बिजली बिल आएगा दुगुना- जल्दी करें ये काम – बिहार में 1 अप्रैल से बिजली बिलिंग की व्यवस्था बदल गई है। अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर वालों को महीने के अंत में मिलने वाले बिल में केवल कुल यूनिट नहीं, बल्कि अलग-अलग समय की गई खपत का पूरा ब्योरा मिलेगा। नई दरों के मुताबिक, दिन में बिजली सस्ती होगी, जबकि शाम में पीक आवर में महंगी मिलेगी। उपभोक्ता अब समय के अनुसार अपनी खपत को मैनेज कर बिजली बिल कम कर सकते हैं। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सबसे सस्ती, जबकि शाम 5 से रात 11 बजे तक सबसे महंगी बिजली मिलेगी।
टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ – कब कितनी दर
| समय | अवधि | दर की स्थिति | प्रति यूनिट दर |
| सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक | 8 घंटे | 20% सस्ती | ₹2.39 |
| रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक | 10 घंटे | सामान्य दर | ₹3.87 |
| शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक | 6 घंटे | 20% महंगी | ₹4.61 |
इसका मतलब है कि अगर आप शाम 5 बजे से रात 11 बजे के बीच ज्यादा बिजली इस्तेमाल करेंगे तो आपका बिजली बिल बढ़ सकता है।
वाशिंग मशीन, मोटर जैसे भारी उपकरण सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच चलाएं और बिल में 20 फीसदी तक की राहत पाएं।
बिल में जुड़ते हैं ये तीन मुख्य शुल्क
- एनर्जी शुल्क : वास्तविक यूनिट खपत का शुल्क।
- इलेक्ट्रिक ड्यूटी : कुल खपत राशि पर 6% टैक्स।
- फिक्स चार्ज : घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति किलोवाट 80 रुपए।
- जुर्माना : स्वीकृत भार से अधिक खपत करने पर फिक्स चार्ज दोगुना।
किसे मिलेगा लाभ, किन पर असर नहीं
- राज्य के 2.22 करोड़ उपभोक्ताओं में से फिलहाल 86 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर यह प्रभावी होगा, जिनके घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं।
- 1.10 करोड़ उपभोक्ता बाहर जिनके घर में अभी तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगे हैं, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा।
- 10 किलोवाट से अधिक वाले जिनके यहां स्मार्ट मीटर नहीं है, लेकिन उनका लोड 10 किलोवाट से अधिक है, तो इसका लाभ मिलेगा।
बिजली की मांग और आपूर्ति का अंतर कम होगा
22 राज्यों में टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू है। इसका उद्देश्य सोलर को बढ़ावा देना है। साथ ही बिजली की खपत की असमानता को रोकना है, ताकि पीक आवर में बढ़ने वाली डिमांड को कंट्रोल किया जा सके। अभी दिन में खपत 4000 मेगावाट और शाम में पीक आवर के दौरान 6000 से 9000 तक पहुंच जाती है। इस कारण बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। इसका बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
सरकार ने यह व्यवस्था क्यों लागू की
बिहार में बिजली की मांग शाम के समय अचानक बढ़ जाती है। अभी स्थिति यह है
- दिन में बिजली खपत लगभग 4000 मेगावाट
- शाम के पीक समय में खपत 6000 से 9000 मेगावाट तक पहुंच जाती है
इस कारण सरकार को बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। उसी खर्च को कम करने के लिए Time Of Day Tariff लागू किया गया है।
देश के कई राज्यों में पहले से लागू
बिहार पहला राज्य नहीं है जहां यह व्यवस्था लागू हुई है।
देश के लगभग 22 राज्यों में टाइम ऑफ डे टैरिफ पहले से लागू है। इसका उद्देश्य है
- सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना
- बिजली की खपत को संतुलित करना
- पीक समय की मांग को कम करना
कैसे देखें अपने स्मार्ट मीटर का बिजली खर्च
अगर आपके घर में स्मार्ट मीटर लगा है तो आप आसानी से अपने बिजली खर्च की जानकारी देख सकते हैं।
तरीका
- अपने मोबाइल में SBPDCL या NBPDCL ऐप डाउनलोड करें
- अपना CA Number या Consumer ID डालें
- लॉगिन करें
- अब Daily Consumption / Billing Details देखें
यहां आपको पता चल जाएगा कि आपने किस दिन और किस समय कितनी बिजली खर्च की।
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