मृत्यु पर ₹37,500 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है। निर्धारित सीमा अधिकतम 3 पशुओं तक है।

बकरी, भेड़ और सूकर की मृत्यु पर ₹4,000 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है।

निर्धारित भारवाही पशु की श्रेणी में बैल आदि की मृत्यु पर ₹32,000 प्रति पशु की सहायता का प्रावधान है।

स्थानीय थाना में सनहा/FIR दर्ज कराने के बाद उसकी प्रति के साथ संबंधित अंचलाधिकारी (CO) को आवेदन देने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसके बाद वास्तविक क्षति का सत्यापन किया जा सकता है।

हाँ। निर्धारित प्रावधान के अनुसार पोल्ट्री पर ₹100 प्रति पक्षी की सहायता का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹5,000 है।

उपलब्ध विभागीय सूचना में निर्धारित प्रपत्र और स्थानीय विभागीय प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन की जानकारी दी गई है। इसलिए अपने क्षेत्र के संबंधित पशुपालन कार्यालय से वर्तमान आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि करें।

पहले पशु क्षति का सत्यापन और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद सक्षम स्तर से स्वीकृति मिलने पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Source:- बिहार सरकार, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की उपलब्ध विभागीय सूचना।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment